हसदेव जंगल बचाने के लिए विभिन्न संगठनों , पर्यावरण प्रेमी के साथ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भी हुआ शामिल । सरकार को दिया संदेश ।
बिलासपुर। मध्य भारत का फेफड़ा कहे जाने वाले हसदेव जंगल को बचाने की मुहिम तेज होती जा रही है , आज छत्तीसगढ़ सहित भारत के विभिन्न जगहों पर हसदेव बचाओ के बैनर पोस्टर तख्ती के साथ पर्यावरण प्रेमियों ने प्रर्दशन किया । और इसी कड़ी में बिलासपुर शहर में भी विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में मानव श्रृंखला का निर्माण करके सभी ने इस अरण्य को बचाने के लिए एक सूर में राज्य एवं केन्द्र सरकार को गुहार लगाई । इस अवसर पर शहर के गणमान्य नाखरिक, पर्यावरण प्रेमी , डाक्टर्स , इंजीयनियर , छात्र एवं अपेक संगठन समिल्लित हुये।
प्रदर्शन में पहुचे अपने सेनानिया के साथ पहुचे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि इस जंगल को कटने से बचाना ही होगा नही तो हमारे मानव जीवन , जीव जंतु , खेत खलिहान , आदिवासी संस्कृति , जैव विविधता को महासंकट का सामना करना पड़ेगा । वही संगठन के जिला संयोजक ठा. शैलु छत्तीसगढ़िया ने कहा कि अगर सरकार हमारी बात नही मानेंगे तो हम एक बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
पर्यावरण प्रेमी प्रथमेश मिश्रा ने कहा यह क्षेत्र मिनीमाता बांगो डेम और अहिरण नदी का जलग्रहण क्षेत्र है । अगर यहां वृक्षों का काटा गया तो जांजगीर , रायगढ़ , कोरबा , बिलासपुर के लगफग 1 करोड़ आबादी सीधा प्रभावित होंगे और पुरा भारत का भी तापमान का बढ़ना निश्चित है ।
इस अवसर पर नंद कश्यप , गांधीवादी संतोष सिंघानी , अंकित मरावी , कृज्तज्ञ पटेल समेत दर्जनों नागरिकों ने प्रदर्शन किया





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