//ऑनलाइन लिखित टेस्ट //
*कम्प्यूटर संबंधित प्रश्न उत्तर *
// विषय :- कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर //
अंक- 40 समय- 03 घंटा
एक से पांच तक के प्रश्नों के उत्तर 03 अंक के है।
प्रश्न पांच से दस तक के प्रश्न 5 अंक के है।
सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
1) सॉफ्टवेयर का परिचय लिखिए।
उत्तर क्रमांक 1
परिचय:-कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
परिचय:-कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
2) डिवाइस ड्राइव क्या होता है उस कार्य सहित लिखिए।
उत्तर क्रमांक 2
डिवाइस ड्राइवर:-यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है,जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझाता है।ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इण्टरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह माउस,प्रिण्टर,मांनीटर कीबोर्ड ही हो, उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़े होते हैं। यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है। डिवाइस ड्राइवर निर्देशों का ऐसा समूह होता है जो कम्प्यूटर का परिचय उससे जुडनजु वाले हार्डवेयर्स से करवाता है।
डिवाइस ड्राइवर:-यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है,जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझाता है।ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इण्टरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह माउस,प्रिण्टर,मांनीटर कीबोर्ड ही हो, उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़े होते हैं। यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है। डिवाइस ड्राइवर निर्देशों का ऐसा समूह होता है जो कम्प्यूटर का परिचय उससे जुडनजु वाले हार्डवेयर्स से करवाता है।
3) मॉनीटर में कुछ प्रदर्शित न होने का क्या कारण होता ही?
उत्तर क्रमांक 3
मांनीटर पर दिखाई न देने का कारण यह है कि कि जब मांनीटर पर पावर सप्लाई न होना,मांनीटर पर डार्क दिखाई देना,की कीबोर्ड या माउस का वायर डिला होना आदि के कारण मांनीटर पर कुछ प्रर्दशित नहीं होता है।
मांनीटर पर दिखाई न देने का कारण यह है कि कि जब मांनीटर पर पावर सप्लाई न होना,मांनीटर पर डार्क दिखाई देना,की कीबोर्ड या माउस का वायर डिला होना आदि के कारण मांनीटर पर कुछ प्रर्दशित नहीं होता है।
4) ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट का उदाहरण लिखिए।
उत्तर क्रमांक 4
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट:- कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइट निम्नलिखित हैं
1. www. Sourceforge.net
2 www.opendource.org
3 www.openrdf.org
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट:- कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइट निम्नलिखित हैं
1. www. Sourceforge.net
2 www.opendource.org
3 www.openrdf.org
5) कम्पाइलर के सोर्स कोड की स्थिरता क्या होती है?
उत्तर क्रमांक 5
कम्पाइलर सोर्स कोड की स्थिरता:-ओ.एस.एस.का लाइसेन्स सोर्स को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकते हैं, यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है। लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सांफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
कम्पाइलर सोर्स कोड की स्थिरता:-ओ.एस.एस.का लाइसेन्स सोर्स को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकते हैं, यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है। लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सांफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
5 अंकों वाले प्रश्न
6) ऑपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवाद के कितने प्रकार है?
उत्तर क्रमांक 6
आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवादक तीन प्रकार के होते हैं:-
(1) असेम्बलर:-
इस प्रोग्राम में असेम्बली भाषा में लिखी गई प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है।
(2)कम्पाइलर:-
कम्पाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है।
(3)इण्टरप्रेटर:- किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है।
आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवादक तीन प्रकार के होते हैं:-
(1) असेम्बलर:-
इस प्रोग्राम में असेम्बली भाषा में लिखी गई प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है।
(2)कम्पाइलर:-
कम्पाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है।
(3)इण्टरप्रेटर:- किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है।
7) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर क्या है ? उदाहरण सहिंत लिखिए?
उत्तर क्रमांक 7
यूटिलिटी साफ्टवेयर:- ये साफ्टवेयर कम्प्यूटर के रख रखाव से संबंधित कार्य करते हैं। ये प्रोग्राम्स कम्प्यूटर के कार्यो को सरल बनाने, उसे अशुध्दियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यो के लिए बनाए जाते हैं। ये पैकेज होते हैं जो साफ्टवेयर को इन्स्टांल करते समय कम्प्यूटर में लोड हो जाते हैं।
उदाहरण के लिए, यूटिलिटी प्रोग्राम हमारे फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकते हैं।इसे कम्प्यूटर के डेवलपर द्बारा उपलब्ध कराए जाते हैं।
यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्न हैं
1 टेक्स्ट एडिटर:-- इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जाता है।
(2) डिस्क फ्रेग्मेण्टर:- यह कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हुई फाइलों या पूरी हार्ड डिस्क के कनटकन्टे को वापस रिस्टोर कर देता हैं।
(3) डिस्क क्लीनर्स:- यह उन फ़ाइलों को ढूंढ़कर डिलीट करता है,जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ है।इस प्रकार कम्प्यूटर के गति को तेज करता है।
यूटिलिटी साफ्टवेयर:- ये साफ्टवेयर कम्प्यूटर के रख रखाव से संबंधित कार्य करते हैं। ये प्रोग्राम्स कम्प्यूटर के कार्यो को सरल बनाने, उसे अशुध्दियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यो के लिए बनाए जाते हैं। ये पैकेज होते हैं जो साफ्टवेयर को इन्स्टांल करते समय कम्प्यूटर में लोड हो जाते हैं।
उदाहरण के लिए, यूटिलिटी प्रोग्राम हमारे फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकते हैं।इसे कम्प्यूटर के डेवलपर द्बारा उपलब्ध कराए जाते हैं।
यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्न हैं
1 टेक्स्ट एडिटर:-- इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जाता है।
(2) डिस्क फ्रेग्मेण्टर:- यह कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हुई फाइलों या पूरी हार्ड डिस्क के कनटकन्टे को वापस रिस्टोर कर देता हैं।
(3) डिस्क क्लीनर्स:- यह उन फ़ाइलों को ढूंढ़कर डिलीट करता है,जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ है।इस प्रकार कम्प्यूटर के गति को तेज करता है।
8) हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की मौलिक समस्या एवं उनके समाधान बताइए?
उत्तर क्रमांक 8 हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनका समाधान:-कम्प्यूटर के प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ जटिल तथा कुछ बेहद आसान होती है। जटिल समस्याओं के समाधान के लिए कम्प्यूटर एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है, जबकि आसान समस्याओं के समाधान यूजर स्वंय कर सकते हैं।ऐसी ही कुछ समस्याएं तथा उनके समाधान निम्नलिखित हैं:-
(1) कम्प्यूटर का स्टार्ट न होना:-
समाधान:- इसका सबसे बड़ा कारण कम्प्यूटर में उचित पावर की सप्लाई का न होना है, इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़ी सभी तारो तथा सांकेटो की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए।
(2) कम्प्यूटर का धीमा होना:- समाधान:- कम्प्यूटर की मैमोरी में सर्फेस न होन के कारण यह समस्या उत्पन्न होता है।इसके समाधान के लिए यूज़र को टेम्परेरी फाइल को डिलीट करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउण्ड मे कोई स्कैनिंग या स्टार्ट प्रोग्राम न चल रहा हो।सा में मैमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो जाती है।
(3)प्रिण्टर में समस्या:-प्रिण्टर के इन्सटांलेशन के बाद भी प्रिण्टर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करे कि प्रिण्टर की हरी लाइट आंनद है या नहीं।यदि प्रिण्टरमें आंरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट ब्लिंक करें,तो इसका अर्थ होता है कि प्रिण्टर में पेपर जाम हो गया है या इंक की कोई समस्या है,जिसे ठीक कर देने पर प्रिण्टर ठीक प्रकार से चलेगा।
(1) कम्प्यूटर का स्टार्ट न होना:-
समाधान:- इसका सबसे बड़ा कारण कम्प्यूटर में उचित पावर की सप्लाई का न होना है, इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़ी सभी तारो तथा सांकेटो की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए।
(2) कम्प्यूटर का धीमा होना:- समाधान:- कम्प्यूटर की मैमोरी में सर्फेस न होन के कारण यह समस्या उत्पन्न होता है।इसके समाधान के लिए यूज़र को टेम्परेरी फाइल को डिलीट करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउण्ड मे कोई स्कैनिंग या स्टार्ट प्रोग्राम न चल रहा हो।सा में मैमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो जाती है।
(3)प्रिण्टर में समस्या:-प्रिण्टर के इन्सटांलेशन के बाद भी प्रिण्टर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करे कि प्रिण्टर की हरी लाइट आंनद है या नहीं।यदि प्रिण्टरमें आंरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट ब्लिंक करें,तो इसका अर्थ होता है कि प्रिण्टर में पेपर जाम हो गया है या इंक की कोई समस्या है,जिसे ठीक कर देने पर प्रिण्टर ठीक प्रकार से चलेगा।
9) एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर क्रमांक 9
यह उन प्रोग्रामो का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं जैसे:---कार्यालय के कार्मचारियो के वेतन की गणना करना सभी लेन देन व खातों के हिसाब किताब रखना ,पत्र डाक्युमेण्ट तैयार करने आदि। कम्प्यूटर वास्तव में इन कार्यों के लिए प्रयोग मे लाए जाते हैं।
जैसे:---.एम.एस-वर्ड, एम.एस-एक्सेल ,टैली, पेजमेकर आदि।इन एप्लीकेशन साफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले प्रोग्रामर को एप्लीकेशन प्रोग्रामर कहा जाता है।य सभी प्रोग्राम प्राय: उच्चस्तरीय भाषा में लिखे जाते हैं।
यह उन प्रोग्रामो का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं जैसे:---कार्यालय के कार्मचारियो के वेतन की गणना करना सभी लेन देन व खातों के हिसाब किताब रखना ,पत्र डाक्युमेण्ट तैयार करने आदि। कम्प्यूटर वास्तव में इन कार्यों के लिए प्रयोग मे लाए जाते हैं।
जैसे:---.एम.एस-वर्ड, एम.एस-एक्सेल ,टैली, पेजमेकर आदि।इन एप्लीकेशन साफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले प्रोग्रामर को एप्लीकेशन प्रोग्रामर कहा जाता है।य सभी प्रोग्राम प्राय: उच्चस्तरीय भाषा में लिखे जाते हैं।
10) निम्नलिखत पर टिप्पणी लिखिए।
1) डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर,
2) डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर,
3) प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर,
उत्तर क्रमांक 10
(1) डेस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर:- इन साफ्टवेयरो का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्बारा किया जाता है।इन साफ्टवेयरो का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिण्टिंग तथा आंनस्कक्रीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है। जैसे:----क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(1) डेस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर:- इन साफ्टवेयरो का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्बारा किया जाता है।इन साफ्टवेयरो का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिण्टिंग तथा आंनस्कक्रीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है। जैसे:----क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(2) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम:---व्यवस्थित डेटा का ऐसा समूह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस रिर्टीव तथा फांर्मेट किया जा सके, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाती हैं।
जैसे:--माइक्रोसांफ्ट एक्सेस,कोरल पैराडांक्स आदि।
(3)प्रजेण्टेशन साफ्टवेयर:-अपने विचार,संद सं, अन्य सूचना को एक ऐसा सरल रूप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना, जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझा सके।प्रजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है,ज सूचना को स्लाइड के रुप में प्रर्दशित करता है।ज जैसे:-म--माइक्रोसांफ्ट पावरप्वाइंट,आदि।
नोट:- निर्देशों को ध्यान से पढ़े।
👉सभी उत्तर लिखत में देना है।
👉उत्तर देने के लिए टिप्पणी बॉक्स का प्रयोग करें।
👉उत्तर देते समय उत्तर क्रमांक आवश्यक लिखें।
👉उत्तर देने के बाद अपना नाम जरूर लिखें।





125 Comments
1.उत्तर:- सॉफ्टवेयर, निर्देशों तथा प्रोग्राम्स का वह समूह है जो कम्प्यूटर को किसी कार्य विशेष को पूरा करने का निर्देश देता हैं. यह यूजर को कम्प्यूटर पर काम करने की क्षमता प्रदान करता हैं. सॉफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर हार्डवेयर का एक निर्जीव बक्सा मात्र हैं.
ReplyDeleteSoftware को हाथ से छूआ नहीं जा सकता हैं. क्योंकि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता हैं. यह एक आभासी वस्तु हैं जिसे केवल समझा जा सकता हैं.
*सॉफ्टवेयर के प्रकार-
1.System Software
2.Application Software
3. Utility Software
. System Software
System Software वह Software है जो HARDWARE का प्रबंध एवं नियत्रंण करता है और Hardware एवं Software के बीच क्रिया करने देता है. System Software के कई प्रकार है.
1.1 Operating System
Operating System एक ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम होता है जो अन्य कम्प्यूटर प्रोग्रामों का संचालन करता है. ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर तथा कम्प्यूटर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है. यह हमारे निर्देशो को कम्प्यूटर को समझाता है.
ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण-
Windows OS
Mac OS
Linux
UBUNTU
Android
1.2 Device Drivers
Driver एक विशेष प्रोग्राम होता है जो इनपुट और आउटपुट उपकरणों को कम्प्यूटर से जोड़ता है ताकि ये कम्प्यूटर से संचार कर सके. जैसे Audio Drivers, Graphic Drivers, Motherboard Drivers आदि.
2. Application Software
Application Software को End User सॉफ़्टवेयर कहा जा सकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध यूजर से होता है. इसे ‘Apps’ भी कहते है. Application Software उपयोक्ता को किसी विशेष कार्य को करने कि आजादी देते है. इनके कई प्रकार है.
2.1 Basic Application
Basic Applications को सामान्य उद्देशीय सॉफ़्टवेयर (General Purpose Software) भी कहा जाता है. यह सामान्य इस्तेमाल के सॉफ़्टवेयर होते है. इनका उपयोग हम रोजमर्रा के कार्यों के लिए करते है.
किसी भी कम्प्यूटर उपयोक्ता को कम्प्यूटर पर कार्य करने के लिए Basic Application का इस्तेमाल तो आना ही चाहिए. नीचे कुछ General Purpose Software के नाम दिए जा रहे हैं.
Word processing programs
Multimedia Programs
DTP Programs
Spreadsheet programs
Presentation programs
Graphics applications
Web Design Application
2.2 Specialized Application
Specialized Application को विशेष उद्देशीय सॉफ़्टवेयर (Special Purpose Software) भी कहा जाता हैं. इन सॉफ़्टवेयर को किसी खास उद्देश्य के लिए बनाया जाता है. इनका इस्तेमाल भी किसी कार्य विशेष को करने के लिए होता है. नीचे कुछ विशेष उद्देश्य के लिए बनाये गए प्रोग्राम्स के नाम दिए जा रहे हैं.
3.Utility Programs
Utilities को सर्विस प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है. यह कम्प्यूटर संसाधनों के प्रबंधन तथा सुरक्षा का कार्य करते है. लेकिन, इनका Hardware से सीधा संम्पर्क नही होता है. जैसे, Disk Defragmenter, Anti Virus प्रोग्राम आदि Utility प्रोग्राम है.
*RAHUL
Gaytribala
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 1
परिणाम:-
कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
Hh
ReplyDeleteAns1 कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मसिं है जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती है इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता है इसके लिए इसे उचित आदेश दिया जाता है। यदि ये आदेश न दिया जाए तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होती । चाहे वह कितनी भी उच्च कोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है जैसे कोई अच्छा बजने वाला पियानो तब तक बेकार रहता है जब तक हमारा दिमाग हमारी उंगलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।
ReplyDeleteसॉफ्टवेयर, निर्देशों तथा प्रोग्राम्स का वह समूह है जो कम्प्यूटर को किसी कार्य विशेष को पूरा करने का निर्देश देता हैं. यह यूजर को कम्प्यूटर पर काम करने की क्षमता प्रदान करता हैं. सॉफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर हार्डवेयर का एक निर्जीव बक्सा मात्र हैं. Software को आप अपनी आंखों से नही देख
ReplyDeleteगायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 2
डिवाइस ड्राइवर:-
यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है,जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझाता है।ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इण्टरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह माउस,प्रिण्टर,मांनीटर कीबोर्ड ही हो, उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़े होते हैं। यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है। डिवाइस ड्राइवर निर्देशों का ऐसा समूह होता है जो कम्प्यूटर का परिचय उससे जुडनजु वाले हार्डवेयर्स से करवाता है।
डिवाइस ड्राइवर का फंक्शन
ReplyDeleteहार्डवेयर ड्राइवर एक फाइल का ग्रुप है जो हार्डवेयर को कंप्यूटर की ऑपरेटिंग डिवाइस से कनेक्ट होने में मदद करता है। ड्राइवर की बिना कंप्यूटर के काम नहीं हो पाते जैसे डाटा भेजना वफा ना सही से जैसे के प्रिंटर ड्राइवर द्वारा ही प्रिंटर को डाटा भेजा जाता है तभी प्रिंटर सही से काम कर
Devbati nishad iti magarload उत्तर 1-साफ्टवेयर का परिचय साफ्टवेयर पोगा्मि़ग भाषा में लिखे गए कम्प्यूटर प्रोग्रामो और सम्ंधित डेटा का संग्रह है जो कम्प्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है साफ्टवेयर के विभिन्न हार्डवेयर के बीच समन्वय स्थापित करता है
ReplyDeleteAnswer-01. साफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गयें कम्प्यूटर प्रोग्रामो और संबंधित डेटा का एक संग्रह है ,जो कम्प्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है। साफ्ट वेयर कम्प्यूटर के विभिन्न हार्डवेयरो के बीच समन्वय स्थापित करता है, जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके।इसका प्राथमिक उद्देश्य डेटा को सूचना में परिवर्तित करना है। साफ्ट वेयर के निर्देशो के अनुसार ही हार्ड वेयर कार्य करता है। इसे प्रोग्रामो का समूह भी कहते हैं।
ReplyDelete3.उत्तर :- मॉनिटर चेक करें :कंप्यूटर को सम्पूर्ण रूप से चालू करें और यह सुनिश्चित करें की कंप्यूटर पूरी तरह से पॉवर मिल रहा है या नहीं |
ReplyDeleteअगर ऐसे में कंप्यूटर ऑन नहीं हो रहा है तो यह वास्तव में यह सिर्फ विंडोज में स्टैंडबाय / स्लीप या हाइबरनेट पावर सेविंग मोड से शुरू होने वाली समस्याएं हैं
CMOS क्लियर करें।
देखें कि पावर केबल अच्छी तरह से लगा है कि नहीं
स्क्रीन सेवर तो सेट नहीं है।
RAM निकल कर अच्छे से साफ करके लगाएं।
*Rahul
4.उत्तर:-ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइटें (Websites Supporting Open Source Software)
ReplyDeleteऐसी बहुत सी वेबसाइटें हैं, जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है। कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके, उसमे परिवर्तन करने के बाद उसकी कॉपियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइटें निम्नलिखित हैं
www.sourceforge.net
www.opensource.org
www.openrdf.org
*RAHUL
गायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 3
मांनीटर पर दिखाई न देने का कारण यह है कि कि जब मांनीटर पर पावर सप्लाई न होना,मांनीटर पर डार्क दिखाई देना,की कीबोर्ड या माउस का वायर डिला होना आदि के कारण मांनीटर पर कुछ प्रर्दशित नहीं होता है।
Devbati nishad iti magarload---ans: 2 -- Divice drive ak vishesh prakar ke software hai Jo kisi yukti ke operation ko samjhata hai ye software kisi yukti tedha upyogkarta ke madhay. Enter fes ka kary karte hai kisi bhi Divice ko sucharu rup se chalane ke liye chahe vah printer mause monitor .ya kibord hi ho
ReplyDeleteAns-1 साफ्टवेयर का परिचय- साफ्टवेयर एक ऐसी यन्त्र है जो बड़े बड़े मशीनों को चलाने के लिए प्रयोग किया जाता है । साफ्टवेयर के बिना कोई काय नहीं किया जाता है । इसका प्रथमिक उद्देश्य डेटा को सूचना मैं परिवर्तित करना है ans-2 डिवाइस ड्राइवर यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य करता है । किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वहां पिणटर माउस मांनीटर या कीबोर्ड ही हो उनके साथ ड्राइवर जुड़ा होता है। Ans-3 मांनीटर पर कुछ पदशित न होने के कारण निम्न हैं मांनीटर पर कुछ दिखाई नहीं देना एक बहुत साधारण समरया है इस सामरया के सामाधान के लिए यूजर द्धारा यह जांचा जाना चाहिए कि मांनीटर में पावर सप्लाई है या नहीं। इसके अतिरिक्त मेन्यू बटन की सहायता से मानीटर की ब्राइटनेस तथा कणटारट लेवल भी जांच लेनी चाहिए क्योंकि काई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मानीटर पर दिखाई देना कम हो जाता है। साथ ही यूजर को कीबोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिलाकर भी देख लेना चाहिए क्योंकि काई बार रकीनसेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी रिथति सामने आ जाती है।
ReplyDeleteIndrani sahi ,1ans - साफ्टवेयर का परिचय _ साफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए कम्प्यूटर प्रोग्रामो और सम्बंधित डेटा का एक संग्रह है, जो कम्प्यूटर को यह बताने के लिए निदैश प्रदान करता है कि कया और कैसे करना है। साफ्टवेयर कम्प्यूटर के विभिन्न हायवेयरो के बीच समन्वय स्थापित करता है, ताकि किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके। इसका प्राथमिक उद्देश्य डेटा को सूचना में परिवर्तित करना है। साफ्टवेयर के निर्देशो के अनुसार ही हार्डवेयर कार्य करता है। इसे प्रोगामो का समूह भी कहते हैं।
ReplyDeleteगायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 4
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट:-
कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइट निम्नलिखित हैं
1. www. Sourceforge.net
2 www.opendource.org
3 www.openrdf.org
5.उत्तर :- एक Compiler एक software program होता है जो की transform करता है high-level source code को जो की एक developer के द्वारा लिखा गया है एक high-level programming language में उसे एक low level object code (binary code अर्थात 1:0) machine language में, और जिसे की Processor के द्वारा आसानी से साझा किया जा सके. इस प्रक्रिया को जिसमें high-level programming को machine language में बदला जाता है उसे Compilation कहा जाता है.
ReplyDelete*Rahul
(उत्तर कृमांक _01) सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामों और संबंधित डाटा का संग्रह है जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर रो के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके इसका प्राथमिक उद्देश्य बेटा को सूचना में परिवर्तित करना है सॉफ्टवेयर के निर्देशों के अनुसार ही हार्डवेयर कार्य करता है इसे प्रोग्रामों का समूह भी कहते हैं।
ReplyDeleteRoma Patel
ReplyDeleteAnsno 1
सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामों और संबंधित डेटा का एक संग्रह है जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करता है सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके इस का प्राथमिक उद्देश्य डाटा को सूचना में परिवर्तित करना के निर्देश के अनुसार ही हार्डवेयर कार्य करता है इसे प्रोग्रामों का समूह कहते हैं
उत्तर 02- डिवाइस ड्राइव:-यह एक विशेष प्रकार का साफ्ट वेयर होता है, जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझाता है। ये साफ्ट वेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर ,माउस, मानीटर या कीबोर्ड ही हो ,उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है। यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशो को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है। डिवाइस ड्राइवर निर्देशो का ऐसा समूह होता है जो हमारे कम्प्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयर से करवाता है।
ReplyDeleteगायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 5
कम्पाइलर सोर्स कोड की स्थिरता:-
ओ.एस.एस.का लाइसेन्स सोर्स को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकते हैं, यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है। लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सांफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
Indrani sahu 2-device driver -यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है, जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझाता है। ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह पिणटर ,माउस ,मानीटर या की बोर्ड ही हो , उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है। यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशो को कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है। डिवाइस ड्राइवर निदैशो का ऐसा समूह होता है जो हमारे कम्प्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हाडवेयरो से करवाता है।
ReplyDelete6.उत्तर:- भाषा अनुवादक
ReplyDeleteये ऐसे प्रोग्राम हैं, जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे गए प्रोग्रामों का अनुवाद कंप्यूटर की मशीनी भाषा में करते हैं। प्रोग्रामों का अनुवाद कराना इसलिए आवश्यक होता है कि कंप्यूटर केवल अपनी मशीनी भाषा मे लिखे हुए प्रोग्राम का ही पालन कर सकता है।
भाषा अनुवादकों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा गया है-
1 असेम्बलर - यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को पड़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है। असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता है।
2 compiler- यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है कंपाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे एक या अधिक मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है। प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा के लिए एक अलग कंपाइलर की आवश्यकता होती है.
3.interpreter- यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परंतु यह एक बार में सोच प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कर आता है इनका पालन हो जाने के बाद ही वह सोर्स प्रोग्राम के अगले कथन का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है। मूलतः कंपाइलर और इंटरप्रेटर का कार्य समान होता है अंतर केवल यह है कि कंपाइलर जहां ऑब्जेक्ट प्रोग्राम बनाता है वही इंटरप्रेटर कुछ नहीं बनाता इसलिए इंटर प्रिंटर का उपयोग करते समय हर बार सोर्स प्रोग्राम की आवश्यकता पड़ती है।
Rahul
(उत्तर क्रमांक 2) यह एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जो किसी युक्ति के ऑपरेशन को समझाता है यह सॉफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोग करता के मध्य इंटर प्रेस का कार्य करते हैं।
ReplyDeleteउदाहरण:-किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर माउस मॉनिटर यह कीबोर्ड ही हो उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है यह ऑपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों को कंप्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है डिवाइस ड्राइवर निर्देशों का ऐसा समूह होता है जो हमारे कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयर से करवाता है।
Roma Patel
ReplyDeleteAnd no 7
यह प्रोग्राम कंप्यूटर के रखरखाव से संबंधित कार्य करते हैं यह प्रोग्राम कंप्यूटर को के कार्यों को सरल बनाने उसे उसे अशुद्धियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते हैं यह पैकेज होते हैं जो सॉफ्टवेयर को स्टार्ट करते समय कंप्यूटर में लोड हो जाता है यहां कुछ ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते परंतु जिन की आवश्यकता हमें बार-बार होती है यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कहीं ऐसे कार्य करता है जो कंप्यूटर का उपयोग करते समय हमें करने पड़ते हैं उदाहरण के लिए यूटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस का पर ले जाने का कार्य कार सकता है यह सिस्टम सॉफ्टवेयर के अनिवार्य भाग होती है परंतु सामान्य उसके साथ ही प्रयोग किए जाते हैं कंप्यूटर के द्वारा
1 टेक्स्ट एडिटर यह कैसा प्रोग्राम होता है जो जो ट्रैक्टर फाइलों को क्रिएट और उनके एडिट की सुविधा देता है इसका उपयोग केवल टेस्ट टाइप करने या किसी प्रोग्राम के लिए डाटा तैयार करने में किया जाता है
2डिसक
1- साफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गये computer प्रोग्रामो और सम्बन्धित डेटा का एक संग्रह हैं साफ्टवेयर computerके विभिन्न hardware के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके।
ReplyDeleteRoshani dhruw
Hh
ReplyDeleteAns-4 ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता है जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। साफ्टवेयर के सोर्स कोड को माडीफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में ममद कर सकते हैं ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कम्प्यूटर साफ्टवेयर का उसके डेवलपर जिसने उस साफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सावरजनिक तौर पर सभी को उस साफ्टवेयर को पढ़ने उसमें मांडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है । लाइनक्स ओपन सोर्स आपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है। यह यूनिट्स लाइक आपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है। Ans-5 कम्पाइल के सोर्स कोड की रिथरता ओ.एस.एस.का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है लाइसेंस को रुप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए साफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
ReplyDelete7.उत्तर:- यूटिलिटी सॉफ्टवेयर
ReplyDeleteयह कुछ ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते परंतु जिन की आवश्यकता हमें बार-बार पड़ती है यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कई ऐसे कार्य करता है जो कंप्यूटर का उपयोग करते समय हमें कराने पड़ते हैं उदाहरण के लिए यूटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइलों का बैकअप किसी बाहरी भंडारण साधन पर लेने का कार्य कर सकता है यह सिस्टम सॉफ्टवेयर के अनिवार्य भाग नहीं होते परंतु सामान्यतया उसके साथ ही प्रयोग किए जाते हैं और कंप्यूटर के निर्माताओं द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्न प्रकार है
(I) टेक्स्ट एडिटर- यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो टेक्स्ट फाइलों के निर्माण और उनके संपादन की सुविधा देता है इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डाटा तैयार करने में किया जाता है इस टेक्स्ट को फाइलों के रूप में भी स्टोर किया जा सकता है और बाद में कभी भी सुधारा जा सकता है विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में नोटपैड एक ऐसा ही प्रोग्राम है।
(II) फाइल सोर्टिंग प्रोग्राम- यह से प्रोग्राम होते हैं जो किसी डाटा फाइल के रिकार्डों को हमारे किसी इच्छित क्रम में लगा सकते हैं फाइल को छठ ना इसलिए आवश्यक होता है जिससे उसमें किसी विशेष सूचना को ढूंढना संभव हो सके
(III) डाटा सिलेक्शन प्रोग्राम- ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो किसी डाटा फाइल में से हमारे रुचि के रिकॉर्ड अलग करने में सहायक होते हैं ऐसे रिकार्डो का चयन किसी विशेष सूचना के मानव के आधार पर किया जाता है.
(IV) डिस्का मैनेजमेंट प्रोग्राम- जैसे प्रोग्राम होते हैं जो हार्ड डिस्क आप और फाइलों को इस प्रकार व्यवस्थित करते हैं कि उस पर अधिक से अधिक भाइयों को स्टोर करना संभव हो सके तथा डिस्क aakash स्पेस बेकार ना जाए डिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम फाइलों को संकुचित करके स्टोर करने का भी कार्य करता है जिससे इस स्थान की बचत होती है
Rahul
गायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 6
आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवादक तीन प्रकार के होते हैं:-
(1) असेम्बलर:-
इस प्रोग्राम में असेम्बली भाषा में लिखी गई प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है।
(2)कम्पाइलर:-
कम्पाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है।
(3)इण्टरप्रेटर:- किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है।
Indrani sahu 3-मानीटर पर कुछ पदशित न होना :-समाधान मानीटर पर कुछ दिखाई न देना एक बहुत साधारण समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए यूजर दारा यह जांचा जाना चाहिए कि मानीटर में पावर सप्लाई है या नहीं। इसके अतिरिक्त मेन्यू बटन की सहायता से मानीटर की ब्राइटनेस तथाcontrast लेवल भी चेक कर लेना चाहिए , क्योंकि कर
ReplyDeleteकई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मानीटर पर दिखाई देना कम हो जाता है। साथ ही यूजर को की बोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिला कर भी देख लेना चाहिए, क्योंकि इस बार स्कीन सेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति समाने आ जाती है।
Jiteshwari dewangan
ReplyDeleteRoma Patel
ReplyDeleteAnsno 6
यहां कुछ विशेष प्रोग्राम समूह है जो किसी कंप्यूटर के संपूर्ण क्रियाकलाप को नियंत्रित करता है ऑपरेटिंग सिस्टम विशेष सेवाएं देने वाले प्रोग्राम ओं का मशीनी भाषा के अनुवाद करता है और उपयोगकर्ता की इच्छा के अनुसार आउटपुट प्रदान करता है एमएस डॉस विंडोज यूनी यूनिक लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम
2 भाषा अनुवाद ऐसी प्रोग्राम है जो विभिन्न प्रोग्राम भाषाओं में लिखे गए प्रोग्राम ओं का अनुवाद कम कंप्यूटर की मशीनी भाषा में करता है क्योंकि कंप्यूटर केवल अपनी भाषा में लिखे हुए प्रोग्राम क का ही पालन करता है भाषण वादों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा गया है
1 असेंबलर यह एक ऐसा प्रोग्राम है जो असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्रामों को पड़ता है और उसका अनुवाद मशीन भाषा में कर देते है असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहते हैं और मशीनी भाषा के अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होते हैं उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहां जाता है
2 कंपाइलर कैसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है
3 इंटर प्रिंटर यहां भी किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्राम भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनु वाद मशीन मैं करता है परंतु यहां एक बार मैं सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को ऐसी भाषा में अनुवाद करता है और उसका पालन करता है मूलता कंपास और इंटर प्रिंटर का कार्य समान होता है
Jiteshwari dewangan
ReplyDeleteAns-6 आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवाद निम्न प्रकार के हैं -भाषा अनुवाद -ये ऐसे प्रोगाम है जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे गए प्रोग्रामों का अनुवाद कम्प्यूटर की मशीनी भाषा में करते हैं । असेम्बलर -यह एक ऐसा प्रोगाम होता है जो असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्रामों को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है असेम्बली भाषा में लिखे प्रोगाम को सोर्स प्रोगाम कहा जाता हैं। 2 कम्पाइल- यह एक ऐसा प्रोगाम होता है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोगाम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है । 3 इण्टर पेटर- यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोगाम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है
ReplyDeleteJiteshwari dewangan
ReplyDeleteDevbati nishad iti magarload---ans 3 --- मांनीटर पर कुछ पदशित न हो ने के कारण मानीटर पर कुछ दिखाई नहीं देना एक बहुत साधारण समस्या है । इस के समाधान के लिए यूजर द्वारा यह जांचा जाना चाहिए कि मांनीटर में पावर सप्लाई है कि नहीं। इसके अलावा मेन्यू बटन कि सहायता से मांनीटर कि ब्राइटनेस तथा कण्टासट लेवल भी जांच लेना चाहिए। क्योंकि के बार इनके ज्यादा डॉकृ होने पर मांनीटर पर दिखाई देना कम हो जाता है।
ReplyDeleteJiteshwari dewangan
ReplyDeleteJiteshwari dewangan
ReplyDeleteIndrani sahu -4 ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइटे :- ऐसी बहुत सी वेबसाइटें है, जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है। कोई भी वेबसाइट डाउनलोड करके , उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइटें निम्नलिखित हैं
ReplyDelete१ www.sourceforge. net
2 www. Open source .org
3 www. Openrdf. Org
Roma Patel
ReplyDeleteAnd no9
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यहां ऊंट समूह है जो वास्तविक कार्य के लिए लिखे जाते हैं जैसे कार्य नए के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना स सभी लेनदेन हुआ हाथों का हिसाब किताब रखता है विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना स्टॉक की स्थिति का विवरण दे तैयार करना अभी यह काम करती है कंपनी या उपयोग के लिए अलग-अलग प्रकार के होते हैं इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्राम द्वार लिखो जाते हैं हां ला की ऐसे प्रोग्राम सामान्य पर सबके लिए एक लिखे हुए भी आते हैं जिसे रेडी में मेट सॉफ्टवेयर जैसे एम एस वर्ड एमएस एक्सेस टेलिफोटो आदि एप्लीकेशन सांप वियर को डिजाइन करने वाले प्रोग्रामर को ए पी ली किशन प्रोग्रामर कहां जाती है यह सभी प्रोग्राम प्राया भाषा में लिखे जाते हैं एप्लीकेशन सहयोग करने वाले यूजर एप्लीकेशन प्रयोग करता कहलाती हूं
Devbati nishad iti magarload---ans 4 ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाले वेबसाइट ऐसा बहुत सी वेबसाइट है जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइट निम्न प्रकार से है
ReplyDelete1www. Sourceforget .net
2 www. Open source .org
3 www . openrdf.org
गायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 7
यूटिलिटी साफ्टवेयर:-
ये साफ्टवेयर कम्प्यूटर के रख रखाव से संबंधित कार्य करते हैं। ये प्रोग्राम्स कम्प्यूटर के कार्यो को सरल बनाने, उसे अशुध्दियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यो के लिए बनाए जाते हैं। ये पैकेज होते हैं जो साफ्टवेयर को इन्स्टांल करते समय कम्प्यूटर में लोड हो जाते हैं।
उदाहरण के लिए, यूटिलिटी प्रोग्राम हमारे फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकते हैं।इसे कम्प्यूटर के डेवलपर द्बारा उपलब्ध कराए जाते हैं।
यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ उदाहरण निम्न हैं
1 टेक्स्ट एडिटर:-- इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जाता है।
(2) डिस्क फ्रेग्मेण्टर:- यह कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हुई फाइलों या पूरी हार्ड डिस्क के कनटकन्टे को वापस रिस्टोर कर देता हैं।
(3) डिस्क क्लीनर्स:- यह उन फ़ाइलों को ढूंढ़कर डिलीट करता है,जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ है।इस प्रकार कम्प्यूटर के गति को तेज करता है।
Shivani sahu
ReplyDelete2-डिवाइस driver एक विशेष प्रकार का software होता हैं, जो किसी device के आपरेशन को समझता हैं। डिवाइस driver निदेशों का ऐसा समूह होता हैं जो हमारे Computer का परिचय उससे जुडने वाले hardware से करवाता है। ये software किसी device तथा उपयोगकर्ता के मध्य इनटरफेस का कार्य करते हैं।
ReplyDeleteAnsno 8
ReplyDeleteहार्डवेयर सॉफ्टवेयर की मालिक समस्या तथा उनके समाधान निम्नलिखित है कंप्यूटर का प्रयोग करते समय प्रत्येक यूज़र का बिना समस्या का सामना करना पड़ता है ऐसी ऐसी कुछ समस्या तथा उनके समाधान में लिखें
1 कंप्यूटर का स्टार्ट ना होना
समाधान इसका सब सा बड़ा कारण कंप्यूटर में उचित पावर की सप्लाई ना होना इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कंप्यूटर से जुड़ी हुई तारों तथा सर्केटो को ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए
2 मॉनिटर पर कुछ प्रदर्शित ना होना समाधान मॉनिटर पर कुछ दिखाई ना देना एक बहुत समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर द्वारा यहां जा जा जाना चाहिए कि मॉनिटर में पावर सप्लाई है या नहीं
3 कंप्यूटर का धीमा होना समाधान कंप्यूटर की मेमोरी में स्पेस कम होना या स्पेस ना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है
4 किसी सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन के बाद भी ना चलना समाधान किसी सॉफ्टवेयर को स्टार्ट करने के बाद भी ना चलना एक समस्या है कारण यह भी हो सकता है कि वह सॉफ्टवेयर का कोई नया अपडेट या वर्जन ना हो
5 प्रिंटर में समस्या समाधान प्रिंटर के स्टेशन के बाद भी प्रिंटर के ना चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए की प्रिंटर की हरी लाइट ऑन है या नहीं मेरे प्रिंटर में ऑरेंज रंग की लाट जल रही है या लाइट बलिक है करें तो इसका अर्थ होता है कि प्रिंटर में पेपर जाम हो गया है अथवा कॉटेज की कोई समस्या है जिसे ठीक कर देने पर प्रिंटर ठी प्रकाश चलेगा
8.उत्तर:- हार्डवेयर सॉफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनके समाधान
ReplyDeleteComputer का प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ समस्याएं जटिल तथा कुछ बेहद आसान होती हैं। जटिल समस्याओं के समाधान के ,लिए कंप्यूटर एक्सपर्ट्स की आवश्यकता होती है जबकि आसान समस्याओं का समाधान योजना भी कर सकता है। ऐसी ही कुछ समस्याएं तथा उनके समाधान अग्र लिखित हैं-
(i) Computer का स्टार्ट ना हो ना -
समाधान इसका सबसे बड़ा कारण कंप्यूटर में उचित पावर सप्लाई का ना होना है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कंप्यूटर से जाने वाली सभी तारों तथा sockets की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए.
(ii) मॉनिटर पर कुछ प्रदर्शित ना होना
समाधान मॉनिटर पर कुछ दिखाई ना देना एक बहुत साधारण समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर द्वारा यह जांच आ जाना चाहिए कि मॉनिटर में पावर सप्लाई है या नहीं इसके अतिरिक्त में न्यू बटन की सहायता से मॉनिटर की ब्राइटनेस तथा कंट्रास्ट लेवल भी चेक कर लेना चाहिए क्योंकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मॉनिटर पर कुछ दिखाई देना कम हो जाता है साथ ही यूजर को कीबोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिला कर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति सामने आ जाती है।
(iii) कंप्यूटर का धीमा होना
समाधान कंप्यूटर की मेमोरी में स्पेस कमियां स्पेस ना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है इसके समाधान के लिए यूजर को टेंपरेरी फाइल्स को डिलीट करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउंड में कोई स्कैनिया स्टार्टअप प्रोग्राम ना चल रहा हो साथ में मेमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो जाती है
किसी सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन के बाद भी ना चलना
समाधान किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के बावजूद भी उसका ना चलना एक बहुत सामान्य समस्या है इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि उस सॉफ्टवेयर का कोई नया अपडेटेड वर्जन बाजार में उपलब्ध हो यदि किसी सॉफ्टवेयर के इंस्टॉलेशन के बाद से कंप्यूटर के चलने में कोई परेशानी होती है तो उस सॉफ्टवेयर को अनइनस्टॉल कर देना चाहिए इसके अतिरिक्त किसी प्रोग्राम के इंस्टॉलेशन के बाद बूटिंग में परेशानी होने पर सेफ मोड में जाकर बूटिंग करना चाहिए
(V) प्रिंटर में समस्या
समाधान प्रिंटर के इंस्टॉलेशन के बाद भी प्रिंटर के ना चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रिंटर की हरी लाइट ऑन है या नहीं अगर प्रिंटर में ऑरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट बिलिंग करें तो इसका अर्थ होता है कि प्रिंटर में पेपर जाम हो गया है अथवा इंक या काट्रिज की कोई समस्या है जिसे ठीक कर देने पर प्रिंटर ठीक प्रकार से चलेगा
(Vi) Computer का बिना किसी चेतावनी के बंद होना या रीस्टार्ट होना
समाधान इस समस्या का एक कारण RAM का अपनी जगह से हिलना या सीपीयू के पंखे का बंद हो जाना हो सकता है। इसके अतिरिक्त ढीले तारों के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है इन समस्याओं को यूजर द्वारा ठीक करने पर कंप्यूटर पहले की तरह कार्य करने लगेगा।
*Rahul
Devbati nishad iti magarload---ans 5 कम्पाइलर के सोसृ कोड कि सिथरता । ओ एस एस का लाइसेंस सोसृ कोड को केवल संसोधित रूप में परिवर्तिन होने से प्रतिबंधित कर सकते हैं । यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संसोधित करने के उद्देश्य से सोसृ कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है साफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी दे नहीं चाहिए।
ReplyDelete1---मनुष्य या समूह के विरोध निर्णय नहीं
2पयास के क्षेत्र के विपरित बाध्य नहीं।
Devbati nishad iti magarload---ans 4 ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाले वेबसाइट ऐसा बहुत सी वेबसाइट है जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइट निम्न प्रकार से है
ReplyDelete1www. Sourceforget .net
2 www. Open source .org
3 www . openrdf.org
Ans-7 यूटिलिटी साफ्टवेयर -ये प्रोगाम कम्प्यूटर के रख -रखाव से सम्बंधित कार्य करते हैं । आपरेटिंग सिस्टम चलाना है सिरटम साफ्टवेयर आपरेटिंग सिस्टम के अन्दर आता है एप्लिकेशन इन दोनों का मिला-जुला यूटिलिटी साफ्टवेयर कहलाता हैं। जिसमें सभी प्रकार के गुण होते हैं ऐसे साफ्टवेयर जिनका उपयोग कम होता है । यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उदाहरण है -1 एंटीवायरस -ये ऐसे यूटिलिटी प्रोगाम है जिनका प्रयोग कम्प्यूटर में वायरस ढूंढने और उन्हें डिलीट करने में होता है 2फाइल सांटिग प्रोगाम-ये ऐसे प्रोगाम होते हैं, जो किसी डेटा फाइल के रिकॉर्डो को हमारे किसी इच्छित कम में लगा सकते हैं। 3डेटा सिलेक्शन प्रोगाम -ये ऐसे प्रोगाम होते हैं जो किसी डेटा फाइल में से हमारी रूचि के रिकार्ड को अलग करने में सहायक होते है ऐसे रिकार्ड का चयन किसी विशेष सूचना के मानों के आधार पर किया जाता है 4बैक अप यूटिलिटी -यह कम्प्यूटर की डिरक पर उपस्थित सभी सूचना की एक कांपी रखता है
ReplyDeleteAns-7 यूटिलिटी साफ्टवेयर -ये प्रोगाम कम्प्यूटर के रख -रखाव से सम्बंधित कार्य करते हैं । आपरेटिंग सिस्टम चलाना है सिरटम साफ्टवेयर आपरेटिंग सिस्टम के अन्दर आता है एप्लिकेशन इन दोनों का मिला-जुला यूटिलिटी साफ्टवेयर कहलाता हैं। जिसमें सभी प्रकार के गुण होते हैं ऐसे साफ्टवेयर जिनका उपयोग कम होता है । यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उदाहरण है -1 एंटीवायरस -ये ऐसे यूटिलिटी प्रोगाम है जिनका प्रयोग कम्प्यूटर में वायरस ढूंढने और उन्हें डिलीट करने में होता है 2फाइल सांटिग प्रोगाम-ये ऐसे प्रोगाम होते हैं, जो किसी डेटा फाइल के रिकॉर्डो को हमारे किसी इच्छित कम में लगा सकते हैं। 3डेटा सिलेक्शन प्रोगाम -ये ऐसे प्रोगाम होते हैं जो किसी डेटा फाइल में से हमारी रूचि के रिकार्ड को अलग करने में सहायक होते है ऐसे रिकार्ड का चयन किसी विशेष सूचना के मानों के आधार पर किया जाता है 4बैक अप यूटिलिटी -यह कम्प्यूटर की डिरक पर उपस्थित सभी सूचना की एक कांपी रखता है
ReplyDeleteRoma patel
ReplyDeleteAnd no 3
मॉनिटर पर कुछ प्रदर्शित ना होना एक बहुत बड़ी समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर द्वारा यहां जांच किया जाना चाहिए कि मॉनिटर में पावर सप्लाई है या नहीं इसके अतिरिक्त मेनू बटन की सहायता से मॉनिटर की ब्राइटनेस तथा कंस्ट्रक्शन लेवा भी जांच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इसके ज्यादा डार्क होने पर भी मॉनिटर पर दिखाई देना कम हो जाता है साथ ही यूज़र को की बोर्ड पर कछु टाइप करा कर या मांस को हिला कर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्री स्क्रीन सेवर के सेठ को हो जाने पर भी ऐसी ही स्थिति आ जाती है
Devbati nishad iti magarload---ans 6 ओपरेटिंग सिस्टम के भाषा अनुवाद के तीन प्रकार हैं।
ReplyDelete1असेम्बलर ------यह एक ऐसा प्रौगाम होता है जो असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को पढ़ता है।उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है।असे असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोसृ प्रोग्राम कहा जाता है।
2--कम्पाइलर यह ऐसा प्रौगाम होता है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय पोगामिग भाषा में लिखे गए सोस् प्रोगाम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है।
Answer 05:-कम्पालर के सोर्स कोड की स्थिरता- oss का लाईसेंस सोर्स कोड को केवल संशो धित रुप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है,यदि लाईसेंस सॉफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उददेश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फ़ाइल के वितरण की भी अनुमति देता है।लाईसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाये गये सॉफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
ReplyDeleteLochan sahu
Roma Patel
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 3
कंपाइलर के शोर सब कोर्ट की स्थिति एस एस का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में विकसित होने से प्रतिबंध कर सकता है यदि लाइसेंस सॉफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करना का उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति दें सकता है लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित कोड बनावा गए सॉफ्टवेयर के वितरण की अनु मती भी दानी चाहिए
9.उत्तर:- एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
ReplyDeleteयह उन प्रोग्रामों का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं जैसे- कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेनदेन व खातों का हिसाब किताब रखना, विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना स्टॉक की स्थिति का विवरण देना, पत्र डॉक्यूमेंट तैयार करना आदि Computer वास्तव में इन कार्यों के लिए ही प्रयोग में लाए जाते हैं
यह काम प्रत्येक कंपनी या उपयोगकर्ता के लिए अलग-अलग प्रकार के होते हैं इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार इनके लिए प्रोग्राम हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्रामर द्वारा लिखे जाते हैं। हालांकि ऐसे प्रोग्राम सामान्य तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखे हुए भी आते हैं जिन्हें रेडीमेड सॉफ्टवेयर या पैकेज कहा जाता है जैसे एमएस वर्ड ,एम एस एक्सेल ,टैली, कोरल ड्रा, पेजमेकर ,फोटोशॉप आदि। इन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले प्रोग्रामर को एप्लीकेशन प्रोग्रामर कहा जाता है यह सभी प्रोग्राम प्रायः उच्च स्तरीय भाषा में लिखे जाते हैं इन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने वाले यूजर एप्लीकेशन प्रयोग करता कहलाते हैं
सामान्यता एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं-
(i) सामान्य उद्देश्य की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर-
प्रोग्रामों का वह समूह जिन्हें यूजर अपनी आवश्यकतानुसार अपने सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उपयोग करते हैं सामान्य उद्देश्य के सॉफ्टवेयर कहलाते हैं जैसे -ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर जिसके प्रयोग द्वारा यूजर निर्मित डाटा का चित्र पूर्ण ग्राफिक्स का प्रस्तुतीकरण करता है। यह सॉफ्टवेयर विशेष कार्यों से संबंधित होते हैं परंतु इनका उद्देश्य केवल सामान्य कार्य करने के लिए होता है। जिस कारण यह सॉफ्टवेयर लगभग हर क्षेत्र हर संस्था तथा हर कार्यालय में दैनिक रूप से उपयोग में लाए जाते हैं।
सामान्य उद्देश्य के सॉफ्टवेयर का विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग निम्नवत है-
*कंप्यूटर आधारित डिजाइन
*सूचना संचार
* डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली
* ग्राफिक्स प्रयोग
*शब्द संसाधन
* शैक्षिक प्रयोग
* व्यापारिक प्रयोग
(ii) विशिष्ट उद्देश्य के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
प्रोग्रामों का वह समूह जो एक विशेष प्रकार के कार्य को निष्पादित करने के लिए प्रयोग किया जाता है विशिष्ट उद्देश्य के सॉफ्टवेयर कहलाते हैं जैसे होटल प्रबंधन संबंधी सॉफ्टवेयर जिसका प्रयोग होटलों में ग्राहकों की सूचना बुकिंग विवरण बिलिंग विवरण आदि को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। विशिष्ट उद्देश्य के सॉफ्टवेयर का विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग निम्नवत है-
*रेलवे, वायुयान, संग्रहालय के संरक्षण हेतु
* होटल प्रबंधन में
*अस्पतालों में
*स्कूलों में
*लाइब्रेरी में
*RAHUL
Hjjk
ReplyDeleteHjjk
ReplyDeleteगायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 8
हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनका समाधान:-
कम्प्यूटर के प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ जटिल तथा कुछ बेहद आसान होती है। जटिल समस्याओं के समाधान के लिए कम्प्यूटर एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है, जबकि आसान समस्याओं के समाधान यूजर स्वंय कर सकते हैं।ऐसी ही कुछ समस्याएं तथा उनके समाधान निम्नलिखित हैं:-
(1) कम्प्यूटर का स्टार्ट न होना:-
समाधान:- इसका सबसे बड़ा कारण कम्प्यूटर में उचित पावर की सप्लाई का न होना है, इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़ी सभी तारो तथा सांकेटो की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए।
(2) कम्प्यूटर का धीमा होना:- समाधान:- कम्प्यूटर की मैमोरी में सर्फेस न होन के कारण यह समस्या उत्पन्न होता है।इसके समाधान के लिए यूज़र को टेम्परेरी फाइल को डिलीट करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउण्ड मे कोई स्कैनिंग या स्टार्ट प्रोग्राम न चल रहा हो।सा में मैमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो जाती है।
(3)प्रिण्टर में समस्या:-प्रिण्टर के इन्सटांलेशन के बाद भी प्रिण्टर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करे कि प्रिण्टर की हरी लाइट आंनद है या नहीं।यदि प्रिण्टरमें आंरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट ब्लिंक करें,तो इसका अर्थ होता है कि प्रिण्टर में पेपर जाम हो गया है या इंक की कोई समस्या है,जिसे ठीक कर देने पर प्रिण्टर ठीक प्रकार से चलेगा।
10(i).उत्तर DTP एक डिजिटल टेक्नोलॉजी है जिसका उपयोग आज के समय में प्रकाशन के लिए किया जाता है। इसके तीन भाग होते है व्यक्तिगत कम्प्यूटर (PC), डीटीपी सॉफ्टवेयर तथा अच्छी प्रिंटिंग के लिए लेज़र प्रिंटर।
ReplyDeleteDTP Kya Hai
DTP, प्रकाशन (Publishing) की एक आधुनिक तकनीक है जिसका निर्माण James Davis ने 1983 में किया था। इसमें कम्प्यूटरीकृत टाइपिंग के द्वारा कंपोजिंग का कार्य पूरा कर पेज को laser printer से छपा जाता है। आज कल अधिकतर किताबें और पत्र पत्रिकाएँ इसी के माध्यम से छापी जा रही है। इस तकनीक से स्कैनर का प्रयोग कर चित्रों को भी छापा जा सकता है जो पहले संभव नहीं था।
डीटीपी में प्रूफ रीडिंग का कार्य भी स्पेल चेकर के माध्यम से किया जा सकता है जिससे समय की भी बचत होती है। DTP की सहायता से लघु तथा वृहद दोनों स्तर पर प्रकाशन संभव है। इस तकनीक की सहायता से कोई भी व्यक्ति या संगठन कम लागत में ही घर बैठे अपने पर्सनल कंप्यूटर के माध्यम से टाइपिंग और प्रिंटिंग कर सकता है।
ग्राफ़िक डिज़ाइन
यह डेस्कटॉप पब्लिशिंग के उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण उपयोग है। प्रोफेशनल graphics degine डीटीपी के सॉफ्यवेयर जैसे- QuarkXPress, adobe PageMaker और adobe Photoshopका उपयोग न्यूज़ पेपर्स के मुख्य पृष्ठ बनाने में, वेब पेज बनाने में तथा अन्य विज़ुअल डॉक्युमेंटेशन में करते है। डेस्कटॉप पब्लिशिंग के कारण ही आज के समय में ग्राफ़िक डिज़ाइन रोज नई ऊँचाइयों पर पहुँच रही है।
क्राफ्ट्स और पर्सनल प्रोजेक्ट्स
डेस्कटॉप पब्लिशिंग इसके उपयोगकर्ताओं के लिए एक वरदान की तरह है। उपयोगकर्ता पर्सनल कंप्यूटर तथा स्मार्ट फ़ोन में उपस्थित डीटीपी टूल्स का उपयोग करके प्रोजेक्ट्स, पोस्टकार्ड्स, ग्रीटिंग कार्ड्स, आमंत्रण पत्र आदि स्वयं ही बहुत सस्ते रूप में और अपनी पसंद के अनुसार आसानी से बना सकता है।
कार्यस्थलों पर डीटीपी का महत्व
कार्यस्थलों पर Page Layout और Word Processing जैसे सॉफ्टवेयर एम्प्लॉयर्स की पसंद होते है। Brochures, Flyers, Posters, Booklets, News Letters, Business Cards, Letterhead Forms, Financial Documents, HR Documents, Invoices, Inventory Sheets, Memos, and Labels आदि सभी Formats डीटीपी की सहायता से ही बनाये जाते है।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
DTP के उपयोग का सबसे बेहतरीन उदाहरण है इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे- वेब डिजाइनिंग, वेब टाइपोग्राफी आदि। Fontographer, Inkscape, GeoPublish जैसे एप्लीकेशन डेस्कटॉप पब्लिशिंग के उपयोग को और अधिक बेहतर बनाते है।
*Rahul
Indrani sahu 6 आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवादक के प्रकार -
ReplyDelete1 असेम्बलर-यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो असेम्बली भाषा में लिखें गए प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर द
देता हैं। असेम्बली भाषा में लिखें प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है , उसे आब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता हैं।
2 कम्पाइलर - यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर दारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है कम्पाइल सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निदैश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देश में बदल देता है।
3 इण्टर पेंटर - यह भी किसी प्रोग्रामर दारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है, परंतु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और पालन कराया है मूलतः कम्पाइल और इण्टर पेंटर कार्य समान होता है।
Indrani sahu 6 आपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवादक के प्रकार -
ReplyDelete1 असेम्बलर-यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो असेम्बली भाषा में लिखें गए प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर द
देता हैं। असेम्बली भाषा में लिखें प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है , उसे आब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता हैं।
2 कम्पाइलर - यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर दारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है कम्पाइल सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निदैश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देश में बदल देता है।
गायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 9
यह उन प्रोग्रामो का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं जैसे:---कार्यालय के कार्मचारियो के वेतन की गणना करना सभी लेन देन व खातों के हिसाब किताब रखना ,पत्र डाक्युमेण्ट तैयार करने आदि। कम्प्यूटर वास्तव में इन कार्यों के लिए प्रयोग मे लाए जाते हैं।
जैसे:---.एम.एस-वर्ड, एम.एस-एक्सेल ,टैली, पेजमेकर आदि।इन एप्लीकेशन साफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले प्रोग्रामर को एप्लीकेशन प्रोग्रामर कहा जाता है।य सभी प्रोग्राम प्राय: उच्चस्तरीय भाषा में लिखे जाते हैं।
उत्तर क्रमांक :- १
ReplyDeleteसाफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए कम्प्यूटर प्रोग्रामो और सम्बन्धित डेटा का एक संग्रह है, जो कम्प्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है। साफ्टवेयर कम्प्यूटर के विभिन्न हार्डवेयरो के बीच समन्वय स्थापित करता है, जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके।
उत्तर क्रमांक:- २
डिवाइस ड्राइवर यह एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर होता है, जो किसी युक्ति के आपरेशन को समझता है। ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह पिण्टर ,माउस, मानीटर, या कीबोर्ड ही हो , उसके साथ एक ड्राइवर प्रोगाम जुड़ा होता है । यह आपरेटिंग सिस्टम के निर्देशो को कम्प्युटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है।
उत्तर क्रमांक:- ३
मानिटर पर कुछ प्रदर्शित न होना
समाधान मानिकराव पर कुछ दिखाई नहीं देना एक बहुत सधारण समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए यूजर दुलारा यह जांचा जाना चाहिए कि मानिकराव में पावर सप्लाई है या नहीं। इसके अलावा मेन्यू बटन की सहायता से मानिकराव की ब्राइटनेस तथा कण्टास्त लेवल भी जांच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मानिकराव पर दिखाई देना कम हो जाता है।
उत्तर क्रमांक:- ४ ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइटें
ऐसी बहुत सी वेबसाइटें है जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करता है। कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके , उसमें परिवर्तित करने के बाद उसकी कापियां दोबारा वितरित कर सकते हैं। कुछ वेबसाइटें निम्नलिखित है-
१.www.sourceforge.net
2. www. Opensource.org
3.www.openrdf.org
उत्तर क्रमांक:-५
कम्पाइलर के सोर्स कोड की स्थिरता
ओ.एस. एस. का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकते हैं, यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है। लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए साफ्टवेयर के वितरण के अनुमति भी देनी चाहिए।
Jiteshwari dewangan
शिवानी साहू
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक -१
उत्तर-सॉफ़्टवयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गये कम्प्यूटर प्रोग्रामो और सम्बंधित डेटा का एक संग्रह है जो कम्प्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है सॉफ़्टवेयरके विभिन्न हार्डवेयर के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पुरा किया जा सके इसका प्रथमिक उद्देश्य डेटा को सूचना में परिवर्तन करना है। सॉफ़्टवयर के निर्देश के अनुसार ही हार्डवेयर का कार्य होता है। इसे प्रोग्रामो का समूह भी कहा जाता है।
उत्तर क्रमांक -2
उत्तर-यह एक विशेष प्रकार का सॉफ़्टवयर होता है जो किसी युक्ति के ऑपरेशन को समझाता है ये साफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य है। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर माउस मॉ निटअर या कीबोर्ड ही हो उसके साथ एक ड्राइव प्रोग्राम जुडा होता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम के निर्देश को कम्प्यटर के विभन्न भागो के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करती है। डिवाइस ड्राइवर निर्देश का येसा समूह होता है जो हमारे कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयर से करवाता है।
उत्तर क्रमांक ३
उत्तर- समाधान मॉनिटर पर कुछ दिखाई न देना एक बहुत साधारण समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए यूजर द्वारा यह जाचा जाना चाहिए कि मॉनिटर में पावर सप्लाई हैं या नहीं ।इसके अतिरिक्त मेन्यु बटन के सहायता से मॉनिटर के ब्राइटनेस तथा कंट्रास्ट लेवल भी जाच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इससे ज्यादा डार्क होने पर भी मॉनिटर प्र दिखाई देना कम हो जाता है। साथ ही यूजर को कीबोर्ड पर कुछ टाईप करके या माउस को हिला कर देख लेना चाहिए ।क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर के सेट हो जाने पर भी आइसा इश्ठिती सामने आ जाता है।
उत्तर क्रमांक ४
उत्तर- ओपन सोर्स को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट का उदाहरण निम्न है-
(1)WWW.sourceforge .net
(2)WWW.opensource .org
(3) WWW.openrdf .org
उत्तर क्रमांक- ५
उत्तर- ओ. एस. एस. लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप से प्रतिबधित कर सकता है। यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण को भी अनुमति देता है। लाइसेंस को इशपस्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सॉफ़्टवयर के वितरण के अनुमति भी देनी चाहिए।
10(ii)उत्तर:- एक ऐसा Software जो डाटा की Create, Manage, Control, Delete और Update कर सके.
ReplyDeleteDBMS के द्वारा यूजर और प्रोग्रामर दोनों ही अपने डाटा को संभाल सकते है अर्थात दोनों ही डाटा को बना सकते है, मैनेज कर सकते है और अपडेट कर सकते है.
डेटाबेस एक संग्रहित तरीके से डाटा का संग्रहण होता है ताकि इसे आसानी से एक्सेस मैनेज और अपडेट किया जा सके जोड़ना अपडेट करना और डाटा को डिलीट करना जैसे कुछ अन्य ऑपरेशंस भी किए जा सकते हैं अधिकांश डेटाबेस में कई टेबल्स होते हैं जिनमें से प्रत्येक में कई अलग-अलग फील्ड शामिल हो सकते हैं डेटाबेस एक टेक्स्ट फाइल जिसमें कुछ डाटा मौजूद हो के रूप में सरल हो सकता है अथवा यह कुछ डाटा सहित कई टेक्स्ट फाइलों का एक बड़ा समूह के रूप में जटिल भी हो सकता है.
डेटाबेस को परिभाषित करने के लिए दो शब्द, जो कि डेटाबेस शब्द में ही उपयोग किए जाते हैं
* Data- data को तथ्यों या आंकड़ों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है या ऐसी जानकारी जो एक कंप्यूटर में संग्रहित या उपयोग की जाती है जैसे टेक्स्ट संख्याएं छवि या ध्वनि का डिजिटल प्रतिनिधित्व के रूप में इनका उपयोग किया जाता है डाटा मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं
1. संख्यात्मक डाटा
2. चिन्हात्मक डाटा
* डेटाबेस -डेटाबेस डाटा का एक संगठित संग्रह है जिसे व्यवस्थित किया जाता है ताकि इसे आसानी से एक से प्रबंधित और अद्यतन किया जा सके इसमें एसक्यूएल सर्वर,ओरेकल डाटाबेस, इनफॉरमिक्स, my SQLजैसे डेटाबेस शामिल है
*RAHUL
Chandani nishad
ReplyDeleteउत्तर 9-एप्लीकेशन साफ्टवेयर यह उन प्रोग्रामों का समूह होता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं, जैसे-कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन- देन व खातों का हिसाब-किताब रखना सब विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना ,स्टाक की स्थिति का विवरण देना, आदि । जैसे-एम.एस.वर्ड,एम.एस.एक्सेल, टैली,कोरल ड्रॉ,पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।
उत्तर 10-(अ) डेस्क टॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर-इन साफ्टवेयर्स का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वारा किया जाता है। जैसे क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(ब) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस, रिट्रीव तथा फार्मेंट किया जा सके, डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,ओरेकल आदि।
(स)पेजेण्टेशन साफ्टवेयर-पेजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है। जैसे कोरल पेजेण्टेशन्स आदि।
Chandani nishad
Chandani nishad
ReplyDeleteउत्तर 9-एप्लीकेशन साफ्टवेयर यह उन प्रोग्रामों का समूह होता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं, जैसे-कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन- देन व खातों का हिसाब-किताब रखना सब विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना ,स्टाक की स्थिति का विवरण देना, आदि । जैसे-एम.एस.वर्ड,एम.एस.एक्सेल, टैली,कोरल ड्रॉ,पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।
उत्तर 10-(अ) डेस्क टॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर-इन साफ्टवेयर्स का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वारा किया जाता है। जैसे क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(ब) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस, रिट्रीव तथा फार्मेंट किया जा सके, डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,ओरेकल आदि।
(स)पेजेण्टेशन साफ्टवेयर-पेजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है। जैसे कोरल पेजेण्टेशन्स आदि।
Chandani nishad
Chandani nishad
ReplyDeleteउत्तर 9-एप्लीकेशन साफ्टवेयर यह उन प्रोग्रामों का समूह होता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं, जैसे-कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन- देन व खातों का हिसाब-किताब रखना सब विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना ,स्टाक की स्थिति का विवरण देना, आदि । जैसे-एम.एस.वर्ड,एम.एस.एक्सेल, टैली,कोरल ड्रॉ,पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।
उत्तर 10-(अ) डेस्क टॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर-इन साफ्टवेयर्स का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वारा किया जाता है। जैसे क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(ब) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस, रिट्रीव तथा फार्मेंट किया जा सके, डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,ओरेकल आदि।
(स)पेजेण्टेशन साफ्टवेयर-पेजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है। जैसे कोरल पेजेण्टेशन्स आदि।
Chandani nishad
Chandani nishad
ReplyDeleteउत्तर 9-एप्लीकेशन साफ्टवेयर यह उन प्रोग्रामों का समूह होता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखे जाते हैं, जैसे-कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन- देन व खातों का हिसाब-किताब रखना सब विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना ,स्टाक की स्थिति का विवरण देना, आदि । जैसे-एम.एस.वर्ड,एम.एस.एक्सेल, टैली,कोरल ड्रॉ,पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।
उत्तर 10-(अ) डेस्क टॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर-इन साफ्टवेयर्स का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वारा किया जाता है। जैसे क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि।
(ब) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस, रिट्रीव तथा फार्मेंट किया जा सके, डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,ओरेकल आदि।
(स)पेजेण्टेशन साफ्टवेयर-पेजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है। जैसे कोरल पेजेण्टेशन्स आदि।
Chandani nishad
गायत्री बाला
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 10
(1) डेस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर:- इन साफ्टवेयरो का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्बारा किया जाता है।इन साफ्टवेयरो का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिण्टिंग तथा आंनस्कक्रीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है। जैसे:----क्वार्क एक्सप्रेस,एडोब पेजमेकर आदि
(2) डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम:---व्यवस्थित डेटा का ऐसा समूह, जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस रिर्टीव तथा फांर्मेट किया जा सके, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाती हैं।
जैसे:--माइक्रोसांफ्ट एक्सेस,कोरल पैराडांक्स आदि।
(3)प्रजेण्टेशन साफ्टवेयर:-अपने विचार,संद सं, अन्य सूचना को एक ऐसा सरल रूप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना, जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझा सके।प्रजेण्टेशन साफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है,ज सूचना को स्लाइड के रुप में प्रर्दशित करता है।ज जैसे:-म--माइक्रोसांफ्ट पावरप्वाइंट,आदि
Ans-4 ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता है जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। साफ्टवेयर के सोर्स कोड को माडीफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में ममद कर सकते हैं ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कम्प्यूटर साफ्टवेयर का उसके डेवलपर जिसने उस साफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सावरजनिक तौर पर सभी को उस साफ्टवेयर को पढ़ने उसमें मांडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है । लाइनक्स ओपन सोर्स आपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है। यह यूनिट्स लाइक आपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है। Ans-5 कम्पाइल के सोर्स कोड की रिथरता ओ.एस.एस.का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है लाइसेंस को रुप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए साफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए।
ReplyDeleteKjgsa
ReplyDeleteAnswer 08:-हार्डवेयर एवं सॉफ़्टवेयर की मौलिक समस्याये तथा उनका समाधान-कंप्यूटर का प्रयोग करते समय प्रत्येक user को विभिन्न समस्या का सामना करना पड़ता है।इनमें से कुछ समस्याए बेहद आसान होती हैं।जटिल समस्याओं का समाधान के लिए कंप्यूटर एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है,जबकि आसान समस्याओ का समाधान user स्वयं भी कर सकता है।ऐसी ही कुछ समस्या तथा उनका समाधान निम्न प्रकार से है-
ReplyDelete1:-computer का स्टार्ट ना होना-समाधन इसका मुख्य कारण है computer में उचित पावर की सप्लाई का ना होना।इसके लिए सभी तारों तथा सॉकेट की ठीक प्रकार से जाँच करना।
2:- मानीटर पर कुछ दिखाई न दे ना-ब्राइटनेस की कमी के कारण दिखाई नहीं देता है तो इसका bright ness बढा कर समस्या का समाधान कर सकते हैं।
3:-कंप्यूटर का धीमा होना-sapce कम होने के कारण ऐसी समस्या आती है तो iske लिए टेम्परे री फ़ाईल को delete कर सुनिश्चित कर सकते हैं।
4:- प्रिंटर में समस्या-प्रिंटर जाम होने के कारण समस्या आती है तो इसका निदान करने के लिए इंक की समस्या है तो उसे ठीक कर देने से printer ठीक से चलेगा।
5:-कंप्यूटर का बिना किसी चेतावनी के बन्द होना या restart होना-इसका कारण ram का अपनी जगह से हिलनाया ढीली तारों के कारण इसे यूज़र द्वारा ठीक कर सकते हैं और कंप्यूटर में फिर से कार्य किया जा सकता है।
Fsagjklv
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक:- ६
ReplyDeleteभाषा अनुवादकों को मुख्यत: तीन श्रेणियों में बांटा जाता है
१. असेम्बलर - यह एक ऐसा प्रोगाम है, जो असेम्बली भाषा में लिखें गए प्रोगाम को पढ़ता है और उसका अनु्वाद मशीनी भाषा में कर देता है । असेम्बली भाषा में लिखें प्रोगाम को सोर्स प्रोगाम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोगाम प्राप्त होता है, उसे आब्जेक्ट प्रोगाम कहा जाता है ।
२. कम्पाइलर :- यह एक ऐसा प्रोगाम है, जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए सोर्स प्रोगाम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होती है।
३. इण्टरपेटर :- यह भी किसी प्रोगामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखें गए सोर्स प्रोगाम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है, परंतु यह एक बार में सोर्स प्रोगाम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है
उत्तर क्रमांक:- ७
यूटिलिटी साफ्टवेयर
ये प्रोगाम कम्पूटर के रूप रखाव से सम्बंधित कार्य करता हैं । ये प्रोगाम कम्पूटर के कार्यों को सरल बनाने उसे दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्य के लिए बनाए जाते हैं। ये पैकेज होते हैं जो साफ्टवेयर को इन्स्टाल करते समय कम्पूटर में लोग हो जाता है। यूटिलिटी साफ्टवेयर कई ऐसे कार्य करता है जो कम्पूटर का उपयोग करते समय हमें करने पड़ते हैं।
यूटिलिटी साफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्न हैं -
१. डिस्क फेग्मेण्टर :- यह कम्पूटर के हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हूई फाइलों को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लाता है । जैसे - माईडीफ्रेग ,डिस्कीपर , डिफ्रेगलर आदि।
२. बैकअप यूटिलिटी
यह कम्पूटर की डिस्क पर उपस्थित सभी सूचना की एक कापी रखता है तथा जरूरत पड़ने पर कुछ जरूरी फाइलों या पूरी हार्ड डिस्क के कंटेंट को वापस रिस्टोर कर देता है।
३. डिस्क क्लीनर्स :- यह उन फाइलों को ढूंढकर डिलीट करता है , जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ है । इस प्रकार यह कम्पूटर की गति को भी तेज करता है। जैसे:- ब्लीच बीट क्लीनर आदि।
Jiteshwari dewangan
ऐसी बहुत सी वेबसाइटे हैं, जो ओपन सोर्स software को support करती हैं। कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके, उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कापिया दोबारा वितरित कर सकते है। वेबसाइट निम्न है -
ReplyDelete(1) www.sourceforge.net
(2) www.opensource.org
(3) www.openrdf.org
Roshani dhruw
Ans-8 हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनका समाधान - कम्प्यूटर का प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है इनमें से कुछ जटिल तथा कुछ बेहद आसान होती है । जटिल समस्याओं के समाधान के लिए कम्प्यूटर एक्सप्रपटस की आवश्यकता होती है जबकि आसान समस्याएं का समाधान यूजर खुद भी कर सकता है। ऐसी ही टाइम
ReplyDeleteकुछ सभ्यताएं तथा उनके समाधान निम्न हैं 1 कम्प्यूटर का चालू न होना 2मांनीटर पर कुछ पदशित न होना 3 कम्प्यूटर का घीमा होना 4 प्रिंटर में कठिनाई 5 कम्प्यूटर का बिना किसी चेतावनी के बन्द होना
(उत्तर क्रमांक 3)। मॉनीटर पर कुछ दिखाएं ना देना एक बहुत साधारण समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूज़र द्वारा यह जांचा जाना चाहिए कि मॉनीटर में पावर सप्लाई है या नहीं इसके अतिरिक्त में न्यू बटन की सहायता से मॉनीटर की ब्राइटनेस तथा कंटा्स्ट लेवल भी जांच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इसके ज्यादा डार्क होने पर भी मानीटार पर दिखाई देना कम हो जाता है साथ ही यूज़र को कीबोर्ड पर कुछ टाइप करके या मॉउस को हिलाकर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति सामने आ जाती है ।
ReplyDelete(उत्तर क्रमांक 4) ऐसी बहुत सी वेबसाइटे है जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कॉपियां दोबारा वितरित कर सकते हैं कुछ वेबसाइट निम्न है 1.www.sourceforge.net 2.www.opensource. net 3.www.openrdf.org
ReplyDeleteIndrani sahu 8उतर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मैलिक समस्याएं तथा समाधान- निम्नलिखित हैं-
ReplyDelete1 कम्प्यूटर का स्टार्ट नहीं होना -समाधान इस का सबसे बड़ा कारण कम्प्यूटर में उचित पावर सप्लाई का न होना है।
2 मानीटर पर कुछ पदशित न होना- समाधान मानीटर पर कुछ दिखाई न देना एक बहुत साधारण समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए यूजर दारा यह जांचा जाना चाहिए कि मानीटर में पावर सप्लाई है या नहीं इसके अतिरिक्त मेन्यू बटन की सहायता से मानीटर की ब्राइटनेस लेवल भी चेक कर लें ना चाहिए।
3 कम्प्यूटर का धीमा हो ना - समाधान कम्प्यूटर की मैमोरी में स्पेस कम या स्पेस न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।
4 किसी साफ्टवेयर का इंस्टालेशन के बाद भी न चलना-समाधान किसी साफ्टवेयर को इंस्टाल करने के बाद भी उसका न चलना एक बहुत सामान्य समस्या है।
5 पिरणटर की समस्या- समाधान पिरणटर के इंस्टालेशन के बाद भी पिरणटर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि पिटर की हरी लाइट आन है या नहीं ।
(उत्तर क्रमांक 5)। ओ.एस. एस .का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइन सेंस सॉफ्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सॉफ्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देना चाहिए।
ReplyDeleteAns-9 एप्लिकेशन साफ्टवेयर उन प्रोगामो का समुह होता जो हमारा वास्तविक कार्य करने के लिए लिखे जाते हैं जैसे कि - कार्यलय के कमर्चारियों के वेतन की गणना करना व हिसाब किताब करना आदि है ये काम प्रत्येक कम्पनी या उपयोगकर्ता के लिए अलग-अलग प्रकार के होते है इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार इनके लिए प्रोगाम हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्रामर द्वारा लिखे जाते हैं उदाहरण जैसे एम .एस.- वर्ड टैली कोरल ड्रा पेजमेकर फोटोशाप आदि । 1 सामान्य उद्देश्य एप्लिकेशन साफ्टवेयर 2 विशिष्ट उद्देश्य एप्लिकेशन साफ्टवेयर
ReplyDeleteIndrani sahu
ReplyDelete9उतर
एप्लिकेशन साफ्टवेयर-यह उन प्रोगामो का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखें जातें हैं, जैसे - कार्य लय के कमचारियों के वेतन की गणना करने, सभी लेना -देन व खातों का हिसाब किताब रखना, विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना , स्टार्क कि स्थिति का विवरण देना पत्र तैयार करना आदि। कम्प्यूटर वास्तव में इन कार्य के लिए ही प्रयोग में लाई जातें हैं।
उदाहरण-1 एम.एस - वर्ड
2एम .एस एक्सेल 3-टैली फोटो शाप ।
Ans-10 डेरकटांप पब्लिक शिंग साफ्टवेयर- इन साफ्टवेयर का प्रयोग गाफिल डिजाइन द्वारा किया जाता है इन साफ्टवेयर का प्रयोग डेरटटाप पिणटिग तथा आंनरकीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिक शिंग के लिए किया जाता है जैसे एक्सप्रेस पेजमेकर आदि है 2 डेटाबेस मैनेजमेंट -सिस्टम - व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस रिट्रीव तथा फामैट किया जा सके डेटाबेस मैनेजमेंट- सिस्टम कहलाता है। जैसे एक्सेस कोरल 3 प्रेजेंटेशन साफ्टवेयर - प्रेजेंटेशन का अर्थ -अपने विचार सन्देश तथा कुछ अन्य सूचना को एक ऐसे सरल रुप में किसी समुह के सामने प्रस्तुत करना जिससे उस समुह को वह सूचना आसानी से समझ आ सके । जैसे माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वाइंट कोरल प्रेजेंटेशन इत्यादि । Domeshwari sahu
ReplyDelete(उत्तर क्रमांक 6)। ऑपरेटिंग सिस्टम में भाषा अनुवाद
ReplyDeleteमुख्यता 3 श्रेणियों में बांटा जाता है (a)असेंबलर
(B) कम्पाइलर
( C)इंटरप्रेटरर (a) असेम्बलर_ यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्रामों को पड़ता है और इसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है असेंबली भाषा में लिखे प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता है । (B) कम्पाइलर_ यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में कराता है कंपाइलर सोर्स पूरा प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा के लिए एक अलग कंपाइलर की आवश्यकता होती है । (C) इण्टरपे्टर _ यह भी किसी प्रोग्राम द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परंतु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है इनका पालन हो जाने के बाद ही वह सोर्स प्रोग्राम के अगले कथन का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है मूलत कंपाइलर और इंटरप्रेटर का कार्य समान होता है अंतर केवल यह है कि कंपाइलर यहां ऑब्जेक्ट प्रोग्राम बनाता है वही इंटरप्रेटर कुछ नहीं बनाता इसलिए इंटरप्रेटर का उपयोग करते समय यह बार सोर्स पोगा्म की
आवश्यकता होती है ।
उत्तर क्रमांक:- ८
ReplyDeleteहार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनका समाधान
कम्प्यूटर का प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्या का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ समस्याएं जटिल तथा कुछ बेहद आसान होती है ।
१. कम्प्यूटर का स्टार्ट न होना
समाधान इसका सबसे बड़ा कारण कम्पूटर में उचित पावर सप्लाई का न होना , इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़ी हुई सभी तारों तथा साकेटो को ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए ।
२. कम्प्यूटर का धीमा होना
समाधान कम्पूटर की मैमोरी में स्पेस कम या स्पेस न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है। इसके समाधान के लिए यूजर को टेम्पररी फाइल्स को डिलीट करने के साथ यह भी सुनिश्चित करने चाहिए कि बैकग्राउंड में कोई स्कैनिंग या स्टार्ट अप प्रोगाम न चल रहा हो ।
३. प्रिण्टर में समस्या
समाधान प्रिण्टर के इन्स्टालेशन के बाद भी प्रिण्टर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रिण्टर की हरी लाइट आन हैं या नहीं । यदि प्रिण्टर में आंरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट ब्लिंक करें तो इसका अर्थ यह है कि प्रिण्टर में पेपर जाम हो गया है अथवा इंक या कार्टिज की कोई समस्या है, जिसे ठीक कर देने पर प्रिण्टर ठीक प्रकार से चलेगा।
Jiteshwari dewangan
Indrani sahu
ReplyDelete10उतर -1 डेस्क टॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर -इन साफ्टवेयर का प्रयोग गाफिक डिजाइन रो दारा किया जाता है इन साफ्टवेयरो का प्रयोग डेस्क टॉप पिचिंग तथा आन स्कीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है
उदाहरण-3b2, कोरल ड्रॉ।
2- डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम- व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह , जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस, रिट्रीव तथा फामैट किया जा सके, डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है
उदाहरण- माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस, कोरल पैरा डॉकस ।
3 पेजेंटशन साफ्टवेयर- प्रेजेंटेशन का अर्थ है-अपने विचार, सन्देश तथा अन्य सूचना को एक ऐसे सरल रूप में किसी गुप के सामने प्रस्तुत करना, जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझ आ सकें।
उदाहरण- माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वाइंट, कोरल पेजेंटशन ।
शिवानी साहू
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक - 6
उत्तर - भाषा अनुवादक
ये येसे प्रोग्राम है जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे गए प्रोग्रामो का अनुवाद कंप्यूटर की मशीनी में करते है । प्रोग्रामो का अनुवाद कराना इसलिए आवश्यक होता है ,क्योंकि कंप्यूटर केवल अपनी मशीनी भाषा में लिखे हुए प्रोग्रामो का ही पालन करता है।
इनके तीन प्रकार होते है -
(१)- असेंबलर - यह एक एसा प्रोग्राम होता है , जो असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को पड़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है। असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता हैं।
(२)- कम्पाइलर - यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है। जो किसी प्रोग्राम द्वारा उच्चस्तीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मसीनी भाषा में करता है। कम्पाइल र सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देश में बदल देता है।
(३) इंटरप्रेटर- यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता हैं परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता हैं इनका पालन हो जाने के बाद ही वह सोर्स प्रोग्राम के अगले कथन का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है।
उत्तर क्रमांक-7
उत्तर- ये प्रोग्राम कंप्यूटर के रख रखाव से संबंधित कार्य करते हैं ये प्रोग्राम्स कंप्यूटर के कार्यों को सरल बनने उसे असुद्धियो से दूर रखने तथा सिस्टम के विभन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते है। ये पैकेज होते है जो सॉफ्टवयर को इंस्टाल करते समय कंप्यूटर में लोड हो जाता है।
यह कुछ प्रोग्रामो का समूह होता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते हे। परन्तु जिनकी आवश्यकता हमे बार बार होती है युटिलिटी सॉफ्टवेयर कई एंसा कार्य करता है जो कंप्यूटर का उपयोग करते समय हमे करने पड़ते हैं .
उदाहरण के लिए युटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइल का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकता है ये सिस्टम सॉफ्टवेयर के अनिवार्य भाग नहीं होते परन्तु सामान्यतया उसके साथ ही प्रयोग किए जाते हैं और कंप्यूटर के डेवलार द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं।
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्न है।
1, डिस्क फ्रेगमेंटर
यह कंप्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी गई फाइल को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लता हैं जैसे - डि स्किपर।
2, बैकअप यूटिलिटी - यह कम्प्यूटर के डिस्क प्र उपस्थित सभी सूचना की एक काफी रखता है तथा जरूरत पड़ने पर कुछ जरूरत फाइल या पूरी हार्ड डिस्क के कंटेंट को वापस रिस्टोर कर देता है।
3. डिस्क क्लीनरस
यह उन फाइल को ढूंढ कर डिलीट करता है जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ । इशप्रकर यह कम्प्यूटर के गति को भी तेज करता है जैसे - ब्लीच बीट क्लीनर आदि।
4. एंटीवायरस- ये युटिलिटी प्रोग्राम्स है जिनका प्रयोग कम्प्यूटर में वाइरस ढूंढने और उन्हें डिलीट करने में होता है।
उत्तर क्रमांक - 8
उत्तर- हार्डवेयर एवम सॉफ्टवेयर की मौलिक। समस्या तथा उनका समाधान निम्न है-
(1)- कम्प्यूटर का स्टार्ट न होना - समाधान इसका सबसे बड़ा कारण कंप्यूटर में उचित पावर के सप्लाई का न होना इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़ी सभी तरो तथा सॉकेट के ठीक प्रकार से जांच कराना चाहिए ।
(2) कम्प्यूटर का धीमा होना - समाधान कम्प्यूटर की मैमोरी इस्पेश कम या स्पेश न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती हैं ।इसके समाधान के लिए यूजर को टेंपरी फाइल को डिलीट करना चाहिए कि बैकग्राउड में कोई सकानिंग या स्टार्टअप प्रोग्राम न चल रहा हो ।
(3)- किसी सॉफ्टवेयर का इंसालेशन के बाद भी न चलना - समाधान किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टाल करने के बाद भी उनका नहीं चलना एक बहुत सामान्य समस्या है कि यह सॉफ्टवेयर का कोई नया अपडेट वर्जन बाज़ार में उपलब्ध हो। यदि किसी सॉफ्टवेयर के इंटोलेशन के बाद से कम्प्यूटर के चलने में कोई परेशानी होती है तो उस सॉफ्टवेयर को आन स्टोल कर देना चाहिए।
(4) प्रिंटर में समस्या- समाधान प्रिंटर में इंस्टालेशन के बाद भी प्रिंटर के न चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करे की प्रिंटर की हरी लाइट ऑन हैं या नहीं ।यदि प्रिंटर में ओराएंज रंग की लाइट जल रही हैं अथवा लाइट ब्लिंग करे तो इसका अर्थ होता है कि प्रिंटर में पेपर जाम हो गया है।
(5) कम्प्यूटर का बिना किसी चेतावनी के बंद होना या रिस्टार्ट होना - समाधान इस समस्या का एक कारण रैम का आपनी जगह से हिलना या cpu के पंखे का बंद होना ।इसके अतिरिकत ढीले तरो के कारण भी बंद हो सकती हैं।
Answer 10:- टिप्पणी-1:-डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक्स डिजाइनरो द्वारा किया जाता है।इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिंटिंग तथा on स्क्रीन इलेक्ट्रानिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है;क़्वर्क एक्सप्रेस एडो ब pagemaker,3B2,कोरल draw आदि।
ReplyDelete2:- डेटा बेस mangement सॉफ्टवेयर-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह,जिसमें जरुरत पड़ने पर deta को एक्सेस retrieve तथा फॉर्मेट किया जा सके,डेटाबेस को creat,एक्सेस और mange करना होता है।इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके detabase में डेटा को जोड़ा जा सकता है,अपडेट किया जा सकता है और डिलीट किया जा सकता है;जैसे-माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,कोरल पैरा डॉक्स,MySQL ,ऑरेकल आदि।
3:-presentation सॉफ्टवेयर-presentation का अर्थ है-अपने विचार,संदेश तथा अन्य सूचना को एक ऐसे सरल रुप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना,जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझ आ सके।presentation software इसी उददेश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाईड के रूप में प्रदर्शित करता है;जैसे माइक्रोसॉफ्ट power point,coral presentation इत्यादि।
Lochan sahu
Answer 10:- टिप्पणी-1:-डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक्स डिजाइनरो द्वारा किया जाता है।इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिंटिंग तथा on स्क्रीन इलेक्ट्रानिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है;क़्वर्क एक्सप्रेस एडो ब pagemaker,3B2,कोरल draw आदि।
ReplyDelete2:- डेटा बेस mangement सॉफ्टवेयर-व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह,जिसमें जरुरत पड़ने पर deta को एक्सेस retrieve तथा फॉर्मेट किया जा सके,डेटाबेस को creat,एक्सेस और mange करना होता है।इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके detabase में डेटा को जोड़ा जा सकता है,अपडेट किया जा सकता है और डिलीट किया जा सकता है;जैसे-माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस,कोरल पैरा डॉक्स,MySQL ,ऑरेकल आदि।
3:-presentation सॉफ्टवेयर-presentation का अर्थ है-अपने विचार,संदेश तथा अन्य सूचना को एक ऐसे सरल रुप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना,जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझ आ सके।presentation software इसी उददेश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाईड के रूप में प्रदर्शित करता है;जैसे माइक्रोसॉफ्ट power point,coral presentation इत्यादि।
Lochan sahu
(उत्तर क्रमांक 7) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर _ये एक ऐसा प्रोग्राम कंप्यूटर के रखरखाव से संबंधित कार्य करते हैं यह प्रोग्राम कंप्यूटर के कार्यों को सरल बनाने उसे अशुद्धियों से दूर कर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यो के लिए बनाए जाते हैं यह पैकेज होते हैं जो सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करते समय कंप्यूटर में लोड हो जाते हैं यहां कुछ ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते परंतु जिन की आवश्यकता हमें बार-बार होती है यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कई ऐसे कार्य करता हैं जो कंप्यूटर का उपयोग करते समय हमें करने पड़ते हैं उदाहरण के लिए यूटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइलों का बैकअप की बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकता है यह सिस्टम सॉफ्टवेयर के अनिवार्य भाग नहीं होते परंतु सामान्यता इसके साथ ही प्रोग्राम प्रयोग किए जाते हैं और कंप्यूटर के डेवलपर द्वाराउपलब्ध कराए जाते हैं । यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के उदाहरण निम्न है
ReplyDelete(1)टेक्स्ट एडिटर_ यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो टेक्स्ट फाइलों को क्रिएट और उनके एडिट की सुविधा देता है इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जाता है इस टेक्स्ट को फाइलों के रूप में भी स्टोर किया जा सकता है और बाद में कभी भी एडिट किया जा सकता है जैसे एम एस वर्ड वर्ड वर्ड नोटपैड जिसमें नोटपैड सबसे प्रसिद्ध टेस्ट एडिटर है।
डिस्क फे्ग्मेण्टर / बैकअप यूटिलिटीज /डिस्क क्लिक नर्स //एंटीवायरस / डिस्क कंप्रेशन /फाइल सार्टिग प्रोग्राम/ डेटा सिलेक्शन प्रोग्राम यह सभी यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के उदाहरण है ।
उत्तर क्रमांक- 9
ReplyDeleteउत्तर - यह उन प्रोग्रामो का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य करने के लिए लिखे जाते है जैसे कार्यालय के कर्मचारी के वेतन कि गणना करना विभिन्न प्रकार के रिपोर्ट छापना , सभी लेन देन वा खातो का हिसाब किताब रखना आदि कम्प्यूटर वास्तव में इन्हीं कार्यों के लिए लाए जाते है ।
ये काम प्रत्येक कंपनी या उपयोगक्ताओं के लिए अलग अलग प्रकार के होते है इसलिए हमारी आवश्यकता अनुसार इनके लिए प्रोग्राम हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्रामर द्वारा लिखे जाते है । हालाकि इसे प्रोग्राम सामान्य तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखे जाते है। जिन्हे रेडिमेट सॉफ्टवेयर या पैकेज कहा जाता हैं। जैसे - ms word, ms excel, tally, कोरल draw, photoshop आदि । इन एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर्स को डिजाइन करने वाले प्रोग्राम को एप्लिकेशन प्रोग्रामर कहा जाता हैं। ये सभी प्रोग्राम प्राय: उच्चस्तरीय भाषा में लिखे जाते है ।इं एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने वाले यूजर को एप्लिकेशन प्रयोगकर्ता कहते है।
उत्तर क्रमांक- 10
उत्तर - 1- डेटा बेश मैनेजमेंट- व्यवस्थित डेटा का येशा संग्रह जिसमे जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस , रिट्रीव तथा फॉर्मेट किया जवसके डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता हैं। इस सोफटवेयर का कार्य डेटा बेस को क्रियेट , एक्सेस और मैनेज करना है। इस सोफटवेयर का प्रयोग करके डेटाबेस में डेटा को जोड़ा जा सकता है। और डिलीट किया जा सकता है । तथा साथ ही साथ डेटा को व्यवस्थित तथा रिट्रीव भी किया जा सकता है। जैसे - mysol ओरेकल।
2. डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर - इन सॉफ्टवेर्स का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनर द्वारा किया जाता है । इन सॉफ्टवेयरों का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिंटिंग तथा ऑनस्क्रीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है।
जैसे - 3B2 कोरल ड्रा आदि।
3 . प्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर - प्रेंटेशन का अर्थ होता है- आपने विचार संदेश , तथा अन्य सूचना को एक ए से सरल रूप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझ आ सके । प्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है। जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रस्तुत करता है जैसे - कोरल प्रेजेन्टेशन आदि।
Shivani sahu
उत्तर क्रमांक:-९
ReplyDeleteएप्लीकेशन साफ्टवेयर
यह उन प्रोगामो का समूह होता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए लिखें जाते हैं। जैसे:- कार्यलय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन-देन वह खातों का हिसाब किताब रखना, विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट छापना, स्टाक कि स्थिति का विवरण देना , पत्र डाक्यूमेंट्री तैयार करना आदि ।
ये काम प्रत्येक कंपनी या उपयोग कर्ता के लिए अलग अलग तरीके से होते है, इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार इनके लिए प्रोगाम हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्रामर द्वारा लिखे जाते हैं।
उत्तर क्रमांक १०:-
१. डेस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर
इन साफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वाराकिया जाता है । इन साफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिंटिंग तथा आनस्क्रिन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है।
जैसे:- क्वार्क एक्सप्रेस ,एडोब पेजमेकर , 3B2, कोरल ड्रॉ आदि ।
२. डेटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम
व्यवस्थित डेटा का ऐसा समुह जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस रिट्रीव तथा फार्मेट किया जा सके, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है। इस साफ्टवेयर का कार्य डेटाबेस को क्रिएट, एक्सेस और मैनेजमेंट करना होता है। इस साफ्टवेयर का प्रयोग करके डेटाबेस में डेटा को जोड़ा जा सकता है, अपडेट किया जा सकता है और डिलीट किया जा सकता है। साथ ही साथ डेटा को व्यवस्थित तथा रिट्रीव भी किया जा सकता है, जैसे:- माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस, कोरल पैराडॉक्स, mySQL, ओरेकल आदि।
Jiteshwari dewangan
(उत्तर क्रमांक 8)। हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की मौलिक समस्या तथा उनका समाधान_ कंप्यूटर का प्रयोग करते समय प्रत्येक यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है इनमें से कुछ समस्याएं जटिल तथा कुछ बेहतर आसान होती है जटिल समस्याओं के समाधान के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता होती है जबकि आसान समस्याओं का समाधान यूज़र स्वयं भी कर सकते हैं ऐसे ही कुछ समस्याएं तथा उसके समाधान निम्नलिखित है। 1. कंप्यूटर का स्टार्ट ना होना _ समाधान इसका सबसे बड़ा कारण कंप्यूटर में उचित पावर की सप्लाई का ना होना है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कंप्यूटर से जुड़ी हुई सभी कार्यों तथा साकेटो की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए । 2 मॉनिटर पर कुछ प्रदर्शित ना होना
ReplyDeleteसमाधान मॉनिटर पर कुछ दिखाई ना देना एक बहुत साधारण समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर द्वारा यह जांच आ जाना चाहिए कि मॉनिटर में पावर सप्लाई है या नहीं इसके अतिरिक्त मेनू बटन की सहायता से मॉनिटर की ब्राइटनेस तथा कंस्ट्रक्शन लेबल भी जांच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इसके ज्यादा डार्क होने पर मॉनिटर पर दिखाई देना कम हो जाता है साथ ही हुई उधर को कीबोर्ड पर उस टाइप करके या माउस को हिला कर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति सामने आ जाती है। 3 कंप्यूटर का धीमा होना समाधान कंप्यूटर की मेमोरी से स्पेस कम या इस देश ना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है इसके समाधान के लिए यूजर को टेंपरेरी फाइल्स को डिलीट करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउंड में साथ में मेमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो जाती है।
4. किसी सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन के बाद भी न चलना_ समाधान किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के बाद भी उसका ना चलना एक बहुत सामान्य समस्या है इसका एक कारण यह भी है कि उस सॉफ्टवेयर का कोई नया हाफ डे डे वर्जन बाजार में उपलब्ध हो यदि किसी सॉफ्टवेयर के इंस्टॉलेशन के बाद से कंप्यूटर के चलने में कोई परेशानी होती है तो उस सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल कर देना चाहिए। 5. प्रिंटर ने समस्या समाधान प्रिंटर के इंस्टॉलेशन के बाद भी प्रिंटर के ना चलने पर सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रिंटर की हरी लाइट ऑन है या नहीं यदि प्रिंटर में ऑरेंज रंग की लाइट जल रही हो अथवा लाइट ब्लिंग करे तो उसका अर्थ होता है कि प्रिंटर में पेपर जमा हो गया है अथवा इंक या कार्टिज की कोई समस्या है जिसे ठीक कर देने पर प्रिंटर ठीक प्रकार से चलेगा।
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर :-
ReplyDeleteयह उन प्रोग्रामों का समूह होता है जो हमारा वास्तविक कार्य करने के लिए लिखे जाते हैं जैसे कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना सभी लेनदेन व खातों का हिसाब किताब रखना विभिन्न प्रकार के रिपोर्ट छापना स्टॉक की स्थिति का विवरण देना पत्र डॉक्यूमेंट तैयार करना आदि कंप्यूटर वास्तव में किन कार्यों के लिए ही प्रयोग में लाए जाते हैं यह काम प्रत्येक कंपनियां उपयोगकर्ता के लिए अलग-अलग प्रकार के होते हैं इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार इनके लिए प्रयोग हमारे द्वारा नियुक्त प्रोग्राम द्वारा लिखे जाते हैं हालांकि ऐसे प्रोग्राम सामान्य तौर या तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखे हुए भी आते हैं जिन्हें रेडिमेंट सॉफ्टवेयर या पैकेज कहा जाता है उदाहरण_जैसे एम एस वर्ड एम एस एक्सेल टैली कोरल ड्रॉ पेजमेकर फोटोशॉप आदि है
(उत्तर क्रमांक 10.) 1.डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर :-
ReplyDeleteसॉफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक डिजाइनरों द्वारा किया जाता है इन सॉफ्टवेयर ओं का प्रयोग डेस्कटॉप प्रिंटिंग तथा आई स्किन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है जैसे _क्लॉक एक्सप्रेस एडोब पेजमेकर 3डी कोरल ड्रा आदि। 2. डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर:- व्यवस्थित डाटा का ऐसा संग्रह जिसमें जरूरत पड़ने पर डाटा को एक्सेस रिट्रीव तथा फॉर्मेट किया जा सके डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम का लाता है इस सॉफ्टवेयर का कार्य डेटाबेस को क्रिएट एक्सेस और मैनेजमेंट करना होता है इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके डेटाबेस में डाटा को जोड़ा जा सकता है अपडेट किया जा सकता है और डिलीट किया जा सकता है साथ ही साथ देता को व्यवस्थित तथा रिट्रीव भी किया जा सकता है जैसे _माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस कोरल पैराडॉक्स आदि । 3. प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर :-
प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर का अर्थ है अपने विचार संदेश तथा अन्य सूचना को एक ऐसे सरल रूप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना जिससे उस ग्रुप को वह सूचना आसानी से समझ आ सके प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को इस स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है जैसे _माइक्रोसॉफ्ट पावरपॉइंट कोरल
प्रेजेंटेशन इत्यादि ।
Roma Patel
ReplyDeleteAns no 10
1 डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग ग्राफिक डिजाइन ओं द्वारा किया जाता है इन सॉफ्टवेयर का प्रयोग ड्रेस कट ऑफ प्रिंटिंग तथा ऑनस्क्रीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है जैसे कवाक एक्सप्रेस एडोब पेजमेकर 3b 2 कोरल ड्रा आदि
2 डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर व्यवस्थित डाटा का ऐसा संग्रह जिसमें जरूरत पढ़ने पर डाटा को एक्सेस रिट्रीव तथा फॉर्मेट किया जा सके डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कहलाता है इस सॉफ्टवेयर का कार्य डेटाबेस को क्रिएट एक शेर और मैनेज करना होता है यह सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके डेटाबेस में डाटा को जोड़ा जा सकता है अपडेट किया जा सकते हैं और डिलीट किया जा सकता है साथ ही साथ डाटा को व्यवस्थित तथा रिट्रीव भी किया जा सकता है जैसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस कोरल पैरा पैराडॉक्स
3 प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर प्रेजेंटेशन का अर्थ है अपने विचार संदेश तथा ने सूचना को यह कैसे सरल रूप में किसी ग्रुप के सामने प्रस्तुत करना जिससे उस ग्रुप हो वहां सोचना आसानी से समझ आ सके प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर इसी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जो सूचना को स्लाइड के रूप में प्रदर्शित करता है जैसे माइक्रोसॉफ्ट पावर पॉइंट कोरल प्रेजेंटेशन इत्यादि
Roma Patel
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 4
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करने वाली वेबसाइट ऐसी बहुत सी वेबसाइट है जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को सपोर्ट करती है कोई भी एक वेबसाइट डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उनकी का पिया दोबारा वितरित कर सकते हैं कुछ वेबसाइट निम्नलिखित है
1www.sourceforget.net
2www.opensource.org
3www.openrdf.org
Roma Patel
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 2
डिवाइस ड्राइवर एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जो किसी युक्ति के ऑपरेशन को समझाता है यह सॉफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोग करता के मध्य इंटरफ़ेस का कार्य करता है। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर माउस मॉनिटर या की बोल रही हो उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है यहां ऑपरेटिंग सिस्टम के निर्देश को कंप्यूटर के विभिन्न भागों में के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है डिवाइस ड्राइवर निर्देशों का समूह होता है जो कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हाथ में पड़ता है
1.साफ्टवेयर का परिचय- साफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा मे लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामों और संबंधित डाटा का एक संग्रह है, जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है, सॉफ्टवेर कंप्पूटर के विभिन्न हार्ड्वेयर के बीच संन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पुरा किया जा सके । इसका प्राथमिक उद्देश्य डाटा को सूचना मे परिवर्तित करना है. साफ्टवर्येर् के निर्देश के अनुसार हार्ड्वेयर काम करता है।
ReplyDelete2. device driver - यह एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेर होता है जो किसी युक्ति के ओपरेशन को समझता है, ये सॉफ्टवेर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटेराफैस का कार्य करता है,किसी भी डिवाइस को सुचारु रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर, माउस, मॉनिटर, या कीबोर्ड हो उसके साथ एक driver प्रोग्राम जुड़ा होता है, यह ओपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों को कंप्यूटर के विभिन्न भागों के लिए विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता हैं । device driver निर्देशों का एक ऐसा समूह होता है जो हमारे कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्ड्वेयर से करवाता है ।
3.moniter मे कुछ प्रदर्शित न होना - समाधान मनिटर पर कुछ दिखाई ना देना एक बहुत साधारण समस्या है, इसके समाधान के लिए user द्वारा यह जांचा जाना चाहिए कि मॉनिटर मे पॉवर supply है ya नही इसके अतिरिक्त मेनू बटन की सहायता से मॉनिटर की brightness, contrast, लेवल भी जांच लेना चाहिए क्योकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी दिखाई देना कम ho जता है साथ ही user को कबोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिला कर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर् के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति सामने aa जाती हैं ।
ReplyDelete4. ओपन सोर्स साफ्टवेयर के उदाहरण-
(a) ओपरेटिंग सिस्टम तथा desktop वातावरण
(b) ग्राफिक एवं multimedia
(c) ऑफिस साफ्टवेयर
(d) इंटरनेट संबंधित सॉफ्टवेर
(e) प्रोग्रामिंग से संबंधित साफ्टवेयर
5. कैम्पैलेर के souce कोड की स्थिरता O. S. S. का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संसोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस साफ्टवेयर के बनने के समय उसे संसोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ patch फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है । लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संसोधित सोर्स कोड से बनाये गए साफ्टवेयर वितरण की अनुमति देनी चाहिए ।
Kishan kumar -
ReplyDeleteAns no.01 -
सॉफ्टवेयर -
सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा मे लिखें गए कंप्यूटर प्रोग्राम और संबंधित डेटा का एक संग्रह है जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयरो के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके !
Ans no ( 02) - डिवाइस ड्राइवर -
यह एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जो किसी युक्ति के ऑपरेशन को समझाता है ! ये सॉफ्ट्वेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य interface का कार्य करते है !
किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिंटर माउस मॉनिटर या कि बोर्ड हि हो उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है !
यह operating सिस्टम के निर्देशों को कंप्यूटर के विभिन्न भागो के लिए उनकी भाषा मे परिवर्तित करता है !
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 1
सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा मे लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामों और सम्बन्धित डेटा का एक संग्रह है जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या और कैसे करना है सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के विभिन्न हार्डवेयर के बीच समन्वय स्थापित करता है जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके इसका प्राथमिक उद्देश्य डेटा को सूचना में परिवर्तित करना है सॉफ्टवेयर के निर्देशो के अनुसार ही हार्डवेयर कार्य करता है इसे प्रोग्रामों का समूह भी कहते है
Kishan kumar
ReplyDeleteAns no.03 - मॉनीटर पर कुछ प्रदर्शित ना होना -
इस समस्या के समाधान के लिए पहले यूजर द्वारा यह जांचना चाहिये कि मॉनिटर मे पावर सप्लाई है या नहीं ! इसके अतिरिक्त मेन्यू बटन की सहायता से मॉनीटर की ब्राइटनेस तथा contrast लेवल भी जॉंच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मॉनीटर पर दिखाई देना कम हो जाता है ! साथ ही यूजर को कीबोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिलाकर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीन सेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसे स्थति सामने आ जाती हैं !
ans no(04) - ओपन सोर्स को सप्पोर्ट करने वाले
website -
ऐसी बहुत सी website है जो ओपन सोर्स सॉफ्ट्वेयर को सप्पोर्ट करती है ! कोई भी एक website डाउनलोड करके उसमें परिवर्तन करने के बाद उसकी कॉपियां दोबारा वितरित कर सकते है !
कुछ website है -
(1) www.sourceforge.net
(2) www.opensource.org
(3) www.openrdf.org
6 ऑपरेटिंग सिस्टम के भाषा अनुवाद के प्रकार_ a असेंबलर _ यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो एसेंबली भाषा में लिखे गये प्रोग्राम को पढता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है, एसेंबली भाषा में लिखे प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता हैं. और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है. उसे ओब्जेक् प्रोग्राम कहा जाता हैं, ...
ReplyDeleteB _ कम्पाइलर _यह एक प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर dravra उच्च स्तारीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है. कंपाएलार सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देश में बदल देता है, प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा ke लिए एक अलग कंप्लाइलेर की आवश्यकता होती है.
C. - interpreter - यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा मे करता है परंतु एक बार में एक कथन मे मशीनी भाषा मे अनुवाद करता है और उसका पालन करता है और पालन ho ज्याने के बाद ही वह सोर्स प्रोग्राम के अगले कथन का मशीनी भाषा मे अनुवाद करता है ।
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 2
डिवाइस ड्राइवर यह एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है जो किसी युक्ति के ओपरेटिंग को समझाता है ये सॉफ्टवेयर किसी युक्ति तथा उपयोगकर्ता के मध्य इंटरफेस का कार्य करते है किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिन्टर, माउस, मॉनीटर या कीबोर्ड ही हो उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है यह ओपरेटिंग सिस्टम के निर्देशो को कंप्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है डिवाइस ड्राइवर निर्दशों का ऐसा समूह होता है जो हमारे कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयर से करवाता है
(3) Moniter में कुछ प्रदर्शित न होने का कारण - यूजर द्वारा यह जाँचा जाना चाहिए कि मानीटर में पावर सप्लाई है या नहीं। इसके अतिरिक्त मेन्यू बटन की सहायता से Moniter की ब्राइटनेस तथा contrast लेवल भी जाँच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी Moniter पर दिखाई देना कम हो जाता है।
ReplyDeleteभुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 3
मॉनीटर पर कुछ प्रदशित न होना समाधान मॉनीटर पर कुछ दिखाई न देना एक बहुत साधारण समस्या है इस समस्या के समाधान के लिए यूज़र द्वारा यह जाँच जाना चाहिए कि मॉनीटर में पावर सप्लाई है या नही इसके अतिरिक्त मेन्यु बटन की सहायता से मॉनीटर की ब्राइटनेस तथा कंट्रास्ट लेवल भी जाँच लेना चाहिए क्योंकि कई बार इनके ज्यादा डार्क होने पर भी मॉनीटर पर दिखाई देना कम हो जाता है साथ ही यूजर को कीबोर्ड पर कुछ टाइप करके या माउस को हिलाकर भी देख लेना चाहिए क्योंकि कई बार स्क्रीनसेवर के सेट हो जाने पर भी ऐसी स्थिति सामने आ जाती है
Devbati nishad iti magarload---ans 7 --- यूटिलिटी साफ्टवेयर ये प्रोगाम कम्प्यूटर के रख रखाव से संबंधित कार्य करते हैं। ये प्रोगाम कम्प्यूटर के कार्यों को सरल बनाने, उसे अशुध्यियो से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कायों के लिए बनाए जाते हैं ये पैकेज होते है। जो साफ्टवेयर को इंस्टॉल करते समय कम्प्यूटर में लोड हो जाते हैं।य यह कुछ ऐसे प्रोगाम के समूह होते हैं जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते हैं।
ReplyDelete1--टेक्स्ट एडिटर यह कुछ ऐसे प्रोगाम होता है जो टेक्स्ट फाइलों को कृएट और उनके एडिट कि सुविधा उपलब्ध कराता है। जैसे एम एस वडर्
2--डिस्क फ्रैगमेण्टर यह कम्प्यूटर कि हाड् डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हुई फाइलों को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लाता है ्
(5) ओ. एस. एस .का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस software के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है ।लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए software के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए ।
ReplyDeleteRoshani dhruw
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 4
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर फ्री सोर्स सॉप्टवेयर या ओपन सोर्स सॉप्टवेयर को ऐसा सॉप्टवेयर कहा जाता है जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है ऐसे सॉप्टवेयर के सोर्स कोड को मॉडिफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है ओपन सोर्स सॉप्टवेयर का अर्थ है किसी भी कंप्यूटर सॉप्टवेयर का उसके डेवलपर, जिसने उस सॉप्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सॉप्टवेयर को पढ़ने उसमें मॉडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है लाइनक्स ओपन सोर्स ओपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है यह यूनिक्स लाइक ओपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 5
कम्पाइल के सोर्स कोड की स्थिरता ओ.एस. एस. का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संशोधित रूप में वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस सॉप्टवेयर के बनने के समय उसे संशोधित करने के उद्देश्य से सोर्स कोड के साथ पैच फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है लाइसेंस को स्पष्ट रूप से संशोधित सोर्स कोड से बनाए गए सॉप्टवेयर के वितरण की अनुमति भी देनी चाहिए
Devbati nishad iti magarload---ans 8 हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर की मौलिक समस्या एवं उनके समाधान , कम्प्यूटर का प्रयोग करते समय पत्येप्र यूजर को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ ऐसे समस्या जटिल तथा कुछ बेहद आसान हो तीन हैरान
ReplyDelete1कम्पयूटर का स्टाट न हो ना
समाधान , इसका सबसे बड़ा कारण कम्प्यूटर में उचित पावर सप्लाई का ना होना। इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कम्प्यूटर से जुड़े हुए तारों तथा सांकेटो की ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए।
2--कम्पयूटर का धीमा हो ना
समाधान कम्प्यूटर कि मैमोरी में स्पेस कम या स्पेस न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।
(6) operating सिस्टम में भाषा अनुवाद के तीन प्रकार है -
ReplyDelete(a) असेम्बलर - यह एक ऐसा प्रोग्राम होता हैं जो असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है।
(b) कम्पाइलर -यह एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है। प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होती हैं ।
(c) इंटरप्रेटर -यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है परंतु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में करता है ।
Roshani dhruw
Devbati nishad iti magarload---ans 10
ReplyDelete1डेस्क टाप पब्लिशिंग साफ्टवेयर ----इन साफ्टवेयर कआ प्रयोग ग्राफिक डिजाइनिंरो द्वारा किया जाता है। इन साफ्टवेयर का प्रयोग डेस्क टॉप पिटिण्ग तथा आनस्कीन इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग के लिए किया जाता है।
जैसे ,क्वाकृ एक्सप्रेस
2--डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम
व्यवस्थित डेटा का ऐसा संग्रह जिसमें जरूरत पड़ने पर डेटा को एक्सेस तथा फार्मेट किया जा सके। डेटाबेस मैनजमेंट कहलाता है।
3--पेजनटेशन साफ्टवेयर पेजनटेशन का अर्थ है ,अपने विचार , संदेश तथा अन्य सूचना को एक सरल रूप में किसी गुरुप के सामने प्रस्तुत कर ना
जैसे, माइक्रोसॉफ्ट पावर सप्लाई आदि।
देवबती निषाद।
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 6
ओपरेटिंग सिस्टम के भाषा अनुवादक तीन प्रकार के होते है
1असेंबलर(assembler) यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो असेम्बली भाषा मे लिखे गए प्रोग्राम को पढ़ता है और उसका अनुवाद मशीनी भाषा मे कर देता है असेम्बली भाषा मे लिखे प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा मे अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता हैं
2कम्पाइल(compiler) यह एक ऐसा प्रोग्राम होता हैं जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रेमिंग भाषा मे लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है कम्पाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्दशों में बदल देता है प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होती है
3 इंटरप्रेट्र (interpreter) यह भी किसी प
प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रेमिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्रेम का अनुवाद मशीनी भाषा मे करता है परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा मे अनुवादित करता है और उसका पालन कराता है इनका पालन हो जाने के बाद ही सोर्स प्रोग्राम के अगले कथन का मशीनी भाषा मे अनुवाद करता है मूलतः कम्पाइलर और इंटरप्रेट्र का कार्य समान होता है अन्तर केवल यह है कि कम्पाइलर जहां ऑब्जेक्ट प्रोग्राम बनाता है वही इंटरप्रेट्र कुछ नहीं बनाता इसलिए इंटरप्रेट्र का उपयोग करते समय हर बार सोर्स प्रोग्राम की आवश्यकता होती है
(7) यूटिलीटी software -ये प्रोग्राम computer के रख रखाव से सम्बन्धित कार्य करते हैं। ये प्रोग्राम computer के कार्यो को सरल बनाने उसे अशुद्धियो से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यो के लिए बनाए जाते हैं। ये पैकेज होते है जो software को
ReplyDeleteinstall करते समय computer में लोड हो जाते है। यह कुछ ऐसे प्रोग्राम का समूह है जो सिस्टम software नहीं होते परन्तु जिनकी आवयश्कता हमे बार बार होती है। यूटीलिटी software कई ऐसे कार्य करता है जो computer का उपयोग करते समय हमे करने पड़ते है। यूटीलिटी software के उदाहरण -
(1) टेक्स्ट एडिटर - यह एक ऐसा प्रोग्राम है जो टेक्स्ट फाइलो को क्रिएट और उनके एडिट की सुविधा देता है। इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जा सकता है ।
(2) डिस्क फ्रेग्मेण्टर - यह computer की hard डिस्क पर विभिन्न जगहो पर रखी हुई फाइलो को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लाता है जैसे -माईडिफ्रेग ,डिस्कीपर, डिफ्रेगलर आदि ।
(3) बैकअप यूटीलिटीज
(4) डिस्क क्लीनर्स
(5)एण्टीवयरस
Roshani dhruw
Kishan kumar
ReplyDeleteAns no.(05) - कम्पाइलर सोर्स कोड कि स्थिरता -
O.S. S.का लाइसेंस सोर्स कोड को केवल संसोधित रूप मे वितरित होने से प्रतिबंधित कर सकता है यदि लाइसेंस सॉफ्ट्वेयर के बनने के समय उसे संसोधित करने के उद्ददेश्य से सोर्स कोड के साथ patch फाइल के वितरण की भी अनुमति देता है ! लाइसेन्स को स्पष्ट रूप से संसोधित सोर्स कोड से बनाए गए सॉफ्टवेयर के वितरण कि अनुमति भी देनी चाहिये !
Ans no.(06) आपरेटिंग सिस्टम मे भाषा अनुवादक के प्रकार -
(a) असेम्बलर -
यह एक ऐसा Program होता है जोअसेंबली भाषा मैं लिखे गए प्रोग्राम को पड़ता है और उसकाअनुवाद मशीनी भाषा में कर देता है असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहा जाता है और मशीनी भाषा में अनुवाद करने के बाद जो प्रोग्राम प्राप्त होता है उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता हैं !
(b) कंपाइलर -
यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा मैं लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है।कंपाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है।प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा के लिए एक अलग कंपाइलर की आवश्यकता होती है।
(c) इंटरप्रेटर -
यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता हैपरंतु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को मशीनी भाषा में अनुवादित करता है और उसका पालन कर आता है। इनका पालन हो जाने के बाद ही वह सोर्सप्रोग्राम के अगली कथन का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है ।
Kishan kumar
ReplyDeleteAns no.(07) - यूटिलिटी सॉफ्टवेयर -
यह प्रोग्राम कंप्यूटर के रखरखाव से संबंधित कार्य करते हैं ।यह प्रोग्राम्स कंप्यूटर के कार्यों को सरल बनानेउसे अशुद्धियों से दूर रखने तथा सिस्टम की विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते हैं।यह पैकेज होते हैं जो सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करते समय कंप्यूटर में लोड हो जाते हैं।यह कुछ ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता है जो सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं होते परंतु जिन की आवश्यकता हमें बार-बार होती है।यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कई ऐसे कार्य करता है जो कंप्यूटर का उपयोग करते समय हमें करने पड़ते हैं।उदाहरण के लिए यूटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर ले जाने का कार्य कर सकता है।
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर काकुछ प्रमुख उदाहरण निम्न प्रकार है-
1.text एडिटर -
यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो टेक्स्ट फाइलों को क्रिएट और उनके एडिट की सुविधा देता है।इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डाटा तैयार करने में किया जाता है।
2. डिस्क fragmented -
यह कंप्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रुकी हुई फाइलों को खोज कर उन्हें एक स्थान पर लाता है जैसे - माईडिर्फेक डिस्कीपर आदि ।
3. एंटीवायरस -
यह ऐसे यूटिलिटी प्रोग्राम से हैजिनका उपयोग कंप्यूटर में वायरस ढूंढने और उन्हें डिलीट करने में होता है जैसे अवीरा एबीजी मैकफि आदि ।
भुनेश्वरी नाग
ReplyDeleteउत्तर क्रमांक 7
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ये प्रोग्राम कंप्यूटर के रख रखाव से सम्बंधित कार्य करते है ये प्रोग्राम्स कंप्यूटर के कार्य को सरल बनाने उसे अशुध्दियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते हैं ये पैकेज होते है जो सॉप्टवेयर को इंस्टॉल करते समय कंप्यूटर में लोड हो जाते हैंयह कुछ ऐसे प्रोग्रामों का समूह होता हैं जो सिस्टम सॉप्टवेयर नही होते परन्तु जिनकी आवश्यकता हमें बार बार होती हैं युटिलिटी सॉप्टवेयर कई ऐसे कार्य करते हैं जो कंप्यूटर का उपयोग करते है समय हमें करने पड़ते हैं
युटिलिटी सॉप्टवेयर के प्रमुख उद्देश्य
1 टेक्स्ट एडिटर (text editor) यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो टेक्स्ट फाइलों को क्रिएट और उनके एडिट की सुविधा देता है इसका उपयोग केवल टेक्स्ट टाइप करने में या किसी प्रोग्राम के लिए डेटा तैयार करने में किया जाता है इस टेक्स्ट को फाइलों के रूप में भी स्टोर किया जा सकता है और बाद में कभी भी एडिट किया जा सकता है
2 डिस्क फ्रेगमेन्टर(disk fragmenter)यह कंप्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर रखी हुई फाइलों को खोजकर उन्हें एक स्थान पर लाता है जैसे माईडीफ्रेग, दिस्किपर, डिफ्रेगमर आदि
3 बैकअप युटिलिटी(backup utilities)यह कंप्यूटर की डिस्क पर उपस्थित सभी सूचना की एक कॉफ़ी रखता है तथा जरूरत पड़ने पर कुछ जरूरी फ़ाइल या पूरी हार्ड डिस्क के कन्टेंट को वापस रिस्टोर कर देता है
4 डिस्क क्लीनर्स(disk cleaners)यह उन फाइलों को ढूढ़कर डिलीट करता है। जिनका उपयोग बहुत समय से नही हुआ है इस प्रकार यह कंप्यूटर की गति को भी तेज करता है जैसे-ब्लीच बिट क्लीनर आदि
5 एंटीवायरस(antivirus)-ये ऐसे युटिलिटी प्रोग्राम्स है जिनका प्रयोग कंप्यूटर में वायरल ढूढ़ने और उन्हें डिलीट करने में होता है जैसे-अविरा ,एवीजी ,मैकफी, आदि
6)डेटा सिलेक्शन प्रोग्राम (data selection program) ये ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो किसी डेटा फाइल में से हमारी रूचि के रिकॉर्ड को अगल करने में सहायक होते हैं ऐसे रिकॉर्ड का चयन किसी विशेष सूचना के मानो के आधार पर किया जाता है
7)फाइल सॉर्टिंग प्रोग्राम(file sorting program) ये ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो किसी डेटा फ़ाइल के रिकॉर्ड को हमारे किसी क्रम में लगा सकते है फ़ाइल को
Ans no.(08) -हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की मौलिक समस्याएं तथा उनका समाधान -
ReplyDelete1. कंप्यूटर का स्टार्ट ना होना
समाधान - इसका सबसे बड़ा कारण कंप्यूटर में उचित पावर की सप्लाई का ना होना है इस समस्या के समाधान के लिए यूजर को कंप्यूटर से जुड़ी हुई सभी तारों को ठीक प्रकार से जांच करनी चाहिए।
2.कंप्यूटर का धीमा होना -
समाधान - कंप्यूटर की मेमोरी में स्पेस कम या स्पेस ना होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।इसके समाधान के लिए यूजर को टेंपरेरी फाइल्स को डिलीट करने के साथयह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैकग्राउंड में कोई स्कैनिंग या स्टार्टअप प्रोग्राम ना चल रहा हो।साथ में मेमोरी अपग्रेडेशन से भी यह समस्या कम हो सकती है।
3.किसी सॉफ्टवेयर का इंस्टॉलेशन के बाद भी ना चलना -
समाधान - किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के बाद भी उसका न चलना बहुत सामान्य समस्या है।इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि उस सॉफ्टवेयर का कोई नया अपडेटेड वर्जन बाजार में उपलब्ध हो।यदि किसी सॉफ्टवेयर के इंस्टॉलेशन के बाद से कंप्यूटर के चलने में कोई परेशानी होती हैतो उस सॉफ्टवेयर को अनइनस्टॉल कर देना चाहिए।
4. प्रिंटर में समस्या -
समाधान - प्रिंटर के इंस्टॉलेशन के बाद भी प्रिंटर के न चलने परसबसे पहले यह सुनिश्चित करें किप्रिंटर की हरी लाइट ऑन है या नहीं।यदि प्रिंटर में ऑरेंज रंग की लाइट जल रही होअथवा लाइट ब्लिंक करेंतो इसका अर्थ होता है कि प्रिंटर में पेपर जाम हो गया है अथवा इंक या कार्टिज की कोई समस्या है जिसे ठीक कर देने पर प्रिंटर ठीक प्रकार से चलेगा ।
5. कंप्यूटर का बिना किसी चेतावनी के बंद होना या रीस्टार्ट होना -
समाधान - इस समस्या का एक कारण रैम का अपनी जगह में हिलना या सीपीयू के पंखे का बंद हो जाना हो सकता है।इसके अतिरिक्त ढीले तारों के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।इन समस्याओं को यूजर द्वारा ठीक करने पर कंप्यूटर पहले की तरह कार्य करने लगेगा।
उत्तर क्रमांक 1
ReplyDeleteपरिचय:-कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
उत्तर क्रमांक 1
ReplyDeleteपरिचय:-कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
उत्तर क्रमांक 1
ReplyDeleteपरिचय:-कम्प्यूटर मूलतः एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है,जो स्वयं कार्य नहीं कर सकती इसलिए इसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता हैं।इस इसके उचित आदेश दिया जाता है। यदि आदेश न दिया जाए , तो कम्प्यूटर की कोई उपयोगिता नहीं होता,चाहे वह कितनी ही उच्चचकोटि का क्यो न हो। यह उसी तरह है, जैसे कोई अच्छा बजने वाला हारमोनियम या पियानो तब तक बेकार ही रहता है,जब तक हमारा दिमाग,हमारी अंगुलियों को उसे बजाने का आदेश न दे।इसी प्रकार साफ्टवेयर है,जो कम्प्यूटर में जान डालकर,उसस उ सभी कार्य करा लेता है।साफ साफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर बिना आत्मा के शरीर या बिना बिजली के टेलीविजन जैसे ही है।
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