सरकार की अनदेखी से प्रताड़ित विद्या मितान शिक्षकों (अतिथि शिक्षक) ने घोषणा पत्र में किए नियमितीकरण के वादे को पूरा करने रखी मांग : मिले विधायक धनेंद्र साहू से
रायपुर । विगत चार वर्षों से नवीन जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही सहित प्रदेश के समस्त अनुसूचित जिलों में शिक्षा की अलख जगाने वाले लगभग 2500 विद्या मितान शिक्षक (जिसको वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अतिथि शिक्षक नाम दिया है ) अब तक अपने सुरक्षित भविष्य हेतु बेहद ही चिंतित हैं, गत 5 माह से वेतन न मिलने से परिवार चलने का संकट खड़ा हो गया है, ज्ञात हो वर्तमान कांग्रेस सरकार के आने से इनमें सुरक्षित भविष्य की आस बंधी है,क्योंकि छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया स्वयं भूपेश बघेल जी के साथ स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ,आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल सहित तमाम मंत्री एवम् विधायकों ने चुनाव पूर्व इन शिक्षकों से नियमितीकरण करते हुए सुरक्षित भविष्य का वादा कर, पत्र लिखते हुए घोषणा पत्र में भी नियमितीकरण का वादा किया था, पूर्व में भी ईदगाह भाठा मैदान में नियमितीकरण हेतु धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान वर्तमान के तमाम नेता मंत्री गण सरकार बनने के दस दिन के भीतर जायज मांगो का समर्थन करते हुए नियमितीकरण का वादा करते हुए अनशन तुड़वाया था, इस संदर्भ में समय समय पर विधान सभा में सवाल उठते रहे हैं,
वर्तमान स्थिति यह है कि जहां अन्य नियमित शिक्षकों के द्वारा बेहतर परिणाम मिलने पर उन्हें विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जाता है, वहीं इन शिक्षकों को बेहतर परिणाम लाने के बावजूद प्रति वर्ष सत्र के अंत में सेवा से पृथक कर दिया जाता है, जो कि इनके मानसिक तनाव का कारण बनता है, और गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, इस स्थिति को अवगत कराते हुए इन शिक्षकों ने माननीय विधायक धनेंद्र साहू जी को ज्ञापन सौंपे, उन्होंने समस्या को मुख्यमंत्री जी से चर्चा कर निराकरण का आश्वासन दिया।







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