हसदेव जंगल की कटाई पर तत्काल रोक लगाये सरकार -
बिलासपुर। जीवनदायिनी हसदेव अरण्य के 4 लाख वृक्षों को कोयला खनन के लिए काटा जा रहा है उसके विरोध में विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में बिलासपुर में 1 दिवसीय धरना हुआ जिसभे जल जंगल जमीन के लिए लड़ रहे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन भी सम्मिलित हुये । सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक नेहरु चौक के पास धरना आयोजित हुआ और सभी ने एक स्वर में खनन के अनुमति देने पर आक्रोश व्यक्त किया एवं कोल ब्लाक आंबटन को तत्काल वापस लेकर वृक्षो के कटाई पर रोक लगाने की मांग की ।
क्रांति सेना के बिलासपुर जिला संयोजक ठा.शैलु छत्तीसगढ़िया ने बताया कि कार्पोरेट घराने के मुनाफे के लिए जंगल को काटा जायेगा तो इन जंगलो पर आश्रित लाखों छत्तीसगढ़िया कहां जायेगें ? इन आदिवासियों के साथ साथ वहां निवासरत हजारो प्रजाती के जीव जंतु भी बेघर हो जायेगे । साथ ही यह क्षेत्र हसदेव बांगो डेम का जलग्रहण क्षेत्र है एवं इसी क्षेत्र से अहिरन नदी निकलती है जिससे बिलासपुर शहर को भी पानी देने की योजना है । तो जंगल ही नही रहेगा तो इस डेम और नदी में पानी कहां से आयेगा और ऐसी दशा में संभाग के करोड़ो छत्तीसगढ़िया के खेत को पानी का भी संकट होगा , भुखमरी का हालात पैदा हो जायेगे अतः सरकार अविलंब इस कृत्य को रोके ।
वही संगठन के सरकँडा क्षेत्र प्रभारी कृतज्ञ पटेल ने बताया कि इस महासंकट के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनो बराबर के जिम्मेदार है और ऐसा लगता है कि दोनो दल मिलकर आम जनता को लुटने में लगी क्योकि आश्चर्यजनक ढंग से राज्य के विपक्षी भाजपा पार्टी भी इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुये है और आम जनता , संगठनों को विपक्ष का भुमिका निभाकर सरकार के नीतियों का विरोध करना पड़ रहा है ।
इस धरने में सामाजिक कार्यकर्ता प्रथमेश मिश्रा, सुमित श्रीवास्तव , संजय कुमार , पुनीराम सुर्यवंशी , रविन्द कौशिक, अंकित मरावी , अजय चंदेल समेत दर्जनों लोग शामिल हुये ।





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