पुण्यतिथी मँ लक्ष्मण मस्तुरिया को क्रांति सेना ने किया याद । मस्तुरी में उनके नाम पर चौक बनाने प्रस्ताव पारित ।
बिलासपुर/मस्तूरी । जनकवि , राजकवि , गांव गरीब की आवाज और अपने रचनाओ से छत्तीसगढ़ियों को जगाने वाले महान शाख्सियत लक्ष्मन मस्तुरिया के तीसरी पुण्यतिथी पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन द्वारा उन्हे याद किया गया एवं इस अवसर पर मस्तुरिया के पैतृक जन्मभूमी मस्तुरी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया एवं सर्वसम्म्ति से निर्णय लिया गया है इस असाधारण व्यक्तित्व के यादों को अक्षुण रखने के लिए मस्तुरी में इनका एक भव्य प्रतिमा की स्थापना की जायेगी एवं राज्य सरकार से भी संगठन ने मांग रखी कि मस्तुरिया जी के नाम पर कोई बडे घोषणा करे एवं रायपुर , बिलासपुर, मस्तुरी में उनके भव्य प्रतिमा बनाये जाये । क्योकिं अभी तक उनको वो सम्मान नही मिला जिसका वो वाजिब हकदार थे ।
इस अवसर पर संगठन के जिला संयोजक ठाकुर शैलू छत्तीसगढीया न कहां मस्तुरिया ने सोये हुये छत्तीसगढ़ियों के जगाने का कार्य किया। उनके बताये रास्ते पर चलकर छत्तीसगढ़ियों के विकास के लिए हमे कार्य करना है ।
वही नितिश बंजारे ने कहां कि मस्तुरिया जी को असली सम्मान तभी मिलेगा जब छत्तीसगढ़ी को कामकाज, पढ़ाई लिखाई की भाषा बनाया जाये , तभी छत्तीसगढ़ियों का उनके सपना अनुसार वास्तविक विकास होगा।
अश्विनी गोयल आभार व्यक्त करते हुए सभी को संबोधित किया व सदस्यता ग्रहण करवाया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कृष्णा कौशिक, जिला उपाध्यक्ष अनिल कुमार पाली, , सर्वेश सुमन ( सामाजिक कार्यकर्ता ) विकास मधुकर, ब्लाक सचिव मस्तूरी नितिश बंजारे, सुनिल कश्यप,सुरज धनगर, , पंच अनिल सुमन,लोकेश डहरे, विकास मधुकर ,धनजय डहरे,शसतृहन, नवीन बंजारे,छोटू,नरेश अंजोर, पंचकुमर सुमन , शिवा डी जे , समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे ।




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