शिक्षा ब्रेकिंग - अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) ने अपनी समस्याओं को लेकर डॉ०राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज संसदीय सचिव को ज्ञापन सौंपा-

अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) ने अपनी समस्याओं को लेकर डॉ०राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज संसदीय सचिव को ज्ञापन सौंपा-

रायपुर । अनियमित होने का पीड़ा झेलते हुए वर्षों से अपनी सेवाएं स्कूलों में दे रहें अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी हैं, सरकार के द्वारा किए गए वादों के अनुसार सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित किये जाने की बात कहीं गई थी ,जिसकी आस लगाए स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) लगातार शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहें है इसके साथ
 ही अति संवेदनशील क्षेत्र में शिक्षा का गुणवत्ता एवं बोर्ड परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार करने वाले अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कहना था कि उनके द्वारा निरंतर बच्चो के जीवन में ज्ञान का दीपक जला रहे हैं. परंतु उसी दीपक के नीचे अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) भविष्य ही अंधकार में है . क्योंकि इस अस्थाई शिक्षकीय सेवा अवधि में शासकीय नौकरी की आयु समाप्त हो रही हैं / व्याख्याता शिक्षक के समान सभी योग्यता पूर्ण होते हुये भी अब- तक नियमितिकरण नही हुआ हैं.
इसके साथ ही कोरोना महामारी के इस कठिन समय में
अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) शिक्षको के परिवार का रोजी-रोटी छीन लिया हैं / इन सभी समस्याओ के संबंध में अतिथि शिक्षको (विद्या मितान) ने डॉ०राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज संसदीय सचिव एवं गौ सेवा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर सरकार के घोषणा पत्र अनुसार नियमितिकरण एवं गत 4 माह से वेतन नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया गया।
इस संदर्भ में माननीय महाराज जी ने सरकार तक उनकी बात पहुंचाने तथा शीघ्र ही नियमितीकरण एवं वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया है जिसके लिये अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ द्वारा उनका आभार प्रकट किया गया।

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