(होली गीत) घेरी-बेरी पोता!! घेरी-बेरी पोता मुँह गाल पोता…! अंग-अंग रंग अऊ गुलाल पोता…!! पाँच छेना ले के पहिली भेंट करब जाय काम क्रोध लोभ अहंकार जरि जाय दोष अवगुन होली म हो रीता…! अंग-अंग रंग अउ गुलाल पोता…!! बरती दीया के अंजोर सबके घर रहय अंधियार कहूँ न कोनो के डर तन-मन धन ले रहव सुभित्ता…! अंग-अंग रंग अउ गुलाल पोता…!! दिल मिले चाही जो रपोटे के हे साध दुख-सुख म घलो धरव अंगठी हाथ होली के तिहार झन रहय फीक्का…! अंग-अंग रंग अउ गुलाल पोता…!! जोहन करय विनती सुनव संगी नसा करव न काम लंदी-फंदी पी के एती-…
(होली गीत) अंग-अंग रंग म भीगा ले…!! अंग-अंग रंग म भीगा ले सजनिया…! आजा पिचकारी के मज़ा ले सजनिया…!! लाल-लाल परसा के फूल प्रेम रंग ए मिले बिन पीरा गड़े शूल प्रेम रंग ए थोर-थोर काँटा हटा ले सजनिया…! आजा पिचकारी के मजा ले सजनिया…!! जवानी काये मीना बजार मोर जान अंग-अंग मेवा-मिठाई के दूकान मेवा-मिठाई ल चिखा ले सजनिया…! आजा पिचकारी के मजा ले सजनिया…!! धक-धक धड़कत दिल अउ धड़क जाय गीला सुक्खा लकड़ी होली म धधक जाय काँड़ी संग माचिस घिसा ले सजनिया…! आजा पिचकारी के मजा ले सजनिया…!! दुनिया के डर लोकलाज ल भूला के मिल नदी संग नदिया बन के समा के मिल …
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