बड़ी खबर - आईटीआई में कार्यरत मेहमान प्रवक्ता महिला बहनों के द्वारा राखी खरीदने के पैसे नही होने के कारण भूपेश सरकार से मांगा अपना लंबित वेतन..... 5 महीनों से नही मिला है वेतन कैसे सजेगी भाईयों के हाँथों में राखी.. पढ़े पूरी खबर -
रायपुर । छत्तीसगढ़ के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में कार्यरत महिला मेहमान प्रवक्ताओं ने सीएम को पत्र लिख कर अपने ऊपर हो रहे आर्थिक शोषण से अवगत कराया, महिला मेहमान प्रवक्ताओं ने अपने पत्र में लिखा है कि उनको कोविड -19 को वेतन आज दिनांक तक अप्राप्त है अर्थात् मार्च 2020 से जुलाई 2020 तक का वेतन नहीं दिया गया है, उन्होंने बताया कि उनका वेतन प्रति माह केवल 10000 रुपय है जिसमे अधिकारियों की नज़र लगी रहती है इस बजह से वेतन समय से नहीं मिलता है,
इस बार 5 महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वो अपने भाइयों के लिए रखिया एवं मिठाईयां खरीद पाए, उन्होंने यह भी कहा है कि सीएम भैया आपके पास रखी भेजने के भी हमारे पास पैसे नहीं है।
एवं भाई से तोहफे के रूप में अपना लंबित वेतन मांगा है। उन्होंने ये भी लिखा है कि इस कोरोना महामारी के समय जहां किसी को नौकरी से प्रथक नहीं किया जाने का आदेश दिया गया था वहीं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के अधिकारी राज्य शासन के आदेश की अवहेलना करते हुए हम मेहमान प्रवक्ताओं को कुछ माह के लिए नौकरी से प्रथक कर रहे है।
जिससे कई परिवारों को को इस कोरोना माहमारी के दौर में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है,
आप को बता दे कि जिन अधिकारियों को लंबित वेतन भुगतान करना है वहाँ अपना पल्ला झाड़ते हुवे एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी मढ़ रहें है संस्थाओं में मार्च महीने में ही वेतन देने के लिए विभाग की कोर से बजट आंबटन कर दिया गया है उसके बाउजूद अधिकारी इसमें चील की नजर गड़ाए हुए अपने अपना जेब भरने के लिए मेहमान प्रवक्ताओं को परेशान कर रहें है।




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