जल, जंगल,जमीन के रक्षा बर सबो मनखे ल आघु आये ल लगही जंगल ल बचाना सबो के जिम्मेदारी आये- छत्तीसगढ़ म कटत हसदेव जंगल के मुदा धीरे-धीरे पूरा विश्व म बगरत हे, सबले बढ़े प्रकृति के दोहन ये जंगल म होवत हे ऐखर कारण ये मुदा ल बगरना भी चाही, काबर की जल,जंगल,जमीन के जरूरत सिर्फ गांव म जंगल क्षेत्र म निवास करईया आदिवासी मनखे या छत्तीसगढ़िया मन ल नइ चाही, ऐखर जरूरत हर एक मनखे ल लगही अउ जल जंगल जमीन के रक्षा बर हर एक मनखे ल आघु आये ल लगही तभे भारत देश के फेफड़ा कहे जाने वाला हसदेव जंगल के विनाश होये ले बच सकथे, जइसे मनखे ल जीवन जिये बर शुद्ध हवा के जरूरत सबो …
छत्तीसगढ़ी बोली अब भाषा बनने के चरण की ओर बढ़ रहा है, इस प्रोजेक्ट में छत्तीसगढ़ के विभिन्न ज़िलों के प्रबुद्ध वर्ग जुड़े हुए हैं, बहुत बड़े स्तर कार्य हो रहा है, अब छत्तीसगढ़ की जनता को छत्तीसगढ़ी में हर पहलू पर जानकारी मिल सकेगी, जिसमें शिक्षा, खेतीबाड़ी, वाणिज्य व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान, शेयर मार्केट, जन जागरूकता समेत नाना प्रकार के विषय में शोध के बाद 11,000 घंटे से भी अधिक का कॉन्टेंट तैयार किया जा रहा है, सम्पूर्ण प्रोजेक्ट भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर* *एवं पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत हो रहा है, जिसमें डॉ प्रश…
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