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 चला होलिका दाई मेर भेंट करे जाई…!  छेना संग जरो देबो अपनो बुराई-कवि- जोहन भार्गव जी   सेंदरी बिलासपुर
भाई-बहनी के मया राखी के धागे कवि अनिल जांगड़े
बिलासपुर जबर हरेली रैली में दिखी छत्तीसगढ़िया युवाओं में जोश... पारंपरिक वेश भूषा में निकली हरेली रैली-
बांस शिल्प...छत्तीसगढ़ी संस्करीति म बांस के बने रोज दिन बौउरे वाला समान- अनिल कुमार पाली
मय तो आदिवासी हंव अमित कुमार  गाड़ाघाट-पाण्डुका
अपने जड़ों की ओर लौटते छत्तीसगढ़िया युवा    देवेंद्र नेताम बैलगाड़ी से गये ब्याहने अपनी दुल्हन
जीवनी सुरुज बाई खाण्डे जी युवा कवि साहित्यकार अनिल कुमार पाली
युवा कवि साहित्यकार अनिल कुमार पाली जी की कविता मोर नोनी चुंचुनिया भाजी..
हमर छत्तीसगढ़ी संस्कृति- छत्तीसगढ़ी संस्करीति म भादो महीना के पोरा तिहार-
कवि अनिल जाॅगडे जी की बढ़ सुग्घर छत्तीसगढ़ी कविता-हमर कतका सुघ्घर खपरा के छानी
दाई बनके हरेली आगे- कवि अनिल जाॅगडे जी के बढ़ सुग्घर कविता, एक घव जरूर पढ़व
     छत्तीसगढ़ संस्करीति के अकती तिहार अक्षय तृतीया 2020
बस्तर का माटी तिहार आदिवासी संस्करीति
छत्तीसगढ़ी संस्करीति म गोदना परंपरा