छत्तीसगढ़_में_गड़रियों_को_मजबूत_कौन_करेगा??

 छत्तीसगढ़_में_गड़रियों_को_मजबूत_कौन_करेगा??




जिस तरह सभी धर्म से मिल कर एक भारत देश बनता है उसी तरह छत्तीसगढ़ के सभी गड़रिया भाइयों से मिल कर गड़रिया समाज बनता है, लेकिन फिर भी जिस तरह अन्य राज्य में गड़रिया समाज के लोग जिस तरह अपनी जाति अपने धर्म के लिए जागरूक है, उसी तरह छत्तीसगढ़ में यहाँ कमी देखने को मिलती है, छत्तीसगढ़ के वर्तमान परिवेश में गड़रियों के गढ़ को देंखे तो अभी केवल सबसे मजबूत रायपुर गढ़ और कुछ एक जिलें होंगे जहाँ सामाजिक मजबूती है, अन्य जिलों में अभी भी केवल खानापूर्ति चल रही है। इस लिए सबसे पहले समाज के प्रत्येक गड़रिया भाइयों का यह दायित्व बनता है कि वह अपने समाज और अपने जिले के गड़रिया बंधुओं को मजबूत करें, और अपने समाज को प्रदेश स्तर पर राजनीति के लिए तैयार करें।

अभी तक हमारे जितने पुरखों ने गड़रिया समाज के लिए अपना रक्त दिया है मैं उनको नमन करता हूं।

#हमारा_मक़सद_तोड़ना_नही_जोड़ना_है।
जय माता अहिल्या.. जय छत्तीसगढ़ महतारी..जोहार छत्तीसगढ़।
जोहार हमर पुरखा मन ल।


युवा कवि साहित्यकार, समाज सेवी
अनिल कुमार पाली, तारबाहर बिलासपुर छत्तीसगढ़
मो.न:- 7722906664

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