राज्य और केन्द्र सरकार निर्णय वापस ले
नही तो विवश होकर करेंगे असाधरण
आंदोलन ।
बिलासपुर । जल जंगल जमीन के लिए लड़ रहे संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के द्वारा हसदेव जंगल को कटने से बचाने एवं कोयले के नाम पर आदिवासियों के विस्थापन, पर्यावरण के विनाश को लेकर प्रदेश के लगफग सभी जिला में जिलाधीश को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा गया और इसी कड़ी में बिलासपुर जिला संगठन के द्वारा भी बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन देकर राष्ट्रपति से मार्मिक गुहार लगाया गया ।
इससे पहले संगठन के प्रदेश कोर कमेटी ने प्रभावित क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया था और पाया कि वहां कोयले के खदान खुलने से वहां के रहवासियों के साथ साथ पुरे छत्तीसगढ़ के पारिस्थिकी तंत्र पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ेगा । वन्य के साथ साथ बिलासपुर संभाग के समस्त जिलों के कृषिगत ढांचा पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा । और छत्तीसगढ़ समेत पुरा मध्य भारत भी प्रभावित होंगे।
इस अवसर पर महिला क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि इस सघन वन को बचाने के लिए पुरे प्रदेश भर में जगह जगह विरोध हो रहा है । प्रदेश और केन्द्र सरकार को यह कटाई रोकना ही चाहिये । नही तो पर्यावरण के भंयकर नुकशान के साथ साथ मुल निवासियों के भाषा संस्कृति पर भी इसका प्रतिकुल प्रभाव पड़ेगा ।
जिलाध्यक्ष कृष्णा कौशिक ने कहा कि इस जंगल के कटने से पुरे मानव समाज पर संकट आयेगा राज्य और केन्द्र सरकार से हम लगातार गुहार लगा रहे है, न्यायपालिका के भी शरण में है,अतः सरकार जनभावना को ध्यान म रखकर निर्णय वापस ले । नही तो हम विवश होकर एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसका जिम्मेदार दोनों सरकार होंगे।
इस अवसर पर ठा. शैलु श्रीवास, अनिल पाली, कृष्ण कौशिक, परसराम, सुमित टंडन, बलराम साहू, दीपक कौशिक, संजय यादव, पुनिराम सूर्यवंशी, सुनिल मानिकपुर, लता राठौड़,अश्वनी गोयल, समेत संगठन के दर्जनों सेनानी उपस्थित रहे ।





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