बीहड आदिवासी अंचल में ज्ञान की ज्योति बिखेर रहे विद्या मितान शिक्षकों (अतिथि शिक्षक) ने माननीय विनोद सेवन लाल चन्द्राकर विधायक महासमुन्द जी से कांग्रेस जन घोषणा पत्र के वादे अनुसार नियमितीकरण और गत 5 माह से लंबित वेतन भुगतान के संबंध में लगाई गुहार
महासमुंद: माननीय विनोद सेवन लाल चन्द्राकर विधायक महासमुन्द से विद्यामितान शिक्षक संघ(अथिति शिक्षक) के पदाधिकारी व सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात किया तथा अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौपा
गत चार वर्षों से बीहड़ इलाकों में शिक्षा की अलख जगाने वाले लगभग 2500 विद्या मितान शिक्षक (जिसको वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अतिथि शिक्षक नाम दिया है ) अब तक अपने सुरक्षित भविष्य हेतु गहरी चिंता में डूब रहे हैं, ज्ञात हो पूर्ववर्ती सरकारों ने इनके भविष्य के साथ अन्याय तो किया, किन्तु वर्तमान कांग्रेस सरकार के आने से इनमें भविष्य के सुरक्षा के प्रति आस बंधी है,क्योंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ,आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल सहित तमाम मंत्री एवम् विधायकों ने चुनाव पूर्व इन शिक्षकों से नियमितीकरण करते हुए सुरक्षित भविष्य का आस बांधा था पूर्व में नियमितीकरण के आंदोलन में वादा करते हुए अनशन तुड़वाया था , तथा सरकार बनते ही नियमितीकरण का भरोसा दिलाया था, इस संदर्भ में समय समय पर विधान सभा में सवाल उठते रहे हैं, विशेष मंत्री परिषद् के बैठकों में भी मूल छत्तीसगढ़िया विद्या मितानों के हितों का संरक्षण करने के फैसले भी लिए गए हैं, इस संदर्भ में पहल करते हुए वर्तमान शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय टेकाम के द्वारा विद्या मितान शिक्षकों को शिक्षा कर्मी वर्ग 1 (व्याख्याता पंचायत) में मर्ज करने हेतु राज्य के मुख्य सचिव को कार्यालयीन पत्र भी लिखा था, किन्तु उस पत्र को साल भर से अधिक होने जा रहा है, अब तक कोई कार्यवाही नजर नहीं आती , गत महीने राज्यपाल महोदया के द्वारा भी इनको शिक्षा विभाग में नियमित करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा गया है, बड़ी बात यह है की लगभग 300 विद्या मितान शिक्षकों को छंटनी करते हुए बाहर कर दिया गया है, जबकि सभी विद्या मितान शिक्षक विषय विशेषज्ञ संबंधित विषय में पी.जी और बी. एड प्रशिक्षित होने के साथ - साथ 5 वर्ष शिक्षकीय अनुभव सहित पर्याप्त योग्यता रखने और उत्कृष्ट योगदान देने के कारण ही आज सुकमा, बस्तर जैसे बीहड़ वनांचल में शिक्षा का स्तर सुधरा है और आज वे टॉप टेन में गिने जा रहे, अधिकांश स्कूलों में जहां विद्या मितान शिक्षक (अतिथि शिक्षक) सेवा दे रहे हैं, वहां उन विषयों में शत प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुए हैं, बावजूद इसके ये शिक्षक प्रशासन के अनदेखी से घोर निराशा और अवसाद में घिरते जा रहे हैं, इनकी स्थिति अत्यंत दयनीय होती जा रही है, इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है, गत 5 माह से वेतन भुगतान नहीं होने से इनकी आर्थिक हालात बिगड़ चुके हैं, इसलिए अब इन शिक्षकों के पास हर जगह नेता मंत्रियों के पास गुहार लगाने के सिवा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है, क्योंकि अधिकांश शिक्षक नौकरी की निर्धारित आयु पार कर चुके हैं, तो कइयों के पास रोज़ी रोटी की संकट आन पड़ी है, इसी कड़ी में *माननीय विनोद सेवन लाल चन्द्राकर विधायक महासमुन्द* को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।





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