छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए पदयात्रा आज, जांजगीर से चाम्पा तक नापी जायेगी जमीन- जांजगीर-चांपा// राज्य के शत प्रतिशत स्कूलों में छत्तीसगढ़ी को एक अनिवार्य विषय बनाने , पांचवी तक माध्यम बनाने , उनको मातृभासा एवं जनगणना के कालम में लिखने , राजकाज -कामकाज की भाषा बनाने के मांग एवं जनजागरुकता को लेकर मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी मंच द्वारा पदयात्रा निकाला जा रहा है जो जांजगीर से चाम्पा तक जायेगा । इससे पहले संगठन द्वारा पांच चरणों मे पदयात्रा किया जा चुका है । यात्रा में शामिल हो रहे मातृभाषा विशेषज्ञ नंदकिशोर सुक्ल ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य सरकार से उ…
सिक्छा महतारी भासा म मैं गीत गांहु नाचहु-बजाहु, मंच म चढ़ के बड़का गोठ-गोठियाहू। फेर छत्तीसगढ़ी भासा म, पढ़ाई-लिखई के नाव म मूहँ लुकाहु। छत्तीसगढ़ी भासा ल बयपार बनाहू, छत्तीसगढ़ी गोठिया के पइसा कमाहु। फेर लईका के महतारी भासा म, सिक्छा दे के नाव म पाछु घुच जाहूं। मोटा-मोटा किताब लिख के छपवाहुं, बड़का-बड़का मंच म सम्मान पाहु। छत्तीसगढ़ म महतारी भासा ल, बगराये के नाव न फेर सूत जाहूं। छत्तीसगढ़ म सब्बो मनखे संग, छत्तीसगढ़ी भासा के गोठ-गोठियाहू। महतारी भासा ल सिक्छा के माध्यम, बनाये के रददा ल तभो ले भुलाहु । मैं छत्तीसगढ़ी म नाचहु-गाहु, लिखहु-गोठियाहू पइसा क…
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