डॉस कमाण्ड लाइन इंटरफेस लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम, Dos Operating system pali sir classes

 //ऑनलाइन लिखित टेस्ट//


***कम्प्यूटर संबंधित प्रश्न उत्तर***

Dos operating system



// विषय:- डॉस कमाण्ड लाइन इंटरफेस लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम //

अंक- 20                                                     समय- 03 घंटा


प्रत्येक प्रश्न 05 अंक के है।

सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।


1) एम एस डॉस की संरचना लिखिए? 
उत्तर:-

2) एमएस डॉस के आंतरिक आदेश एवं बाहरी आदेश को लिखिए। 
उत्तर:-

3) डॉस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए किन प्रोग्रामों की आवश्कता होती है? 
उत्तर:-

4) ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का परिचय लिखिए? 
उत्तर:-

5) शैल की कार्यविधि लिखिए?
उत्तर:-


6) लाइनक्स में फाइलों के प्रकार बताइए?
उत्तर:-


7) लाइनक्स के मौलिक आदेश के बारे में बताइए? 
उत्तर:-

8) रूट डारेक्टरी एवं उप डारेक्टरी का विवरण प्रस्तुत कीजिए?
उत्तर:-

9) लाइनक्स शैल को उदाहरण सहित समझाए? 
उत्तर:-

10) डॉस में फाइल की कॉपी आदेश को लिखिए।
उत्तर:-




नोट:- निर्देशों को ध्यान से पढ़े।
👉सभी उत्तर लिखत में देना है।
👉उत्तर देने के लिए टिप्पणी बॉक्स का प्रयोग करें।
👉उत्तर देते समय उत्तर क्रमांक आवश्यक लिखें।
👉उत्तर देने के बाद अपना नाम जरूर लिखें

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77 Comments

  1. उत्तर1:- इस आॅपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है:-
    (१) बूट रिकॉर्ड:- यह MS- DOS का मुख्य प्रोग्राम है और आॅपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।

    (२) इनपुट/ आउटपुट सिस्टम (I/O.SYS):- यह प्रोग्रामों तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।

    (३):- MS-DOS.SYS प्रोग्राम:- यह प्रोग्राम रूटीन्स (Program Routines) तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है,जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम ( उदाहरण के लिए; एप्लीकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।

    (४) Command.Com प्रोग्राम:- यह उपयोगकर्ता को निर्देशों (Commands) का समूह प्रदान करता है , जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  2. एमएस- डॉस आदेश के आन्तरिक आदेश एवं बाह्य आदेश निम्नलिखित हैं:-
    आन्तरिक आदेश:- ये ऐसे आदेश होते हैं,जो एमएस- डॉस की मुख्य फाइल कमाण्ड प्रोसेसर command.com में पहले से भरे होते हैं, क्योकि ये सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार-बार देने होते हैं। इन्हें चलाने के लिए किसी और फाइल की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए इन्हें आन्तरिक आदेश कहा जाता है।
    BREAK COPY ERASE LOADHIGH RD SHIFT

    CALL CITTY EXIT MD RD

    ब्राह्य आदेश:- ये ऐसे आदेश होते हैं, जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं रहते, बल्कि अलग प्रोग्राम फाइलों के रूप में डिस्क पर रहते हैं। जैसे ही कोई बाहरी आदेश दिया जाता है, कमाण्ड प्रोसेसर उससे संबंधित फाइल को डिस्क पर ढूंढता रहता है और फाइल मिल जाने पर मैमोरी में लोड कर देता है।
    APPEND DOSKEY HELP MOVE SORT

    CHKDSK EXPAND LABEL NLSFUNC TREE

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  3. उत्तर3:- इस आॅपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है:-
    (१) बूट रिकॉर्ड:- यह MS-DOS का मुख्य प्रोग्राम है और आॅपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।

    (२) इनपुट/आउटपुट सिस्टम:- यह‌ प्रोग्रामों तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।

    (३) MS-DOS.SYS प्रोग्राम:- यह प्रोग्राम रूटीन्स ( Program Routines) तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है,जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम ( उदाहरण के लिए; एप्लीकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।

    (४) Command.Com प्रोग्राम:- यह उपयोगकर्ता को निर्देशों (Command) का समूह प्रदान करता है, जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  4. उत्तर क्रमांक_01
    जो ऑपरेटिंग सिस्टम अपने कार्य में बार-बार डिस्क की मदद लेता है उसे डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या डांस कहा जाता है डांस छोटे-बड़े सभी प्रकार के कंप्यूटर के लिए हो सकता है ।आईबीएम(IBM) के पर्सनल कंप्यूटरों के लिए माइक्रोसॉफ्ट नामक कंपनी ने जो ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया उसे पर्सनल कंप्यूटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या पीसी डॉस (PC-DOS)कहा गया ।बाद में माइक्रोसॉफ्ट नामक कंपनी ने आईबीएम- पीसी काम्पैटिबल(IBM-PC) कंप्यूटरों के लिए जो ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया उसका नाम माइक्रोसॉफ्ट_ डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या एमएस डॉस (MS-DOS) रखा गया।

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  5. गायत्री बाला

    उत्तर क्रमांक-1

    एम एस-डांस की संरचना:-
    इस आपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामो की आवश्यकता होती है :-
    (1) बूट रिकॉर्ड:-
    यह MD-DOS का मुख्य प्रोग्राम है और आपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी मे लोड करता है।
    (2) इनपुट/आउटपुट सिस्टम :-
    यह प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।
    (3) MS - DOS.SYS प्रोग्राम :-
    यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है, जो उच्चस्तरीय प्रोग्रामो (उदाहरण के लिए एप्लीकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।
    (4) Command.com प्रोग्राम :-
    यह उपयोगकर्ता को निर्देशो का समूह प्रदान करता है , जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  6. उत्तर4:- ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर:- ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता है, जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। ऐसे साॅफ्टवेयर के सोर्स कोड को माॅडीफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर का उसके डेवलपर, जिसने उस साॅफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस साॅफ्टवेयर को पढ़ने, उसमें माॅडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार देता है।

    Ex:- Linux

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  7. शिवानी साहू
    उत्तर क्रमांक- 3
    उत्तर- इस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलखित प्रोग्रामो की आवश्यकता होती है।
    1,बुट रिकार्ड- यह ms dos का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।
    2,इनपुट / आउटपुट सिस्टम- यह प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है।
    2, MS-DOS प्रोग्राम- यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा टेबल का एक एसा समूह होता है।जो उच्च स्तरीय प्रोग्राम प्रदान करता है।
    4,command.com प्रोग्राम- यह उपयोगकरता के निर्देश का समूह प्रदान करता हैं।जो उपयोगर्ताओं को फाइल मैनेमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

    उत्तर क्रमांक- 2
    उत्तर - आंतरिक आदेश- वह आदेश होते है, जो MS- DOS की मुख्य फ़ाइल कमांड प्रोसेसर command.com से पहले से भरे होते है।क्यों कि ये सबसे महत्वपर्ण होते है।ये आदेश कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में हर समय उपलब्ध होते है तथा इन्हे चलाने के लिए किसी और फ़ाइल की आवश्यकता नहीं होती इसलिए इन्हे आंतरिक आदेश कहा जाता है।

    बाह्य आदेश - ये वह आदेश होते है जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं रहते , बल्कि अलग प्रोग्राम फाइल के रुप में डिस्क पर रहते हैं।जैसे ही कोई बाह्य आदेश दिया जाता है। कमांड प्रोसेसर उससे संबंधित फ़ाइल को डिस्क पर ढूंढता है। और फाइल मिल जाने पर मैमोरी में लोड कर देता है।इसके साथ ही उस आदेश का पालन प्रारंभ हो जाता है।
    इनको चलाने के लिए यह आवश्यक है कि इनका संस्करण वहीं होना चाहिए , जो यूजर के MS-DOS का हैं नहीं तो incorrect version संदेश आयेगा और आदेश रदद हो जाएगा ।
    उत्तर क्रमांक- 4
    उत्तर- फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर या ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को येषा सॉफ्टवेयर को ऐसा सॉफ्टवेयर कहा जाता है, जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। ऐसा सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को मॉडिफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकाश में मदद कर सकता है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का आर्थ है किसी भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का इसके डेवलपर जिसने उस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सॉफ्टवेयर को पढ़ने , उसमें मॉडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का आधिकार दे देता है।
    लाइनेक्स ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम्स का एक प्रमुख उदाहरण हैं।यह यूनिक्स लाईफ ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है।

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  8. उत्तर क्रमांक_02
    एमएस- डॉस के आंतरिक आदेश निम्नलिखित है
    BREAK COPY ERASE LOADHIGH RD SHIFT

    CALL CTTY EXIT MD TIME

    CD DATE FOR MKDIR
    REN TYPE

    DEL GOTO PATH
    RENAME VER

    CHDIR DIR IF PAUSE
    RMDIR VERIFY

    CLS ECHO LH PROMPT
    SET VOL
    एमएस -डॉस के मुख्य बाह्राआदेश निम्नलिखित है
    APPEND DOSKEY HELP MOVE SORT

    ATTRIB DOSSHELL KEYB
    MSAV SYS BACKUP

    CHKDSK EXPAND LABEL
    NLSFNC TREE

    DELTREE FASTHELP MEM MSBACKUP UNDELETE

    DISKCOMP FORMAT MEMMAKER PRINT XCOPY
    FIND

    DISKCOPY GRAPHICS MORE RESTORE


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  9. गायत्री बाला

    उत्तर क्रमांक -2

    एम एस-डांस के आन्तरिक आदेश :-
    ये ऐसे आदेश होते हैं जो एम एस-डांस की मुख्य फाइल कमाण्ड प्रोसेसर command.com मे पहले से भरे होते हैं, क्योंकि ये सबसे महत्वपूर्ण होती है और बार-बार देने पड़ते है। ये आदेश कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी मे हर समय उपलब्ध रहते हैं तथा इन्हें चलाने के लिए किसी और फाइल की आवश्यकता नहीं होती , इस लिए इन्हें आन्तरिक आदेश कहा जाता है।

    एम एस-डांस के बाह्य आदेश :-
    ये ऐसे आदेश होते हैं जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी मे उपलब्ध नहीं रहते , बल्कि अलग प्रोग्राम फाइलों के रूप में डिस्क पर रहते हैं। जैसे ही कोई बाह्य आदेश दिया जाता है , कमाण्ड प्रोसेसर उससे संबंधित फाइल को डिस्क पर ढूंढता है और फाइल मिल जाने पर मैमोरी मे लोड कर देता है इसके साथ ही उस आदेश का पालन प्रारंभ हो जाता है।
    इनको चलाने के लिए यह आवश्यक है कि इनका संस्करण वही होना चाहिए , जो यूजर के एम एस-डांस का है नहीं तो Incorre Version संदेश आएगा और आदेश रद्द हो जाएगा।

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  10. उत्तर क्रमांक_03
    इस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कंप्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है
    1.बूट रिकॉर्ड _यह MS-DOS का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लोड करता है ।

    2.इनपुट /आउटपुट सिस्टम _ यह प्रोग्रामों तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफ़ेस प्रदान करता है ।

    3.MS-DOS.SYSप्रोग्राम _यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है जो उच्च स्तरीय प्रोग्राम (उदाहरण के लिए ;एप्लीकेशन प्रोग्राम )प्रदान करता है ।

    4.command.comप्रोग्राम_ यह उपयोगकर्ता को निर्देशों का समूह प्रदान करता है जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  11. उत्तर क्रमांक_04
    फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर या ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा सॉफ्टवेयर कहा जाता है जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है ऐसे सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को माडीफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है कि किसी भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का उसके डेवलपर उसके जिसने उस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सॉफ्टवेयर को पढ़ने उसमें मॉडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है लाइनक्स ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम का एक मुख्य उदाहरण है यह यूनिक्स लाइक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है।

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  12. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक -4

    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का परिचय :-
    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कम्प्यूटर सांफ्टवेयर का डेवलपर , जिसने उस सांफ्टवेयर का निर्माण किया है सोर्स कोड एक लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सांफ्टवेयर को पड़ने, उसमे सुधार करने और सार्वजनिक तौर पर सभी को भी उस उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का आदेश अधिकार दे देता है।
    उदाहरण:- लाइनक्स ओपन सोर्स आपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है। यह यूनिक्स लाइक आपरेटिंग सिस्टम है , जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है।

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  13. उत्तर5:- शैल की कार्यविधि:- जब यूजर सिस्टम में लाॅगइन होते हैं, तब C Shell दो फाइल्स . login एवं.cshrc, को देखता है, जहां.login फाइल यह परिभाषित करती है कि कौन- सा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं ? .login एवं . cshrc फाइल के मध्य मुख्य अंतर यह है कि . login फाइल तब रीड की जाती है, जब उपयोगकर्ता सिस्टम में लाॅगइन होता है, जबकि .cshrc फाइल हर समय रीड की जाती है, जब उपयोगकर्ता कोई शैल आरम्भ करता है अथवा कोई नया C शैल एक्सेस करता है। लाॅगइन होने पर सर्वप्रथम.cshrc फाइल रीड की जाती है, तत्पश्चात .login फाइल रीड की जाती है। C Shell /bin/csh रूप में होता है।

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  14. उत्तर क्रमांक _05
    जब यूजर सिस्टम में लॉगइन होते हैं तब c shell फाइल्स .login एवं.cshrc को देखता है जहां. login फाइल या परिभाषित करती है कि कौन -सा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं? यूजर का प्राम्प्ट कैसा होगा (यदि यूजर डिफॉल्ट नहीं चाहते हैं )साथ ही यह भी कि यूजर लॉगइन होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहते हैं या नहीं ?
    .login एवं.cshrc फाइल के मध्य मुख्य अंतर यह है कि .loginफाइल तब रीड की जाती है जब उपयोगकर्ता सिस्टम में लॉगइन होता है जबकि .cshrcफाइल हर समय रीड की जाती है जब उपयोगकर्ता कोई शैल आरंभ करता है अथवा कोई नया cशैल एक्सेस करता है लॉगइन होने पर सर्वप्रथम .cshrc फाइल रीड की जाती है तत्पश्चात .login फाइल रीड की जाती हैc shell/bin/csh रूप में होता है।

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  15. शिवानी साहू
    उत्तर क्रमांक - 6 लाइनक्स में फाइल के प्रकार - लाइनक्स में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है। फाइल को सामान्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता
    है,जो निम्नलिखित है
    1 साधारण फाइले - ये वे फाइल होती हैं जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती हैं जैसे डेटा फाइल , प्रोग्राम फाइल सब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की एगजिक्यूतेबल फाइल । उपयोगकर्ता इन फाइल को आपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है।
    2 डायरेक्ट्री फाइले - जब उपयोगकर्ता कोई फ़ाइल बनता है तो लिनक्स एक डायरेक्ट्री फाइल बना देता हैं।जिससे उस डायरेक्ट्री में शामिल फाइल के बारे में सूचनाएं होती है। डायरेक्ट्री फाइल को उपयोगकर्ता द्वारा मॉडिफाई नहीं किया जा सकता लेकिन जब भी उसे डायरेक्ट्री में कोई नई फ़ाइल जोडी जाती है या उप डायरेक्ट्री बनाई जाती है तो लिनक्स स्वत: ही उसे डायरेक्ट्री फाइल को मॉडिफाई कर देता है।
    3, विशेष फाइले - ये वे फाइल होते हैं जो इनपुट / आउट पुट उपकरणों से संबंधित होती है और स्टैंडर्ड लिनक्स डायरेक्ट्री जैसे - /dev तथा /etc में पाई जाती है वास्तव में आधिकांश सिस्टम फाइले विशेष फैले होती है। उपयोगकर्ता इन्हे मॉडिफाई नहीं कर सकते ।
    उत्तर क्रमांक- 7
    उत्तर - लाइनक्स में हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं है।
    लाईनक्स आदेश को केवल कमांड prompt या सैल prompt पर दिया जा सकता है। सैल prompt पर एक साथ कई आदेश भी दे सकते परंतु उनको सेमिकॉलन (;)से अलग करना आवश्यक होता है। ऐसे आदेशों को एगजिक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है जिस क्रम में वे दिए जाते है।
    किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिए man मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है ।
    उदाहरण - यदि cd आदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं।तो सैल prompt पर निम्नलिखत आदेश दिए जाते है।
    $ man cd
    इसके उत्तर में cd आदेश का पूरा प्रारूप स्क्रीन पर दिखाया जाएगा ।
    उत्तर क्रमांक- 1
    उत्तर - Dos की संरचना
    1 बुट रिकार्ड- यह MS -DOS का मुख्य प्रोग्राम हैं ऑपरेटिंग सिस्टम को प्रमुख मैमोरी में लोड करता है।
    2 , इनपुट/आउटपुट सिस्टम- यह प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है।
    3,म्स -DOS .SYS- यह प्रोग्राम रूटीन तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है, जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम प्रदान करता है।
    4command. Com प्रोग्राम - यह उपयोग कर्ता को निर्देश का समूह प्रदान कर्ता है।जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  16. भुनेश्वरी नाग
    उत्तर क्रमांक (1)
    1)बूट रिकॉर्ड - यह ms-dos का मुख्य प्रोग्राम है और ओपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।
    2)इनपुट/आउटपुट सिस्टम - यह प्रोग्रामो तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है
    3)commands. Com प्रोग्राम - यह उपयोगकर्ता को निर्देशो का समूह प्रदान करता है जो उपयोगकर्ता को फ़ाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है

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  17. उत्तर क्रमांक_06
    लाइनक्स में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है फाइलों को सामान्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है जो निम्नलिखित है
    1.साधारण फाइलें _यह वे फाइलें होती है जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती है जैसे _डेटा फाइल ,प्रोग्राम फाइल, ऑब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल। उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है ।

    2.डायरेक्टी फाइलें_जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है तो लाइनक्स एक डायरेक्टरी फाइल बन देता है जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती हैं डायरेक्टरी फाइल को उपयोगकर्ता
    द्वारा मॉडिफाई नहीं किया जाता लेकिन जब भी उस डायरेक्टी में कोई नई फाइल जोड़ी जाती है या उप डायरेक्टरी बनाई जाती है तो लाइनेक्स स्वता ही उस फाइल को मॉडिफाई कर देता है ।

    3.विशेष फाइलें _ये वे फाइलें होती है जो इनपुट /आउटपुट उपकरणों से संबंधित होती हैं और स्टैंडर्ड लाइनक्स डायरेक्ट्रीयो जैसे_/devतथा/etcमें पाई जाती है वास्तव में अधिकांश सिस्टम फाइलें विशेष फाइलें होती हैं उपयोगकर्ता इन्हें मॉडिफाई नहीं कर सकते।

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  18. उत्तर 6:- लाइनक्स में फाइलों के प्रकार:-- लाइनक्स में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है। फाइलों को समान्य रूप से तीन श्रेनियों में वर्गीकृत किया जाता है, जो निम्नलिखित हैं:-
    (१) साधारण फाइलें:- ये वे फाइलें होती हैं जो उपयोगकर्ता व्दारा बनाई जाती हैं; जैसे:- डेटा फाइल, प्रोग्राम फाइल, आॅब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल। उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपने सुविधा के अनुसार बदल सकता है।
    (२) डायरेक्टरी फाइलें:- जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है, तो लाइनक्स एक डायरेक्टरी फाइल बना देता है, जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती हैं। डायरेक्टरी फाइल को उपयोगकर्ता व्दारा माॅडिफाई नहीं किया जा सकता, लेकिन जब भी उस डायरेक्टरी में कोई नई फाइल जोड़ी जाती है या उप- डायरेक्टरी बनाई जाती है, तो लाइनक्स स्वत: ही उस डायरेक्टरी फाइल को माॅडिफाई कर देता है।
    (३) विशेष फाइलें:- ये वे फाइलें होती हैं जो इनपुट/ आउटपुट उपकरणों से सम्बन्धीत होती हैं और स्टैण्डर्ड लाइनक्स डायरेक्टरियों; जैसे:- /dev तथा /etc में पाई जाती हैं। वास्तव में अधिकांश सिस्टम फाइलें विशेष फाइलें होती हैं। उपयोगकर्ता इन्हें माॅडिफाई नहीं कर सकते।

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  19. उत्तर क्रमांक _07
    लाइनक्स में हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परंतु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं है ।
    लाइनक्स आदेशों को केवल कमांड प्राम्प्ट या शैल प्राम्प्ट($) दिया जा सकता है शैल प्राम्प्ट एक साथ कई आदेश भी दे सकते हैं परंतु उनको सेमीकलन (;)से अलग करना आवश्यक होता है ऐसे आदेशों का
    एग्जीक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है जिस क्रम में वे दिए जाते हैं।
    किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिए मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है उदाहरण यदि cdआदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो शैल प
    प्राम्प्ट पर निम्नलिखित आदेश दिए जाते हैं उसके उत्तर में आदेश दिए जाते हैं
    $ man cd
    इस के उत्तर मेंcdआदेश का पूरा प्रारूप स्क्रीन पर दिखाया
    जाएगा।

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  20. शिवानी साहूं
    उत्तर क्रमांक- 10
    उत्तर - इस आदेश5 के द्वारा किसी फाइल की कॉपी किसी दूसरे नाम से कर सकते हैं ल
    उदाहरण- $cp myfile astha
    इस आदेश में myfile नाम की फ़ाइल की कॉपी astha नाम से बनाई जाएगी इस आदेश के साथ भी स्विचो का प्रयोग किया जाता है।जिनमें से कुछ स्वीच निम्नलिखित हैं
    - i आवेरैतिंग करने से पहले सूचित करने के लिए।
    - 1- फाइल को कॉपी करने के स्थान पर केवल लिंक करने के लिए
    - s- सिम्बोलिक लिंक बनाने के लिए
    उत्तर क्रमांक - 8
    उत्तर - रूट डायरेक्ट्री - रूट डायरेक्ट्री से किसी एक फाइल के आतिरिक्त फाइल तक पहुंचने में जिन जिन डायरेक्ट्री से होकर जाना पड़ता है।उन सबकी सूची को उस फाइल का path कहते हैं। लाइनक्स के आदेश में path को कोई बार देने की आश्यकता होती हैं।
    2 - उप डायरेक्ट्री - रूट डायरेक्ट्री को कई उप डायरेक्ट्री में विभाजित किया जाता है।जिनका संछि प्त विवरण निम्नलिखित है-
    1 ) /lip डायरेक्ट्री - इश डायरेक्ट्री में इसे छोटे- छोटे प्रोग्राम को रखा जाता हैं जिनकी आश्यकता कंपैलार को होती है।इसे लाइब्रेरी कहा जाता है।
    2) /home डायरेक्ट्री - इस डायरेक्ट्री में प्राय: सभी उपयोग7को होम या प्रमुख डायरेक्ट्री को रखा जाता है।
    3) /boot - डायरेक्ट्री में लाइनेक्स कि कर्नल तथा boot लोडर कॉन्फ़िगरेशन फाइल होती है जिनकी आवश्यकता सिस्टम को boot करते समय होता है ।
    4) / usr - डायरेक्ट्री में लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की उन फ़ाइल को रखा जाता है जो बुट करते समय आश्यकता नहीं होती ।इनमें भी युटिलिटी को रखा जाता है।
    5) /var डायरेक्ट्री इश डायरेक्ट्री में एसा सूचनाएं को रखा जाता है, जो विभिन्न युटिलिटीज के लिए विशेष रूप से आवश्कता होती है।

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  21. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक -6

    लाइनक्स मे फाइलों के प्रकार :-
    लाइनक्स मे हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रुप में प्रयोग किया जाता है। फाइलों को सामान्य रुप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता, जो निम्नलिखित हैं
    (1) साधारण फ़ाइलें:- ये वे फाइलें होती है जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती है; जैसे:- डेटा फाइल, प्रोग्राम फाइल, आंब्जेकट फाइल तथा सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल। उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी के अनुसार बदल सकता है
    (2) डायरेक्टरी फाइलें :- जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है, तो लाइनक्स एक डायरेक्टरी बना देता है। जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती हैं।डाय डायरेक्टरी फाइल को उपयोगकर्ता द्वारा मांडिफाई के बारे में सूचनाएं होता है।
    (3) विशेष फाइल:- ये वे फाइलें होती है। इनपुट आउटपुट उपकरणों से संबंधित होता है

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  22. उत्तर7:- लाइनक्स के मौलिक आदेश:- लाइनक्स में हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं हैं।
    लाइनक्स आदेशों को केवल कमाण्ड प्राॅम्प्ट या शैल प्राम्प्ट ($) पर दिया जा सकता है। शैल प्राम्प्ट पर एक साथ कई आदेश भी दे सकते हैं परन्तु उनको सेमिकाॅलन (;) से अलग करना आवश्यक होता है। ऐसे आदेशों का एग्जिक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है,जिस क्रम में वे दिए जाते हैं।
    किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिए man मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण, यदि cd आदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो शैल प्राम्प्ट पर निम्नलिखित आदेश दिए जाते हैं।

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  23. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक 10
    इस आदेश के द्वारा किसी फाइल की कांपी किसी दूसरे नाम से कर सकते है।
    उदाहरण :- $ cp myfile astha
    इस आदेश सेmyfile नाम की कांपीastha नाम से बनाई जाएगी।इस आदेश के साथ भी स्विचों का प्रयोग किया जा सकता है जिनमें से कुछ सर्विस निम्नलिखित हैं
    -I --ओवरराइटिंग करने से पहले सूचित करने के लिए
    -1- फाइल को कांपी करने के स्थान पर केवल लिंक करने के लिए
    -s सिम्बोलिक लिंक बनाने के लिए

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  24. शिवानी साहू
    उत्तर क्रमांक-11
    उत्तर- लाइनक्स शैल - शैल वास्तव में येगजिक्यूतेबल प्रोग्राम्स होते है । ये युजर द्वारा मशीन से संबंध स्थापित करने पर इंटरप्रेटर के रूप में कार्य करता है। शैल द्वारा उपयोगकर्ता व मशीन के मध्य की जाने वाली क्रिया विधि मुख्यत: चार चरणों में पूर्ण कि जाती है।
    शैल मुख्य रूप से आपने कार्य निम्न चरणों में करते है।
    प्रथम चरण- यह उपयोगकर्ता के लिए prampt चिन्ह उपलब्ध कराता है एवं उपयोगकर्ता के द्वारा command दिए जाने का इंतजार करता है।
    दुसरा चरण - उपयोगकर्ता के द्वारा command दिए जाने के पश्चात् शैल स्पेशल कैरेक्टर के लिए कमांड लाइन को री - बिल्ड करता है।
    तृतीय चरण- इसके पश्चात यह command को कर्नल तक भेजता है जहा यह येगजिक्यूट किया जाता है और शैल येगजिक्यूशन पूर्ण होने तक इंतजार करता है।
    चतुर्थ चरण- पुन: prampt चिन्ह पर आ जाता है एवम अगली command के दिए जाने तक इंतजार करता है।

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  25. उत्तर क्रमांक _08
    (a) /binडायरेक्टरी _इस डायरेक्टरी में लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में उपलब्ध आदेशों या यूटिलिटीज को स्टोर किया जाता है जैसे _cp,cat,pwd,Is,sort,date,chmodआदि। ये सभी आदेश फाइलें या यूटिलिटीज बाइनरी फॉर्मेट में होते हैं इसलिए इनको binडायरेक्टरी में रखा जाता है।
    (b)/dev डायरेक्टरी _इस डायरेक्ट्री में सिस्टम के सभी उपकरणों या डिवाइसों संबंधित फाइलों को रखा जाता है इन उपकरणों में टर्मिनल (TTY)हार्ड डिस्क(HD) रैम(RAM) आदि शामिल होते हैं उपयोगकर्ता डिवाइस फाइलों के द्वारा इन डिवाइसों का सीधे उपयोग कर सकता है ।

    (c)/etcडायरेक्टरी _इस डायरेक्टरी में सिस्टम के कंफीग्रेशन आदि से संबंधित फाइलों को स्टोर किया जाता है जैसे _पासवर्ड फाइल। ये फाइलें सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होती है।
    (d)/lib डायरेक्टरी_ इस डायरेक्ट्री में ऐसे छोटे-छोटे प्रोग्रामों को रखा जाता है जिनकी आवश्यकता कंपाइलर को होती है इसे लाइब्रेरी कहा जाता है ।
    (e)/home डायरेक्टरी_इस डायरेक्ट्री में प्राय सभी उपयोगकर्ताओं की प्रमुख डायरेक्टरी को रखा जाता है।
    (f)/bootडायरेक्टरी _इस डायरेक्ट्री में लाइनक्स की कर्नल तथा बूट लोडर कंफीग्रेशन फाइले होती है जिस
    नकी आवश्यकता सिस्टम को बूट करते समय होती है।
    (g) /usr डायरेक्ट्री_ इस डायरेक्टरी में लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की उन फाइलों को रखा जाता है जो बूट करते समय आवश्यक नहीं होती है इसमें भी यूटिलिटीज को रखा जाता है ।
    (h)/var डायरेक्टरी _इस डायरेक्टरी में ऐसी सूचनाओं को रखा जाता है जो विभिन्न यूटिलिटीज के लिए विशेष रूप से आवश्यक होती है।

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  26. उत्तर क्रमांक_09
    शैल वास्तव में एग्जीक्यूटेबल प्रोग्राम्स होते हैं यह यूजर द्वारा मशीन से संबंध स्थापित करने पर इंटरप्रेटर के रूप में कार्य करते हैं लाइनक्स सिस्टम के अंतर्गत आज विभिन्न शैल उपलब्ध है जैसे _बार्नेशैल ,कर्नल शैल cशैल इत्यादि ।
    लाइन एप्स के विभिन्न डिस्ट्रीब्यूशन में सामान्यता पाए जाने वाले उपयोगी सैलो को निम्नानुसार एक टेबल के रूप में दर्शाया गया है एवं सिस्टम में वह सेल सामान्यतः किस स्थान पर उपलब्ध होते हैं यह भी दर्शाया गया है।

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  27. उत्तर क्रमांक _10
    कॉपी आदेश एक ऐसे प्रोग्राम का नाम है जो किसी फाइल की दूसरी कॉपी (अर्थात ठीक वैसे ही दूसरी फाइल )बनाने के लिए लिखा गया है इस प्रोग्रामों को चलाने के लिए एमएस डॉस को कॉपी आदेश दिया जाता है प्रत्येक आदेश के साथ हम कुछ ऐसी सूचनाएं भी देते हैं जो उस आदेश का एक्जीक्यून करने के लिए आवश्यक है।
    जैसे _copyआदेश के साथ हमें यह बताना होता है कि किस फाइल की कॉपी किस नाम से बनानी है।

    उदाहरण,c:\copy STUD1.TXT TEMP TXT
    इसमें कॉपी आदेश का नाम जो सर्वप्रथम लिखा गया है उसके बाद लिखे गए शेष पैरामीटर है यहां दो पैरामीटर है जो दो फाइलों के नाम है इस आदेश का अर्थ यह है किSTUD1.TXT नाम की जो फाइल है वैसे ही दूसरे फाइल दूसरे पैरामीटर TEMP.TXTनाम से बना दें।

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  28. भुनेश्वरी नाग
    उत्तर क्रमांक (2)
    आंतरिक आदेश
    ये ऐसे आदेश होते हैं जो एमएस - डॉस की मुख्य फ़ाइल कमांड प्रोसेसर में पहले से भरे होते है क्योंकि ये सबसे महत्वपूर्ण होते है बार बार देने होते है ये आदेश कंप्यूटर की मुख्य मैमोरी में हर समय उपलब्ध रहते है तथा इ
    इन्हें चलाने के लिए किसी और फ़ाइल की आवश्यकता नहीं होती है

    एक्सटर्नल आदेश
    ये ऐसे आदेश होते है जो कंप्यूटर की मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं रहते बल्कि अलग प्रोग्राम फ़ॉलो के रूप में डिस्क पर रहते है जैसे ही कोई बाहरी आदेश दिया जाता है इनको चलाने के लिए यह आवश्यक है कि इनका संस्करण वहीं होना चाहिए जो यूजर के एमएस - डॉस का हसि नही तो इंकॉररेक्ट वर्शन सन्देश आएगा और आदेश रदद् हो जाएगा

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  29. उत्तर8:- रूट डायरेक्टरी:- रूट डायरेक्टरी से किसी एक फाइल के अतिरिक्त फाइल तक पहुंचने में जिन-जिन‌ डायरेक्टरियों से होकर जाना पड़ता है,उन सबकी सूची को फाइल का पाथ कहते हैं। लाइनक्स के आदेशों में पाथ को कई बार देने की आवश्यकता होती है।

    उप- डायरेक्टरी-: रूट डायरेक्टरी को कई उप- डायरेक्टरीयों में विभाजित किया जाता है। इन सभी डायरेक्टरीयों में अलग-अलग प्रकार की विशेष फाइलें होती हैं। इनका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है--
    (a) /bin डायरेक्टरी:- इस डायरेक्टरी में लाइनक्स आॅपरेटिंग सिस्टम में उपलब्ध आदेशों या यूटिलिटीज को स्टोर किया जाता है; जैसे-- CP, Cat, PWD, Is, Sort, date, chmod आदि। ये सभी आदेश फाइलें या यूटिलिटीज बाइनरी फार्मेट में होते हैं इसलिए इनको bin डायरेक्टरी में रखा जाता है।
    (b) /dev डायरेक्टरी:-- इस डायरेक्टरी में सिस्टम के सभी उपकरणों या डिवाइसों सम्बन्धी फाइलों को रखा जाता हैं। इन‌ उपकरणों में टर्मिनल (TTY), हार्ड डिस्क (HD), रैम (RAM), आदि शामिल होते हैं।

    (c) /etc डायरेक्टरी:- इस डायरेक्टरी में सिस्टम के कान्फिगरेशन आदि से सम्बन्धित फाइलों को स्टोर किया जाता है; जैसे-- पासवर्ड फाइल। ये फाइलें सिस्टम को सूचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक होती हैं।
    (d) lib डायरेक्टरी:- इस डायरेक्टरी में ऐसे छोटे- छोटे प्रोग्रामों को रखा जाता है, जिनका आवश्यकता कम्पाइलर को होती है। इसे लाइब्रेरी कहा जाता है।

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  30. Devbati nishad..... उत्तर कृमांक 1
    डांस कि संरचना
    1बूट रिकॉर्ड,यह एम एस डांस का मुख्य प्रोगाम है और आपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।
    2.इनपुट आउटपुट सिस्टम। ,यह प्रोगामो तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।
    3... एम एस डांस,SYS.पोगाम यह प्रोग्राम रूटिन्स तथा डेटा टेबल का समूह होता है। जो उच्च स्तरीय प्रोगाम पृदान करता है।
    4.Command .Com program...

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  31. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक-9

    लाइनक्स शैल :-
    शैल वास्तव में एग्जीक्यूटेबल प्रोग्राम होता है।ये यूजर द्वारा मशीन से संबंध स्थापित करने पर इण्टरप्रेटर के रूप में कार्य करते हैं। लाइनक्स सिस्टम के अंतर्गत आज विभिन्न शैल उपलब्ध है ।
    जैसे:- बांर्ने शैल , कार्न शैल , सी शैल इत्यादि।
    लाइनक्स के एक प्रचलित डिस्ट्रिब्यूशन ''Red Hat Linux" द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले शैल्स जो Read Hat लाइनक्स फाइल सिस्टम में उपस्थित होते हैं।

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  32. Devbati nishad..... उत्तर कृमांक 2
    एम एस डांस के आंतरिक एवं बाह्य आदेश
    1.आंतरिक आदेश ... यह आदेश एक ऐसे आदेश होते हैं,जो एम एस डांस कि मुख्य फ़ाइल कमाण्ड प्रोसेसर में पहले से भरे होते हैं क्योकि ये सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार बार देने होते हैं। MS .DOS के आंतरिक आदेश निम्नलिखित है।
    BREAK ,COPY .SHIFT
    2.बाह्य आदेश, ये एसे आदेश होते हैं,जो कम्प्यूटर कि मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं होते हैं, बल कि अलग प्रोगाम फाइलों के रुप में डिस्क पर रहते है।MS. DOS के मुख्य बाह्य आदेश निम्नलिखित है।
    APPEND . DOSKEY .HELP

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  33. Devbati nishad.... उत्तर कृमांक 4
    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का परिचय, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता है जिसका सोस कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। ऐसे साफ्टवेयर के सोस कोड को माडिफाइ कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है। लाइनक्स ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का एक बहुत अच्छा उदाहरण हैं। यह यूनिक्स लाइक आपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोस कोड सभी जगह उपलब्ध है।

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  34. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक-7

    लाइनक्स के मौलिक आदेश:-
    लाइनक्स मे हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं है।
    लाइनक्स आदेशों को केवल कमाण्ड प्रांम्प्ट या शैल प्रांम्प्ट ($) पर दिया जा सकता है। शैल प्रांम्प्ट पर एक साथ कई आदेश भी दे सकते हैं परन्तु उनको सेमीकांलन (;) से अलग करना आवश्यक होता है। ऐसे आदेशों का एग्जीक्यूशन उसी क्रम में किया जाता हैं, जिस क्रम मे वे दिए जाते हैं।
    किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिए man मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता।
    उदाहरण :-
    यदिcd आदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो शैल प्रांम्प्ट पर निम्नलिखित आदेश दिया जाता है:-
    $ man cd
    इसके उत्तर मेंcd आदेश का पूरा प्रारूप स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।

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  35. Devbati nishad.... उत्तर कृमांक 5
    शैल कि कार्य विधि।
    जब यूजर सिस्टम में login होते हैं,तब C shell दो फाइल्स login एवं cahrc को देखता है,जहां login file यह परिभाषित करती हैं कि कौनसा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं?युजर का पार्म्प्ट कैसा होगा साथ यह भी कि युजर login होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहते हैं या नहीं? जबकि कार्न शैल पुर्ण रुप से बार्ने शैल पर आधारित होती है।

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  36. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक-8
    रूट डायरेक्टरी:--
    रूट डायरेक्टरी से किसी एक फाइल के अतिरिक्त फाइल तक पहुंचने में जिन जिन डायरेक्टरीयों से होकर जाना पड़ता है, उन सबकी सूची को उस फाइल का पाथ कहते हैं। लाइनक्स के आदेशों में पाथ को काई बार देने की आवश्यकता होती है।

    उप डायरेक्टरी:--
    रूट डायरेक्टरी को काई उप- डायरेक्ट्रीयो में अलग अलग प्रकार की विशेष फाइले होती है।इनका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित हैं:- (a) / bin डायरेक्टरी:--
    इस डायरेक्टरी में लाइनक्स आपरेटिंग सिस्टम में उपलब्ध आदेशों या यूटिलिटीज को स्टोर किया जाता है। जैसे:- CP, Cat , Pwd , Is , Sort ,date , comod आदि। ये सभी आदेश फाइले या यूटिलिटीज बाइनरी फार्मेट में होते हैं इसलिए इनकोbin डायरेक्टरी में रखा जाता है।
    (b) / dev डायरेक्टरी:-- इस डायरेक्टरी में सिस्टम के सभी उपकरणों या डिवाइसों संबंधित फाइलों को रखा जाता है।
    (c) /etc डायरेक्टरी:- इस डायरेक्टरी में सिस्टम के कांन्फिगरेशन आदि से संबंधित फाइलों को स्टोर किया जाता है।
    (d) / lib डायरेक्टरी:- इस डायरेक्टरी में छोटे छोटे प्रोग्रामो को रखा जाता है , जिनकी आवश्यकता कम्पाइलर को होता है।
    (e) / home डायरेक्टरी :- इस डायरेक्टरी में प्राय: सभी उपयोगकर्ता की होम डायरेक्टरीयो को रखा जाता है। आदि

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  37. Devbati nishad उत्तर क्रमांक 6 लाइनक्स में फाइलो के प्रकार
    1 *साधारण फाइलें .... ये वे फाइलें होती हैं जो उपयोगकर्ता के दा्रा बनाई जाती है
    जैसे डेटा फाइल, प्रोगाम फाइल
    2.. डायरेक्ट्री फाइल , जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्ट्री बनाता है, तो लाइनक्स एक डायरेक्ट्री फाइल बना देता है जिसमें उस डायरेक्ट्री में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती है।
    3.विशेष फाइल। , ये वे फाइलें होती है जो इनपुट आउटपुट से संबंधित होती है
    जैसे, dev/तथा etcमे पाई जाती है। वास्तव में अधिकांश सिस्टम फाइले विशेष फाइल होती हैं।

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  38. Devbati nishad.. उत्तर क्रमांक 7
    लाइनक्स के मौलिक आदेश,लाइन लाइनक्स में हजारों आदेश और प्रोसिजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं है । लाइनक्स आदेशों को केवल कमांड पाम्प्ट पर दिया जा सकता है। किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिए मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है। इसके उत्तर में cd आदेश का पूरा प्रारूप स्कीन पर दिखाया जाता है। लाइनक्स के कुछ प्रमुख आदेश निम्नलिखित है।
    1करण्ट डायरेक्ट्री बदलना आदेश।
    2नये डायरेक्ट्री बनाना आदेश।
    3डायरेक्टी बनाना आदेश
    4फाइलो कि सूची देखना आदेश।
    5फाइल कांपी करना आदेश।

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  39. Devbati nishad... उत्तर क्रमांक8
    रुट डायरेक्ट्री--रुट डायरेक्ट्री से किसी एक फ़ाइल के अतिरिक्त फाइल तक पहुंचने में जिन-जिन डायरेक्ट्रीयो से होकर जाना पड़ता है ।
    उप डायरेक्ट्री-रुट डायरेक्ट्री को कई उप-डायरेक्टी में विभाजित किया जाता है।इध सभी डायरेक्ट्रीयो में अलग अलग की विशेष फाइले होती है ।

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  40. 01उत्तर:- एमएस dos की सरंचना-इस ऑपरटिंग सिस्टम तथा कंप्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामोकी आवश्यकता होती है-
    (1) बूट रिकॉर्ड -यह एमएस का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लोड करता है।
    (2)इनपुट /आउटपुट सिस्टम - यह प्रोग्रामो तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है।
    (3)MS-Dos;SYS प्रोग्राम - यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है,जो उच्च स्तरीयप्रोग्राम प्रदान करता है।
    (4) Command;Com प्रोग्राम - यह उपयोगकर्ता को निर्देशो का समूह प्रदान करता है,जो उपयोगकर्ता को फ़ाईल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।
    Lochan!!!

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  41. Devbati nishad उत्तर क्रमांक 10फाइल कापी करना - आदेश इस आदेश के दौरान किसी फाइल को कांपी दुसरे नाम से कर सकते है
    उदाहरण- $cp ,myfile astha
    इस आदेश से myfileनाम की फाइल कि कापी astha नाम से बनाने जाती है इस आदेश के साथ भी स्विच का प्रयोग किया जा सकता है,
    जिनमें से कुछ स्विच नाम्नलिखित है
    -i ओवरराइटिंग करने से पहले सुचित करने के लिए
    -1 फाइल को कांपी करने के स्थान पर केवल लिंक करने के लिए
    - s सिम्बोलिक लिंक बनाने के लिए।

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  42. भुनेश्वरी नाग
    उत्तर क्रमांक (5)
    जब यूजर सिस्टम मे लॉगइन होते हैं तब c shell दो फाइल्स लॉगइन एवं cshrc को देखता है जहाँ लॉगइन फ़ाइल यह परिभाषित करती हैं कि कौन- सा टमिर्नल उपयोग कर रहे हैं यूजर का प्रॉम्प्ट कैसा होगा साथ ही यह भी यूजर लॉगइन होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहते है या नही लॉगइन एवं cshrc फ़ाइल के मध्य मुख्य अन्तर यह है कि लॉगइन फ़ाइल तब रीड़ कि जाती है जब उपयोगकर्ता सिस्टम में लॉगइन होता है जबकी cshrc फ़ाइल हर समय रीड़ की जाती है जब उपयोगकर्ता क़ोई शैल आरम्भ करता है अथवा कोई नया c शैले एक्सेस करता है लॉगइन होने पर सवर्प्रथम cshrc फ़ाइल रीड़ की जाती है
    सिस्टम द्वारा बहुत सारे वेरीबल्स अलग अलग सेट किए जाता है जिनमें से कुछ वेरिएबल्स सिस्टम बूट होने के दौरान और कुछ लॉगइन के पश्चात सेट होते हैं इन वेरिएबल्स को सिस्टम वेरिएबल्स के नाम से जानते हैं

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  43. गायत्री बाला
    उत्तर क्रमांक 3

    एम एस-डांस आपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामो की आवश्यकता होती है:-
    (1) बूट रिकॉर्ड:- यह MD-DOS का मुख्य प्रोग्राम है , और आपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी मे लोड करता है।
    (2) इनपुट/आउटपुट सिस्टम:- यह प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।
    (3)MS - DOS. SYS प्रोग्राम:--
    यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है , जो उच्चस्तरीय प्रोग्रामो (उदाहरण के लिए एप्लीकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।
    (4) Command. Com प्रोग्राम :-
    यह उपयोगकर्ता को निर्देशो का समूह प्रदान करता है , जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  44. उत्तर क्रमांक:- 1
    एम एस डाॅस की सरंचना
    इस आपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामो की आवश्यकता होती है-
    १. बूट रिकॉर्ड- यह MS-DOS का मुख्य प्रोग्राम हैं और आपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।
    २. इनपुट/आउटपुट सिस्टम:- यह प्रोग्रामो तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता हैं।
    ३. MS-DOS.SYS प्रोग्राम- यह प्रोगाम रुटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समुह है जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम ( उदाहरण के लिए; एप्लीकेशन प्रोगाम ) प्रदान करता हैं।
    ४. Command.com प्रोगाम- यह उपयोगकर्ता को निर्देश का समूह प्रदान करता हैं, जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा उपलब्ध करता हैं।

    उत्तर क्रमांक:- 2
    1. आंतरिक आदेश
    ये ऐसे आदेश होते हैं, जो एम एस डाॅस की मुख्य फाइल कमाण्ड प्रोसेसर command.com में पहले से भरे होते हैं , क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार बार देने होते हैं। ये आदेश कम्पूटर की मुख्य मैमोरी में हर समय उपलब्ध रहते हैं तथा इन्हें चलाने के लिए किसी और फाइल की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए इन्हें आंतरिक आदेश कहा जाता हैं।

    2.बाह्य आदेश:-
    ये ऐसे आदेश होते हैं जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं रहते , बल्कि अलग प्रोगाम फाइलों के रुप में डिस्क पर रहते हैं। जैसे ही कोई बाह्य आदेश दिया जाता हैं, कमाण्ड प्रोसेसर उससे सम्बन्धित फाइल को डिस्क पर ढूंढता है और फाइल मिल जाने पर मैमोरी में लोग कर देता है । इसके साथ ही उस आदेश का पालन प्रारंभ हो जाता हैं । इनको चलाने के लिए यह एक आवश्यक है कि उनका संस्करण वहीं होना चाहिए, जो यूजर के एम एस डाॅस का , नहीं तो Incorrect version संदेश आएगा और आदेश रद्द हो जाएगा।

    उत्तर क्रमांक:- 4
    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का परिचय
    फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर या ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता हैं, जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध हैं । ऐसे साफ्टवेयर के सोर्स कोड को माॅडीफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है कि किसी भी कम्प्यूटर साफ्टवेयर का उसके डेवलपर, जिसने उस साफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड का एक लाइसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस साफ्टवेयर को पढ़ने , उसमें माॅडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है ।

    लाइनक्स ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है। यह यूनिक्स लाइक ऑपरेटिंग सिस्टम है , जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध हैं।


    उत्तर क्रमांक:- 5
    शैल की कार्य विधि
    जब यूजर सिस्टम में लाॅगिन होते हैं, तब C shell दो फाइल्स login एवं cshrc, को देखता है, जहां login फाइल यह परिभाषित करती है कि कौन सा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं? यूजर का प्राॅम्प्ट कैसे होगा साथ ही यह भी कि यूजर लाॅगिन होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहते हैं या नहीं?
    Login एवं cshrc फाइल के मध्य मुख्य अंतर यह है कि login फाइल तब रीड की जाती है, जब उपयोगकर्ता सिस्टम में लाॅगिन होते हैं, जबकि cshrc फाइल हर समय रीड की जाती है , जब उपयोगकर्ता कोई शैल आरंभ करता हैं अथवा कोई नया C शैल एक्सेस करता हैं । लाॅगिन होने पर सर्वप्रथम.cshrc फाइल रीड की जाती है, तत्पश्चात . login फाइल रीड की जाती है। C shell / bin / csh रूप में होता है ।

    जबकि कार्न शैल पूर्ण रूप से बाॅर्ने शैल पर आधारित होता है , क्योंकि अधिकतर बाॅर्ने शैल स्क्रप्ट के बिना किसी समायोजन के कार्ने शैल में उपयोग किया जा सकता है। कार्न शैल उन सभी एनवायरमेंट वेरिएबल्स को सपोर्ट करता है जो बाॅर्ने शैल उपयोग करता है ; जैसे ENV, HISTSIZE and VISUAL सामान्यतः ये सभी profile में परिभाषित होते हैं । ENV वेरिएबल्स यह परिभाषित करता है कि कार्न शैल कहां एनवायरमेंट फाइल को स्टार्ट अप के लिए यह
    मिलेगा ।
    Jiteshwari dewangan

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  45. भुनेश्वरी नाग
    उत्तर क्रमांक(6)
    लाइनक्स के प्रकार निम्लिखित है
    1)साधरण फ़ाइल - ये वे फ़ाइले होती है जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती है जैसे- डेटा फ़ाइल, प्रोग्राम फ़ाइल, ऑब्जेक्ट फ़ाइल तथा सभी प्रकार की एग्जिक्यूटेबल फ़ाइल।उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है

    2)डायरेक्टरी फ़ाइले - जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है, तो लाइनक्स एक डायरेक्टरी फ़ाइल बना देता है जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फ़ाइलो के बारे में सूचनाएं होती है डायरेक्टरी फ़ाइल को उपयोगकर्ता द्वारा मॉडिफाई नहीं किया जा सकता लेकिन जब उस डायरेक्टरी में कोई नई फ़ाइल जोड़ी जाती है या उप - डायरेक्टरी बनाई जाती है तो लाइनक्स स्वतः ही उस डायरेक्टरी फ़ाइल को मॉडिफाई कर देता है

    3)विशेष फ़ाइले - ये वे फ़ाइले होती है जो इनपुट आउटपुट उपकरणों से सम्बंधित होती है स्टेन्डर्ड लाइनक्स डायरेक्टयो जैसे- dev तथा etc मे पाई जाती है वास्तव में अधिकांश सिस्टम फ़ाइल विशेष फ़ाइले होती है उपयोगकर्ता इन्हें मॉडिफाई नहीं कर सकते

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  46. एमएस DOS की आन्तरिक एवं बाह्य आदेश निम्नलिखित है -
    1:- आन्तरिक आदेश = ये ऐसे आदेश होते हैं,जो एमएस DOS की मुख्य फ़ाईल कमाण्ड प्रोसेसेर Command ;com में पहले से भरे होते हैं,क्योकि ये सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार-बार देने होते हैं।ये आदेश कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी में हर समय उपलब्ध रहते हैं तथा इन्हें चलाने के लिए और फ़ाईल की आवश्यकता नही होती, इसलिये इन्हें आन्तरिक आदेश कहा जाता है।
    2:- बाह्य आदेश - ये ऐसे आदेश होते हैं जो कम्प्यूटर की मुख्य मेमोरी में उपलब्ध नहीं रहते,बल्कि अलग प्रोग्राम फ़ाईल के रूप में डिस्क पर रहते हैं।जैसे ही कोई बाह्य आदेश दिया जाता है,कमाण्ड प्रोसेसेर उससे सम्बधिंत फ़ाईल को डिस्क पर ढूढता है और फ़ाईल मिल जाने पर मेमोरी में लोड कर देता है।इसके साथ ही उस आदेश का प्रारंभ हो जाता है।इनको चलाने के लिए यह आवश्यक है कि इनका संस्करण वही होना चाहिए,जो यूजर के एमएस DOS का है,नही तो Incorrect version संदेश aayega और आदेश रद्द हो जायेगा।
    Lochan!!!

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  47. भुनेश्वरी नाग
    उत्तर क्रमांक(7)
    लाइनक्स के मौलिक आदेश
    लाइनक्स में हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोग नहीं है
    लाइनक्स आदेश को केवल कमांड प्रॉम्प्ट या शैल प्रॉम्प्ट पर दिया जा सकता है सैल प्रॉम्प्ट पर एक साथ कई आदेश भी दे सकता है परन्तु उनको सेमिकालन से अलग करना आवश्यक होता है ऐसे आदेशो का एग्जीक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है जिस क्रम में वे दिए जाते हैं किसी आदेश के बारे में विस्तार से जनाने के लिए man मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है उदाहरण,यदि cd आदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो शैल प्रॉम्प्ट पर निम्लिखित आदेश दिए जाते हैं

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  48. उत्तर क्रमांक:- 6
    लाइनक्स में फाइलों के प्रकार
    लाइनक्स में हर प्रकार की सुचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रुप में प्रयोग किया जाता हैं। फाइलों को सामान्य रुप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता हैं जो निम्नलिखित है:-

    १. साधारण फाइलें:- ये वे फाइले होती हैं जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती हैं जैसे डेटा फाइल, प्रोगाम फाइल, ऑब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल। उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है ।

    २. डायरेक्टरी फाइलें :- जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है , तो लाइनक्स का एक डायरेक्टरी फाइल बना देता है , जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती हैं । डायरेक्टरी फाइल को उपयोगकर्ता द्वारा माॅडिफाई नही किया जा सकता, लेकिन जब भी उस डायरेक्टरी में कोई नई फ़ाइल जोडी जाती है या उप डायरेक्टरी बनाई जाती हैं, तो लाइनक्स स्वतः ही उस डायरेक्टरी फाइल को माॅडिफाई कर देता हैं।

    ३. विशेष फाइलें :- ये वे फाइले होती हैं जो इनपुट आउटपुट उपकरणों से सम्बंधित होती हैं और स्टैण्डर्ड लाइनक्स डायरेक्टरी; जैसे- /dev तथा /etc में पाई जाती हैं। वास्तव में अधिकांश सिस्टम फाइलें विशेष फाइलें होती हैं। उपयोगकर्ता इन्हें माॅडिफाई नही कर सकते।

    उत्तर क्रमांक:- 7
    लाइनक्स के कुछ प्रमुख आदेश निम्नलिखित है
    1. करण्ट डायरेक्टरी बदलना - cd आदेश
    जिस डायरेक्टरी में आप कार्य कर रहे होते हैं, उसे करण्ट डायरेक्टरी कहा जाता हैं। किसी आदेश में यदि किसी फाइल या डायरेक्टरी के नाम के साथ उसका पार न दिया गया हो , तो उसे करण्ट डायरेक्टरी में माना जाता हैं। Cd आदेश से करण्ट डायरेक्टरी परिवर्तित कर सकते हैं।
    उदाहरण,$cd ashok
    इसके वर्तमान डायरेक्टरी में ashok नाम की उप- डायरेक्टरी को करण्ट डायरेक्टरी बनाया जाएगा ।
    $cd
    यह आदेश वर्तमान करण्ट डायरेक्टरी से ऊपर की डायरेक्टी में जाने के लिए है।

    २. नई डायरेक्टरी बनाना- mkdir आदेश
    इस आदेश से कोई भी नई डायरेक्टरी बना सकते हैं।
    उदाहरण, $mkdir my _ dir
    इससे करण्ट डायरेक्टरी में my_dir नाम से उप- डायरेक्टरी बनेगी ।
    $ mkdir/use/ pension/family
    इस आदेश से/use/pension डायरेक्टरी में family नाम से उप-डायरेक्टरी बनेगी।
    ३. स्क्रिन साफ करना:- clear आदेश
    इस आदेश का उपयोग माॅनिटर की स्क्रीन को मिलते करने के लिए किया जाता है ।
    उदाहरण, $ clear
    Jiteshwari Dewangan

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  49. 03उत्तर:- ऑपरटिंग सिस्टम तथा कंप्यूटर के मध्य समन्वयन स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामो की आवश्यकता होती है-
    1:- बूट रिकॉर्ड = यह एमएस DOS का मुख्य प्रोग्राम है और operating सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लोड करता है।
    2:- इनपुट/आउटपुट सिस्टम = यह प्रोग्रामो तथा हार्डवेयर के मध्य एक इंटरफेस की भांति कार्य करता है।
    3:- MS - Dos; SYS प्रोग्राम = यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है,जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम प्रदान करता है।
    4:- Command;Com प्रोग्राम =यह उपयोगकर्ता को निर्देशो का समूह प्रदान करता है,जो उपयोगकर्ताओं को फ़ाईल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।
    Lochan!!!

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  50. 04उत्तर:- ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर =ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा सॉफ़्टवेयर कहा जाता है जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है ऐसे सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को modifi कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है।ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का उसके डेवेलपर,जिसने उस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है उसका सोर्स कोड एक लाईसेंस के साथ सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सॉफ्टवेयर को पड़ने उसमें modifi करने और किसी भी उददेश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है।
    Linux ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का एक प्रमुख उदाहरण हैं।यह यूनिक्स लाइक operating सिस्टम है ,जिसका सोर्स कोड फ्री उपलब्ध है ।

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  51. उत्तर9:- शैल वास्तव में एग्जीक्यूटेबल प्रोग्राम्स होते हैं। ये यूजर व्दारा मशीन से सम्बन्ध स्थापित करने पर इण्टरप्रेटर के रूप में कार्य करते हैं। लाइनक्स सिस्टम के अंतर्गत आज विभिन्न शैल उपलब्ध हैं, जैसे-- बाॅर्न शैल, काॅर्न शैल, सी शैल इत्यादि । लाइनक्स के विभिन्न डिस्र्टीब्यूशस में सामान्यतः पाए जाने वाले उपयोगी शैलों को निम्नानुसार एक टेबल के रूप में दर्शाया गया है एवं सिस्टम में वह शैल सामान्यतः किस स्थान पर उपलब्ध होते हैं, यह भी दर्शाया गया है।
    नाम विवरण फाइल सिस्टम
    ash. स्माॅल शैल /bin/ash.st

    bsh "ash" से सिम्बोलिक bin/bsh
    लिंक

    ksh पब्लिक डोमेन । /bin/ksh
    काॅर्न शैल

    sh "bash" से /bin/snh
    सिम्बोलिक लिंक।

    tcsh. "csh"काॅपैटिबल /bin/tcs
    शैल प्राम्प्ट के

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  52. 05उत्तर:-शैल की कार्यविधि = शैल एक ऐसा प्रोग्राम होता है,जिससे यूजर सीधे सम्पर्क में आता है।शैल,यूजर द्वारा दी गयी कमाण्ड को कर्नल तक पहुचाता है। शैल एक कमाण्ड interprenter का कार्य करता है।

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  53. 05उत्तर:- शैल की कार्यविधि = जब यूजर सिस्टम में login होते हैं तब C शैल दो फ़ाईल .login &.cshrc, को देखता है,जहा login फ़ाईल यह परिभाषित करती है कि कौन सा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं? यूजर का prompt कैसा होगा साथ ही यह भी कि यूजर login होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहता है या नही?
    Login एवं cshrc फ़ाईल के मध्य मुख्य अन्तर यह है कि login फ़ाईल तब रीड की जाती हैं,जब उपयोगकर्ता system मे login होता है जबकि cshrc फ़ाईल हर समय रीड की जाती हैं जब उपयोगकर्ता कोई शैल आरंभ करता है अथवा कोई नया Cशैल accses करता है।login होने पर सर्वप्रथम cshrc फ़ाईल रीड की जाती है,तत्पश्चात login फ़ाईल रीड की जाती हैं।Cshell /bin/csh रुप में होता है।
    Lochan!!!

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  54. उत्तर10:- डॉस में फाइल की काॅपी आदेश:- किसी फाइल की काॅपी करके वैसे ही दूसरी फाइल बनाने के लिए COPY आदेश का प्रयोग किया जाता है। इस आदेश में 2 पैरिमीटर होते हैं-- एक मूल फाइल का नाम तथा दूसरा नई बनने वाली फाइल का नाम।
    उदाहरण, यदि आप एक फाइल OCTSALES.DAT की काॅपी करके NEWSALES.DAT नाम की फाइल बनाना चाहते हैं, तो आदेश निम्न प्रकार से दिया जाता है
    C:\COPY OCTSALES. DAT NEWSALES.DAT
    इस आदेश से NEWSALES.DAT नाम से ऐए नई फाइल बन जाती है और स्र्कीन पर निम्न प्रकार संदेश आता है
    1 file (s) copied
    यदि इस नाम से कोई फाइल पहले से ही है, तो निम्नलिखित संदेश दिया जाता है
    Overwrite NEWSALES.DAT?(Yes/No/ALL)

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  55. Chandani nishad
    उत्तर 1- डॉस की संरचना
    1. बूट रिकॉर्ड- यह एम एस-डॉस का मुख्य प्रोगाम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।
    2. इनपुट/आउटपुट सिस्टम- यह प्रोग्रामो तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टरफेस प्रदान करता है।
    3.MS-DOS.SYS प्रोग्राम- यह प्रोग्राम रूटीन्स तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समूह होता है, जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम प्रदान करता है।
    4.Command.Com प्रोग्राम- यह उपयोग करता को निर्देशों का समूह प्रदान करता है, जो उपयोग करता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

    उत्तर 2- आन्तरिक आदेश में ऐसे आदेश होते हैं, जो एमएस- डॉस की मुख्य फाइल कमाण्ड प्रोसेसर command.com में पहले से भरे होते हैं, क्योंकि ये सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार बार देने होते हैं। ये आदेश कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में हर समय उपलब्ध रहते हैं।
    बाह्य आदेश- ये ऐसे आदेश होते हैं, जो कम्प्यूटर की मुख्य मैमोरी में उपलब्ध नहीं रहते,बल्कि अलग प्रोग्राम फाइलों के रूप में डिस्क पर रहते हैं।

    उत्तर 3- डॉस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है
    1. बूट रिकॉर्ड
    2. इनपुट/आउटपुट सिस्टम
    3. MS-DOS.SYS प्रोग्राम
    4. Command.Com प्रोग्राम

    उत्तर 4- फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर या ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को ऐसा साफ्टवेयर कहा जाता है, जिसका सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है। ऐसे सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को मॉडिफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता हैं ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का अर्थ है किसी भी कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का उसके डेवलपर, जिसने उस सॉफ्टवेयर निर्माण किया है उसका सार्वजनिक तौर पर उस सॉफ्टवेयर को पढ़ने उसमें मॉडिफाई कर ने का अधिकार दे सकता है।

    उत्तर 5- शैल की कार्य विधि
    .login एवं .cshrc फाइल के मध्य मुख्य अंतर यह है कि .login फाइल तब तक रीड की जाती है,जब उपयोगकर्ता सिस्टम में लॉग-इन होता है, जबकि .cshrc फाइल हर समय रीड की जाती है जब उपयोगकर्ता कोई शैल आरंभ करता है अथवा कोई नया C शैल एक्सेस करता है। लॉग-इन होने पर सर्वप्रथम .cshrc फाइल रीड की जाती है, तत्पश्चात .login फाइल रीड की जाती है। C Shell /bin /csh रूप में होता है।
    Chandani nishad

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  56. 1.उत्तर- इस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कंप्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है
    i. बूट रिकॉर्ड- यह है MS DOS का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लोड करता है।
    ii. इनपुट आउटपुट सिस्टम- यह प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है।
    iii. एमएस डॉस डॉट SYS प्रोग्राम - यह प्रोग्राम रूटीन तथा डाटा केबल का एक ऐसा समूह होता है जो उसके स्तरीय प्रोग्राम (उदाहरण के लिए एप्लीकेशन प्रोग्राम )प्रदान करता है।
    iv. Command.com प्रोग्राम- यह उपयोगकर्ता को निर्देश का समूह प्रदान करता है योग योग करता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।
    Rahul

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  57. 2.उत्तर- एमएस डॉस के आदेश दो प्रकार के होते हैं
    I. आंतरिक आदेश ऐसे आदेश होते हैं जो एमएस डॉस की मुख्य फाइल कमांड प्रोसेसर मैं पहले से भरे होते हैं क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार-बार देने पड़ते हैं यह आदेश कंप्यूटर के मुख्य मेमोरी में हर समय उपलब्ध रहते हैं तथा इन्हीं चलाने के लिए किसी और फाइल की आवश्यकता नहीं होती है इसलिए इन्हें अंतरी का देश कहा जाता है एमएस डॉस संस्करण 6.0 के आंतरिक आदेश निम्नलिखित हैं-
    BREAK COPY ERASE LOADHIGH
    CALL CTTY EXIT MD
    CD DATE FOR MKDIR
    CHCP DEL GOTO PATH
    CHDIR DIR IF PAUSE
    CLS ECHO LH PROMPT
    RD SHIFT
    REM TIME
    REN TYPE
    RENAME VER
    RMDIR VERIFY
    SET VOL
    II.बाह्य आदेश- यह ऐसे आदेश होते हैं, जो Computer की मुख्य मेमोरी में उपलब्ध नहीं रहते बल्कि अलग प्रोग्राम फाइलों के रूप में डिस्क पर रहते हैं जैसे ही कोई बाय आदेश दिया जाता है कमांड प्रोसेसर उसकी संबंधित फाइल को डिस्क पर ढूंढता है और फाइल मिल जाने पर मेमोरी में लोड कर देता है इसके साथ ही उस आदेश का पालन प्रारंभ हो जाता है टीम को चलाने के लिए यह आवश्यक है कि इनका संस्करण वही होना चाहिए जो यूजर के एम एस डॉस का है नहीं तो इनकरेक्ट वर्जन संदेश आएगा और आदेश रद्द हो जाएगा।
    एमएस डॉस के मुख्य बाय आदेश निम्नलिखित हैं-
    APPEND DOSKEY HELP MOVE SORT
    ATTRIB DOSSHELL KEYB MSAV SYS
    BACKUP
    CHKDSK EXPAND LABEL NLSFUNC TREE
    DELTREE FASTOPEN MEM MSBACKUP UNDELETE
    DISKCOMP FORMAT MEMMAKER PRINT XCOPY FIND
    DISKCOPY GRAPHICS MORE RESTORE

    RAHUL

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  58. 4.उत्तर- Open Source – यह लाइसेंस सार्वजनिक होता है और सभी के लिए मुफ्त एक्सेस देता है. सॉफ्टवेयर के साथ-साथ सोर्स कोड भी एक्सेस करने की अनुमती होती है. यानि आप इस तरह के प्रोग्राम्स को अपनी जरुरतों के अनुसार बदल भी सकते है.
    Rahul

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  59. RAHUL
    5.उत्तर- सेल की क्रियाविधि -
    जब यूजर सिस्टम में लॉगिन होते हैं तब C शैल दो फाइल .login एवं बी एस एच आर सी आर सी को देखता है जहां लॉगिन फाइल यह फाइल यह परिभाषित करता है कि कौन सा सा टर्मिनल उपयोग कर रहे हैं यूजर का प्लांट कैसा होगा(यदि यूजर डिफॉल्ट प्रॉम्प्ट नहीं चाहते हैं )साथ ही यह भी कि यूजर लॉगइन होने के तुरंत बाद कुछ करना चाहते हैं या नहीं ?
    .लॉगिन एवं.cshrc फाइल के मध्य मुख्य अंतर यह है कि लॉगइन फाइल जब रीड की जाती है C shell/bin/csh के रूप में होता है। जबकि कॉर्नर सेल पूर्ण रूप से कोई शैल पर आधारित होता है क्योंकि अधिकतर बोर्न शैल डिस्क्रिप्टर के बिना किसी समायोजन के कारण सेल में में सेल में में उपयोग की जाती है कोई शैल वह सभी एनवायरमेंट वैरियेबल्स को सपोर्ट करता है जो सरल उपयोग करता है है करता है है जैसे सामान्यता यह सभी प्रोफाइल में परिभाषित होती है वेरिएबल यह परिभाषित करता है कि C सेल कहां एनवायरमेंट फाइल को स्टार्टअप के स्टार्टअप के के लिए पाएगा यहC शैल फाइल की फाइल के ही सदृश्य है है है और इसे के नाम से जाना जाता है जो यूजर होम डायरेक्टरी में होती है कोई निर्दिष्ट स्थिति में नहीं होता है इसके स्थिति यूजर अपनी प्रोफाइल में परिभाषित कर सकते हैं यूजर सेल की की इस फाइल को अपनी होम डायरेक्टरी में रखने के लिए निम्न प्रकार से उपयोग कर सकते हैं।
    ENV=$HOME
    सिस्टम द्वारा बहुत सारे वैरियेबल्स अलग-अलग सेट किए किए जाते हैं जिनमें से कुछ वेरिएबल सिस्टम बूट होने के दौरान और कुछ लोग इनके पश्चात सेट पश्चात सेट होते हैं इनवेरिएबल स्कोर सिस्टम वैरियेबल्स के नाम से जानते हैं जिन्हें $ प्रॉम्प्ट तक पर उक्त स्टेटमेंट के द्वारा देखा जा सकता है
    $set
    HOME
    MAIL
    PATH
    PS1
    TERM etc.

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  60. 6.उत्तर- लाइनेक्स में फाइलों के प्रकार -
    लाइनेक्स में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है फाइलों को सामान्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है जो निम्नलिखित हैं-
    i. साधारण फाइलें यह बेवफाई ले होती है जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती है जैसे डाटा फाइल प्रोग्राम फाइल ऑब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की पालन योग्य एग्जीक्यूटेबल फाइल उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है ¡¡.डायरेक्टरी फाइलें -जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है तो लाइनेक्स एक डायरेक्टरी फाइल बना देता है जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती है डायरेक्टरी फाइल को उपयोगकर्ता द्वारा सुधारा नहीं जा सकता लेकिन जब भी उस डायरेक्टरी में कोई नई फाइल जोड़ी जाती है या उभरा एक्ट्री बनाई जाती है तो लाइनेक्स होता है उस टेरिटरी फाइल को सुधार देता है
    iii.विशेष फाइलें -यह वे फाइलें होती है जो इनपुट/ आउटपुट उपकरणों से संबंधित होती है और स्टैंडर्ड लाइनक्स डायरेक्टरी वजह से डायरेक्टरियो जैसे /dev तथा/etc में पाई जाती है वास्तव में अधिकांश फाइल सिस्टम फाइलें विशेष फाइलें होती है उपयोगकर्ता इन्हें सुधार नहीं सकते।
    Rahul

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  61. Chandani nishad
    उत्तर 6- लाइनक्स में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता
    है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है फाइलों को सामान्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है जो निम्नलिखित हैं
    1. साधारण फाइलें- ये वे फाइलें होती है जो उपयोगकर्ता व्दारा बनाई जाती है जैसे- डेटा फाइल, प्रोग्राम फाइल सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल। उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है।
    2. डायरेक्टरी फाइल- जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी बनाता है, तो लाइनक्स एक डायरेक्टरी फाइल बना देता है, जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती है।
    3. विशेष फाइल- ये वे फाइलें होती हैं जो इनपुट/ आउटपुट उपकरणों से संबंधित होती हैं और स्टैंडर्ड लाइनक्स डायरेक्ट्रीयो , जैसे- /dev तथा /etc में पाई जाती हैं।

    उत्तर 7- लाइनक्स आदेशों को केवल कमाण्ड प्रॉम्प्ट या शैल प्रॉम्प्ट पर दिया जा सकता है। शैल प्रॉम्प्ट पर एक साथ कई आदेश भी दे सकते है परन्तु उनको सेमीकॉलन से अलग करना पड़ता है। ऐसे आदेशों का एग्जीक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है, जिस क्रम में वे दिए जाते हैं।

    उत्तर 8- इनका संक्षिप्त विवरण निम्न लिखित हैं
    (a) /bin डायरेक्टरी- इस डायरेक्टरी में लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में उपलब्ध आदेश या यूटिलिटीज को स्टोर किया जाता है, जैसे- CP,Cat,Pwd,date आदि।
    (b) /dev डायरेक्टरी- इस डायरेक्टरी में सिस्टम के सभी उपकरणों या डिवाइसों संबंधित फाइलों को रखा जाता है।
    (c) /home डायरेक्टरी- इस डायरेक्टरी में प्राय सभी उपयोगकर्ताओं की होम या प्रमुख डायरेक्टरीयो को रखा जाता है।
    (d) /var डायरेक्टरी- इस डायरेक्टरी में ऐसी सूचनाओं को रखा जाता है जो विभिन्न यूटिलिटीज के लिए विशेष रूप से आवश्यक होती है।
    Chandani nishad

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  62. 06 उत्तर:- linux के फाइल्स के प्रकार = लाईनक्स में हर प्रकार की सूचना को फ़ाईल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है।फाइल्स को सामान्य रूप से 3श्रेणियो में वर्गीकृत किया गया है ,जो निम्नलिखित है
    1:- साधरण फाइल्स = ये वे फाइल्स होती हैं जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती हैं;जैसे-डेटा फ़ाईल ,प्रोग्राम फ़ाईल,आब्जेकट फ़ाईल तथा सभी प्रकार की एग्जिक्युटेबल फ़ाईल।उपयोगकर्ता इन फाइल्स को अपनी सुविधा के अनुसार बदल सकता है।
    2:- directry फाइल्स = जब उपयोगकर्ता कोई directry बनाता है,तो linux एक directry फ़ाईल बना देता है,जिसमें उस directry में शामिल फाइल्स के बारें में सूचनाये होती हैं।directry फ़ाईल को उपयोगकर्ता द्वारा modifi नही किया जा सकता,लेकिन जब भी उस directry मे कोई नयी फ़ाईल जोड़ी जाती है या उप directry बनाई जाती है,जो linux स्वतः ही उस directry फ़ाईल को modyfi कर देता है।
    3:- विशेष फाइल्स =ये वे फाइल्स होती हैं जो इनपुट/आउटपुट उपकरणो से संबंधीत होती हैं और स्टैंडर्ड लाईनक्स डायरेक्ट्रीयो;जैसे/dev तथा/etc में पायी जाती हैं।वास्तव मे अधिकांश सिस्टम फ़ाईल विशेष फाइल्स होती है।उपयोगकर्ता इन्हें modifi नही कर सकते ।

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  63. 07उत्तर:- linux के मौलिक आदेश = लाईनक्स मे हजारो आदेश और प्रोसीजर होते हैं परन्तु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नही है।
    लाईनक्स आदेशों को केवल कमाण्ड prompt या शैल prompt पर दिया जा सकता है।शैल prompt पर एक साथ कई। आदेश भी दे सकते हैं परंतु उनको semicoln (;) से अलग करना आवश्यक होता है।ऐसे आदेशों का एक्सीक्युशन उसी क्रम में किया जाता है,जिस क्रम में वे दिये जातें हैं। किसी आदेश के बारें में विस्तार से जानने के लिए man मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है।
    Lochan!!!

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  64. 08उत्तर:- 1रूट DIRECTRY = रूट directry से किसी एक फ़ाईल के अतिरिक्त फ़ाईल तक पहुचने मे जिन-जिन directry से होकर जाना पडता है,उन सबकी सूची को उस फ़ाईल का पाथ कहते हैं।linux के आदेश में पाथ को कई बार देने की आवश्यकता होती है।
    2उप directry = root directry को कईं उप-डायरेक्ट्रीयो मे अलग-अलग प्रकार की विशेष फ़ाईल होती हैं इनका विवरण निम्नलिखित है-
    1:-/lib directry -इस directry मे ऐसे छोटे - छोटे प्रोग्रामो को रखा जाता है जिनकी आवश्यकता compiler को होती हैं।इसे लाइब्रेरी कहा जाता है।
    2:-/home directry =इस directry मे प्राय:सभी उपयोगकर्ताओं की होम या प्रमुख directry को रखा जाता है।
    3:- /var directry इस directry मे ऐसी सूचनाओ को रखा जाता है,जो विभिन्न यूटिलिटी के लिए विशेष रूप से आवश्यक होती है ।
    4:- /बूट directry इस directry मे linux की kकर्नल तथा बूट लोडर configration फाइल्स होती है,जिनकी आवश्यकता सिस्टम को बूट करते समय होती है।
    5:-/user directry इस directry मे linux ऑपरटिंग सिस्टम की उन फाइल्स को रखा जाता है जो बूट करते समय आवश्यक नहीं होती हैं ।इसमे भी यूटिलिटी को रखा जाता है।
    Lochan!!!!

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  65. 09उत्तर:- लाईनक्स शैल =शैल वास्तव में executable प्रोग्राम्स होते हैं।ये user द्वारा मशीन से सम्बंध स्थापित करने पर interprenter के रूप में कार्य करते हैं ।linux सिस्टम के अंतर्गत आज विभिन्न शैल उपलब्ध हैं जैसे बोर्ने शैल,कॉर्न शैल C शैल इत्यादि।
    Lochan!!!!

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  66. 10उत्तर:- Copy आदेश =किसी फ़ाईल की copy करके वैसी ही दूसरी फ़ाईल बनाने के लिए Copy आदेश का प्रयोग किया जाता है।इस आदेश मे 2पैरामीटर है- एक मूल फ़ाईल का नाम तथा दुसरा नयी बनाने वाली सूची का नाम।
    उदाहरण,यदि आप एक फ़ाईल OCTSALES ;DAT की कॉपी NEWSALSES ;DAT नाम की फ़ाईल बनाना चाहते है तो आदेश निम्न प्रकार से दिया जाता है C:/>COPY OCTSALES;DAT NEWS SALELS
    इस आदेश सेNEWSAELS ;DAT नाम से नयी फ़ाईल बन जाती है और स्क्रीन पर संदेश आता है।

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  67. Ans-1 एम एस-डांस की संरचना निम्नलिखित है 1 बूट रिकार्ड- यह MS- DOS का मुख्य प्रोगाम है और आपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है। 2 इनपुट--आउटपुट सिस्टम- यह प्रोगाम तथा हार्डवेयर के मध्य इण्टर पेश प्रदान करता है। 3 MS- DOS- SYS प्रोगाम- यह प्रोगाम रूटीनस तथा डेटा टेबल का एक ऐसा समुह होता है जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम पदान करता है। 4 Command.Com प्रोगाम- यह उपयोगकर्ता को निर्देशों का समुह प्रदान करता है जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता है।

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  68. रोमा पटेल उत्तर क्रमांक 1
    जो आप रेटिंग सिस्टम अपने कार्य मैं बार-बार डीसी की मदद लेता है उसे डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या डॉस कहा जाता है डांस छोटे बड़े सभी प्रकार के कंप्यूटरों के लिए हो सकते हैं आईबीएम के पर्सनल कंप्यूटरों के लिए माइक्रोसॉफ्ट नामक कंपनी ने जो सिस्टम बनाया उसे पर्सनल कंप्यूटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या पीसी डॉट कहां गया बाद में माइक्रोसॉफ्ट नामक कंपनी ने आईबीएम पीसी कंपैटिबल कंप्यूटरों के लिए जो आप रेटिंग सिस्टम तैयार किया उसका नाम माइक्रोसॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम या रखा गया

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  69. उत्तर क्रमांक 2 एमएस डॉस के आदेश दो प्रकार के होते हैं
    1 आंतरिक आदेश
    यह से आदेश होते हैं जो एमएस डॉस की मुख्य फाइल कमांड प्रोसेसर command.com मैं पहले से भरे होते हैं क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और बार-बार देने वाले होते हैं यह आदेश कंप्यूटर के मुख्य मेमोरी में हर समय उपलब्ध रहते हैं तथा इन्हें चलाने के लिए किसी और फाइल की आवश्यकता नहीं होती इसलिए आंतरिक आदेश कहां जाता है एमएस डॉस के आदेश निम्नलिखित हैं
    Break copy ERASE LODHIGH RD
    CALL CTTY EXIT MD SHIFT
    2 बाय हां आदेश
    यह ऐसे आदेश होते हैं जो कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी में उपलब्ध नहीं रहते बल्कि प्रोग्राम ओं फाइल फाइलों के रूप में डिस्क पर रहते हैं जैसे ही कोई बाय हां आदेश दिया जाता है कमांड प्रोसेसर उससे संबंधित फाइल को डिस्क पर ढूंढता है और फाइल मिल जाने पर मेमोरी में लोड कर देता है इसके साथ ही उस आदेश का पालन प्रारंभ हो जाता है इनको चलाने के लिए इनका संस्करण वही होना चाहिए जो यूजर एमएस डॉस का है नहीं तो Incorrect version संदेश आएगा आदेश रद्द हो जाएगा
    एमएस डॉस की मुख्य बाय आदेश निम्नलिखित
    Append DosKey help Move. SoRT
    रोमा पटेल

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  70. उत्तर क्रमांक 3
    ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कंप्यूटर के माध्यम समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है
    बूट रिकार्ड यहां एमएस डॉस का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लोड करता है
    इनपुट आउटपुट सिस्टम यहां प्रोग्राम तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफ़ेस प्रदान करता है
    Ms Dos .sys यहां प्रोग्राम रूटीन तथा डाटा टेबल का एक ऐसे समूह होता है जो ऊंचे सरी प्रोग्राम प्रदान करता है
    Command.com प्रोग्राम्स यहां उपयोगकर्ता को निर्देश का समूह प्रदान करता है जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट आदि की सुविधा प्रदान करता
    Roma patel

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  71. उत्तर क्रमांक 4
    ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर
    फ्री सोर्स सॉफ्टवेयर या ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर कहां जाता है जिसका कोई सोर्स कोड सभी के लिए उपलब्ध होता है ऐसे सॉफ्टवेयर के सरसा कोर्ट को मॉडिफाई कर कोई भी व्यक्ति इसके विकास में मदद कर सकता है ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है कि किसी भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या उसके डेवलपर जिससे उस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया उसका सोर्स कोड एक लाइसेंस के सार्वजनिक तौर पर सभी को उस सॉफ्टवेयर को पढ़ने उसने मॉडिफाई करने और किसी भी उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार दे देता है लाइनेक्स ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम का एक प्रमुख उदाहरण है यहां यूनिक्स लाइक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसका सोर्स कोड फ्री होता ह
    रोमा पटेल मेघा

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  72. उत्तर क्रमांक 6 लाइनस मैं फाइलों के प्रकार
    लाइनस में हर प्रकार की सूचना को फाइल माना जाता है और उसे उसी रूप में प्रयोग किया जाता है फाइलों को सामान्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गए हैं जो निम्नलिखित हैं
    1 साधारण फाइलें यह वह पहले होती हैं जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाई जाती है जैसे डाटा फाइल प्रोग्राम फाइल ऑब्जेक्ट फाइल तथा सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल उपयोगकर्ता इन हेलो कौन अपनी सीधा अनुसार बदल सकते हैं
    2 डायरेक्टरी फाइलें जब उपयोगकर्ता कोई डायरेक्टरी फाइल बनाता है तो लाइक कर ले डायरेक्टिव फाइल बना देता है जिसमें कोर्स डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में सूचनाएं होती है डायरेक्टरी फाइल को उपयोग करता द्वारा मॉडिफाई नहीं किया जा सकता लेकिन जब भी उसे डायरेक्टरी में कोई नई फाइल जोड़ी जाती है या वह डायरेक्टरी बनाई जाती है तो लाइकेन स्वता ही उस डायरेक्टरी फाइल को मॉडिफाई कर देता है
    3 विशेष फाइलें यह होती है जो इनपुट आउटपुट उपकरणों से संबंधित होती है स्टैंडर्ड लाइनेक्स जैसे/dev तथा/ etc मैं पाई जाती हूं वास्तव में अधिकांश सिस्टम फाइल है विशेषताएं होती हैं उपयोग करते हैं मॉडिफाई नहीं कर सकते
    Roma patel

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  73. उत्तर क्रमांक 7
    लाइनेक्स के मालिक आदेश लाइन अक्सा में हजारों आदेश और प्रोसीजर होते हैं परंतु वे सभी हमारे लिए उपयोगी नहीं होते नक्शा देशों को केवल कमांड प्राम्प्ट या शैल प्राम्प्ट पर दिया जाता है शैल प्राम्प्ट एक साथ कई आदेश भी दे सकते हैं परंतु उनको सेमी कोलन(:) से अलग करना आवश्यक होता है ऐसे आदेश का एग्जीक्यूशन उसी क्रम में किया जाता है जिस क्रम में वे दिए जाते हैं किसी आदेश के बारे में विस्तार से जानने के लिएman मैनुअल आदेश का प्रयोग किया जाता है उदाहरण यदि cd आदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो सेल प्रमाण पानी में लिखित आदेश दिए जाते $ man cd
    इसके उत्तर में cd आदेश का पूरा प्रारूप स्क्रीन पर दिखाया
    Roma patel
    Iti magarlod

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  74. उत्तर क्रमांक 8
    रूट डायरेक्टरी
    रूट डायरेक्टरी से किसी एक फाइल के आंतरिक फाइन तक पहुंचने में जिन जिन डाक्टरों से होकर जाना पड़ता है उन सब की सूची को उस फाइल का पाथ कहते हैं लाइन आ सके आदेश में पाथ को कई बार देने की आवश्यकता होती है
    उप डायरेक्टरी
    रूट डायरेक्टरी को कई उप डायरेक्टरों में विभाजित किया जाता है। इन सभी देशों में अलग-अलग प्रकार की विशेष फाइलें होती है रोमा पटेल आईटीआई मगरलोड

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  75. उत्तर क्रमांक 9 लाइनेक्स शेल
    सेल वास्तव में एग्जीक्यूटेबल प्रोग्राम होते हैं यह यूज़र द्वारा मशीन से संबंध स्थापित करते हैं तथा इंटरप्रेटर के रूप में कार्य करते हैं लाइनेक्स सिस्टम के अंतर्गत आज विभिन्न असल उपलब्ध है जैसे बार्ने शैल कार्न शैल इत्यादि नैना से के विभिन्न ना डिस्ट्रीब्यूशन में सामान्यता पाए जाने वाले उपयोगी सालों को एक टेबल के रूप में दर्शाया गया है सर मुख्य रूप से अपना कार्य निम्न चरणों में करते हैं
    प्रथम चरण उपयोगकर्ता के लिए पाम्प्ट चिन्हा उपलब्ध कराता है उपयोगकर्ता के द्वारा कमांड दिए जाने का इंतजार करता है

    द्वितीय चरण उपयोगकर्ता के द्वारा कमांड दिए जाने के पश्चात स्पेशल कैरेक्टर्स के लिए कमांड लाइन को रिबिल्ड करता है

    तृतीय चरण इसके पश्चात यहां कमांड को कॉर्नर तक भेजता है जहां है यहां एग्जीक्यूट किया जाता है और सेल एग्जीक्यूशन पूर्ण होने तक इंतजार करता है

    चतुर्थ चरण पुनः प्रमाणित चीन पर आ जाता है एवं अगले कमांड के लिए जाने का इंतजार करता
    रोमा पटेल आईटीआई मगरलोड

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  76. उत्तर क्रमांक 10
    इस आदेश के द्वारा किसी फाइल फाइल की कॉपी किसी दूसरे नाम से कर सकते हैं उदाहरण$cp myfile astha
    यह आदेश में myfile नाम की फाइल की कॉपी astha नाम से बनाई जाती है इस आदेश के साथ भी स्विच का प्रयोग किया जाता है जिसमें से कुछ स्विच निम्नलिखित है
    -- I ओवर राइटिंग करने से पहले सूचित करने के लिए
    -1 फाइल को कॉपी करने के स्थान पर केवल लिंक करने के लिए
    _s सिंबॉलिक लिंक बनाने के लिए
    Roma Patel

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