छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद में ढाई-ढाई साल के कार्यालय को लेकर प्रश्न उठते रहे मुद्दे पर बोले सिंहदेव


छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद में ढाई-ढाई साल के कार्यालय को लेकर प्रश्न उठते रहे मुद्दे पर बोले सिंहदेव



रायपुर । प्रदेश लगातार मुख्यमंत्री पद में ढाई-ढाई साल के कार्यालय को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं. इस मुद्दे पर इस बार सीधे सूबे के दूसरे नंबर के बड़े नेता टी. एस. सिंहदेव का बड़ा बयान आया है. चर्चा के दौरान सिंहदेव ने कहा कि राजनीति में लिखित या स्टांप पेपर में अनुबंध नहीं होता, राजनीतिक दल कार्यों का आंकलन करते हैं, उसी हिसाब से निर्णय लेते हैं.

उन्होंने कहा कि राजनीति में ढाई साल का कमिटमेंट नहीं होता. इस तरह की बातें मीडिया में आ रही है उसको लेकर मैंने पहले भी स्पष्ट कर दिया है कि अविभाजित मध्यप्रदेश में अर्जुन सिंह 2 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे, भाजपा के 5 वर्ष के शासनकाल में उमा भारती, बाबूलाल गौर शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया था. वही उसके बाद शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में 10 साल तक मुख्यमंत्री पद पर रहे. उन्होंने कहा कि राजनीति में कहीं रिटेन एग्रीमेंट नहीं होता, कि हम स्टांप पेपर लेकर आए और स्टांप पेपर में दस्तखत करें कि इतने साल तक हम मुख्यमंत्री रहेंगे. इसे राजनीतिक दल अपने स्तर पर आंकलन करते हैं और उसके हिसाब से आलाकमान का निर्णय अंतिम होता है. छत्तीसगढ़ में ढाई – ढाई साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल की बात को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह यह सब मीडिया में आई बातें हैं. मुख्यमंत्री का फैसला हमारी पार्टी में हाईकमान तय करते हैं. स्वास्थ्य मंत्री के इस बयानों को लेकर प्रदेश भर के राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है.



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