छत्तीसगढ़ी को बुनियादी शिक्षा का माध्यम बनाने छत्तीसगढ़िया समाज और कई संगठन का कल होगा संयुक्त वर्चुवल मैराथन बैठक, मुम्बई से वरिष्ठ छत्तीसगढ़ियों के जुड़ने के संकेत ।
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए संघर्ष कर रहे कई संगठन और छत्तीसगढ़िया समाज मिलकर छत्तीसगढ़ी के दशा दिशा को लेकर कल वर्चुवल बैठक किया जा रहा है । इस बैठक में छत्तीसगढ़ी को राजकाज की भाषा एवं हर राज्य की मातृभाषाओ को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम कैसे बनाया जाए यह चिंतन का केन्द्र बिन्दु होगा ।
इस बैठक में छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना , छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना , छत्तीसगढ़ी एम.ए. छात्र संगठन , छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच के शीर्ष पदाधिकारियों ने जुड़ने के लिए अपनी हामी भरी है । इसके अतिरिक्त साहू समाज, कुर्मी समाज, सेन समाज , गड़रिया समाज, आदिवासी समाज, सतनामी समाज एवं मुम्बई , सऊदी अरब से भी छत्तीसगढ़ियों के जुडने की संभावना जताई गई है ।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को बने 21 वर्ष हो चुके है किन्तु इस राज्य की मुल आत्मा छत्तीसगढ़ी एवं अन्य भाषायें अभी तक इस राज्य की शिक्षा का माध्यम नही बन पाई है जबकी कानून , संविधान एवं नई शिक्षा में यही प्रावधान है कि बच्चों को शुरुवाती शिक्षा मातृभाषा में ही मिलना चाहिये । किन्तु राज्य में अभी तक अमल न होने पर छत्तीसगढ़ियों में पुरानी एवं वर्तमान राज्य सरकार के प्रति भंयकर नाराजगी है ।





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