जग म जान हे त जहान
बढ़ वाइरस हे राक्षस कोरोना,थोकिन कहना ल मोर मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल,जग म जान हे त जहान ।।
अपन रक्षा करव सुरक्छा,ईही म सबके भलाई हे।
दुरी बनाके रहव ग भईया,नही त अडबड करलाई हे।
बगरे हे कोरोना के कहर,ले डारे हे कतको के जान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल,जग म जान हे त जहान ।।
अमीर गरीब अऊ जात पात,कोनो ल नई चिनहत हे ।
कोरोना बैरी आज दानव बनगे, मनखे ल सऊघे लिलत हे।
काल बनगे आज हमर बर, ऐ बैरी ल दुश्मन तय मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल, जग म जान हे त जहान ।।
हाट बाजार दुकान जाव,सेनेटाइजर मुंह म माक्स लगाव।
हाथ जोड के करत हव विनती,अपन परिवार बचाव।
चारो डहर म जहर घोरे हे, थोकिन कहना ल मोर मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल, जग म जान हे त जहान।।
जग म जान हे त जहान ।
✍️अनिल जाॅगडेे, सरगाव मुंगेली
बढ़ वाइरस हे राक्षस कोरोना,थोकिन कहना ल मोर मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल,जग म जान हे त जहान ।।
अपन रक्षा करव सुरक्छा,ईही म सबके भलाई हे।
दुरी बनाके रहव ग भईया,नही त अडबड करलाई हे।
बगरे हे कोरोना के कहर,ले डारे हे कतको के जान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल,जग म जान हे त जहान ।।
अमीर गरीब अऊ जात पात,कोनो ल नई चिनहत हे ।
कोरोना बैरी आज दानव बनगे, मनखे ल सऊघे लिलत हे।
काल बनगे आज हमर बर, ऐ बैरी ल दुश्मन तय मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल, जग म जान हे त जहान ।।
हाट बाजार दुकान जाव,सेनेटाइजर मुंह म माक्स लगाव।
हाथ जोड के करत हव विनती,अपन परिवार बचाव।
चारो डहर म जहर घोरे हे, थोकिन कहना ल मोर मान ।
झन छुवव मनखे मनखे ल, जग म जान हे त जहान।।
जग म जान हे त जहान ।
✍️अनिल जाॅगडेे, सरगाव मुंगेली





0 Comments
अपने विचार सुझाव यहाँ लिख कर हमें भेजें।