छत्तीसगढ़ म महतारी भाखा म होही पढ़ाई.. नवा शिक्षा नीति 2020 महतारी भाखा म रोजगार के गोठ हवय सब्बो डहर-
हमर छत्तीसगढ़ राज म कई बछर ले लईका मन ल महतारी भाखा म पढ़ाई लिखाई के मांग रहिस हवय जेन ह अब केंद्र सरकार कोती ले जारी नवा शिक्षा नीति 2020 ले रास्ता खुल गे हे, केंद्र सरकार के संगे- संगे हमर छत्तीसगढ़ सरकार ह घलोक राज्य स्थापना दिवस के बेरा म पूरा छत्तीसगढ़ राज म प्राथमिक शिक्षा म लईका मन ल पढ़ाये के घोसणा करे रहिस हे, जेन ल अवइया नवा सत्र ले सुरुवात करही, अब हमर राज म अतका संघर्ष करे के बाद छत्तीसगढ़ म महतारी भाखा म पढ़ाई होही।
महतारी भाखा म रोजगार के अवसर:-
अब गोठ ये सोचें लायक हवय की महतारी भाखा म पढ़ाई होही त महतारी भाखा म पढ़ाई करइया लईका मन ल रोजगार कइसे मिलही, काबर की छत्तीसगढ़ी म पढ़ाई के संगे-संग अभी के दाई-ददा मन अपन लईका ल अंग्रेजी इस्कूल म पढ़ाये बर जादा विचार करथे, काबर के अभी के बेरा म लईका मन अंग्रेजी नइ पढीन त अइसे मानथे की लईका मन के विकास नई हो सके। लईका मन ल रोजगार नई मिल सकें। अपन छत्तीसगढ़ राज म छत्तीसगढ़ी बोलइया लईका मन ल प्राथमिकता के सवाल हे नइ होवय, त लईका मन प्राथमिक शिक्षा म छत्तीसगढ़ी पढ़ के अग्घु कइसे अंग्रेजी ले लड़ही जब तक सब्बो समस्या ल सुलझा के भाखा के पढ़ाई स्कूल मन म नइ कारवाही तब तक छत्तीसगढ़ के भाखा अउ छत्तीसगढ़ के लईका दुनों के विकास नइ हो सकें, काबर के प्राथमिक शिक्षा म पढ़े के बाद लईका ल कभू इस्कूल ल पढ़ाई म महतारी भाखा के मुख ल नइ देखे बर मिलय।
महतारी भाखा म पढ़ाई लिखाई के रददा आसन नई हे,
हमर छत्तीसगढ़ ह छोटे भारत देश असन हवय इंहा सब्बो जाती धर्म भाषा वाले मनखे मन निवास करथे, इंहा थोड़किन दुरिहा म मनखे के बोली पहनावा ह बदल जाथे, अइसने म सब्बो छत्तीसगढ़ ल भाषा के आधार म स्कूल म पढ़ाई करवाना कोनो आसान गोठ नोहे, काबर की लईका ल महतारी भाषा म गोठियाये बर सिखाये के बुता नइ करे जाए, लईका ह अपन घर म रहिके अपन महतारी भाषा ल खुद गोठियाये बर सिख जाथे। फेर हमर छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी के संग गोंडी हल्बी, कुरुख अउ अब्बड़ अकन भाखा हवय जेला महतारी भाखा के रूप म सब्बो लईका मन गोठियाथे।
छत्तीसगढ़ी म एम.ए के पढ़ाई- छत्तीसगढ़ राज म जूना कई बछर ल छत्तीसगढ़ी भाखा म एम.ए छतीसगढ़ी पढ़ाये म मांग होत रहिस हे, तेहु ह अब रविशंकर विश्वविद्यालय म सुरु हो गे हे, अब छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया लईका मन अपन महतारी भाखा म एम ए के पढ़ाई कर सकथे, फेर येहू म एक ठन बढ़ सांसों के बात हवय की पढ़ाई तो हो जही फेर ये लईका मन ल रोजगार कोन दिही एक ठन विद्यालय म पढ़ाई होये ले लईका मन ल रोजगार कइसे मिलही, इंहा तो छत्तीसगढ़ी ह राज काज के भाखा घलोक नई बन पावत हे, छतीसगढ़ी बोलाइया लिखइया लईका मन ल कोनो बुता म प्राथमिकता घलोक नई देवत हे अइसने में हाथ म एम ए छतीसगढ़ी के डिग्री धरे लईका मन गोबर बेचें के बुता करही त अब्बड़ निंदनीय बात हवय हमर राज बर अउ येही ल समझ के अपन भाषा ल आघु बढ़ाये बर सब्बो ल छत्तीसगढ़ म छतीसगढ़ी ल आघु बढ़ाये ल लगही।
छत्तीसगढ़ी म पढाई अउ भाषा के दुर्दशा- छत्तीसगढ़ी ल पढ़ाई होवत हे हिन्दी माध्यम म
छत्तीसगढ़ राज म ओखर भाखा के पिछड़े के सबले बड़े कारण हवय की कोनो भी ह मिल के भाषा के एक रूपता नई बना पात हे, जइसे जइसे उद्धव वइसने माधव वाला गोठ चलत हे, छत्तीसगढ़ बर येखर ले जादा लाज के गोठ का होही के इंहा छत्तीसगढ़ी भाखा ल घलोक हिंदी माध्यम म पढ़ावत हे, अइसने म छतीसगढ़ी ह छत्तीसगढ़ म कइसने अपने ठीहा बना पहि।
जहाँ लईका के महतारी भाखा ह छत्तीसगढ़ी हवय लईका ह जनाये के बाद छत्तीसगढ़ी म गोठियाथे, वइसने राज म लईका के महतारी भाखा के माध्यम हिन्दी ल लिख दे हे, हिंदी हमर बढ़ी दाई के भाखा हवय फेर हमर छतीसगढ़ी दाई के भाखा ह तो छतीसगढ़ी हवय तेखर बाद भी हमर महतारी भाखा ल हिन्दी हे कहिने वाला लिखने वाला मनखे मन अपन ग्यान ल झोली ल थोड़किन बने असन देख लुहु कहु मुसवा के कुतर तो नई दे हे जिन्हा ले छत्तीसगढ़िया वाद अउ छत्तीसगढ़ी भाखा ल बोहाये लगिस हे, अउ हिन्दी ल पोटार के धरत जात हे अइसने झोला ल चिर दे म ही सब्बो के भलाई हे।





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