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| #हसदेव जंगल |
जल,जंगल,जमीन ल कोयला बर उजाड़त हे,
छत्तीसगढ़ के सुग्घर भुइँया ल कोयला खदान बनावत हे।
धान के भरे भंडार ले छत्तीसगढ़ के चिन्हा हवय,
तेला करिया भुइँया जइसे बंजर बनावत हे।
रुख-राई ह जइसने-जइसने कटावत जात हे,
तइसने मनखे के जिनगी ह घलोक सिरावत जात हे।
जंगल के होवत विनास ले, जीव परानी होवत हलकान हे।
जंगल हे त हरियर भुइँया हे, सुग्घर हवा के आस हे।
#savehasdeo
युवा कवि साहित्यकार
अनिल कुमार पाली, तारबाहर बिलासपुर






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