बड़ी खबर - पानी खरीदकर पीने को मजबूर है ग्रामीण, पढ़े पूरी खबर....
बलोद- सभी की मूलभूत सुविधा जल, जमीन, बिजली, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पूति शासन-प्रशासन का मूलमंत्र है जिसकी पूर्ति के प्रशासनिक व्यवस्था कार्य करते है लेकिन विकासखंड के ग्राम पंचायत छेड़िया में निवासरत लगभग 1500 रहवासी भादो माह में पेयजल समस्या से परेशान हो रहे है जिसकी पूर्ति के ग्राम पंचायत द्वारा एक बोर को मासिक किराया लेकर गांव में पेयजल की व्यवस्था कर रहे है वहीं कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष के मानसून में सबसे ज्यादा बारिश गुरूर विकासखंड क्षेत्र में हो रहा है।
यहां के ग्रामीण भगवान सिंह साहू, दीनदयाल, बृजलाल, बेदूराम, पीला सिंग, सुदामा पटेल, गजाराम, प्रभा बाई, महाबली, गेंदी बाई, सुहान बाई, अनुमा बाई, भुनेश्वरी आदि ने बताया कि इस गांव में पेयजल की कमी है। सुबह से सभी महिलाएं पीने की पानी को लेकर लंबी लाइन लगाते है। इस पूरे गांव में पीने की पानी की कमी है। भाठापारा के डबरी के पास एक बोर है जिसमें पानी की कमी होने से आपूर्ति कम होता है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत छेड़िया के सरपंच जया साहू ने बताया कि इस गाॅव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल व्यवस्था की है, यहां पानी की कमी के कारण गांव के किसान एवं उपसरपंच राजेन्द्र साहू के बोर से पाईव लगाकर ग्रामीणों को पीने की व्यवस्था की जा रहा है जिसका प्रतिमाह किराया शुल्क देते हैै। वर्तमान में कोविड-19 संक्रामक के लिए मिले आदेशानुसार पंचायत निधि राशि का उपयोग कर रहे है, इस पंचायत में अन्य निधि का राशि नही है। गांव में समुचित पेयजल व्यवस्था के लिए प्रस्ताव पारित कर विभागीय कार्यालय को सूचना कर चुके है।




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