
Anil kumar pali

#हसदेव_बचाव
मोर पीरा ल काबर नइ जानत हव,
हरियर भुइँया ल कइसे उजाड़त हव।
गददी म बइठे बेईमान के पेट भरे बर,
छत्तीसगढ़ के जंगल ल, बली चढ़ावत हस।
कइसे छत्तीसगढ़िया बेटा हस तैं,
माटी के मया ल थोड़कुन नइ जानत हस
छत्तीसगढ़ के जल,जंगल,जमीन ल,
पइसा के आघु बंजर-खदान बनावत हस।
#savehasdeo
युवा कवि साहित्यकार
अनिल कुमार पाली, तारबाहर बिलासपुर





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