धरके टुकना टुकनी जाबोन
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धरके टुकना टुकनी जाबोन
होगे बिहनिया के बेरा
चलव-चलव मांगे बर जाबो
छेरछेरा छेरछेरा छेरछेरा।
अन्नपूर्णा हमर लक्ष्मी दाई
देख घर-घर हवय बिराजे
देवव दाई छेरछेरा कहिके
मांगे लइका सियान आजे
पूस के सुघर पुन्नी छाये हे
गाॅंव गली अऊ पारा पारा
चलव-चलव मांगे बर जाबो
छेरछेरा छेरछेरा छेरछेरा।
गाॅंव गली अऊ खोर दुवारी
माॅंदर के सुघर ताल साजे
झूम झमाझम जहुंरीया नाचे
कुहकी पारत डंण्डा बाजे
लइका मन के चिहुर चाहर
गाॅंवय गीत देवंय जोहारा
चलव-चलव मांगे बर जाबो
छेरछेरा छेरछेरा छेरछेरा।
हमर भुइंया छत्तीसगढ़ के
दान परब के तिहार हे
माटी के पहचान छेरछेरा
सबो ल जय जोहार हे
माई कोठी के धान देवव
अब जाबोन दुसर के डेरा
चलव-चलव मांगे बर जाबो
छेरछेरा छेरछेरा छेरछेरा।
✍️ अनिल जांगड़े
सरगांव मुंगेली छत्तीसगढ़




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