बस्तर म बस बस्तरिया मनखे नइ मरे हे छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया अस्मिता मरे हे।

 बस्तर म बस बस्तरिया मनखे नइ मरे हे छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया अस्मिता मरे हे।




जिन्हा एक कोती छत्तीसगढ़ म एक थपडा अउ मोबाइल टूटे ले पूरा छत्तीसगढ़ के मनखे मन ओखर निंदा करत हे, वोही म दूसर कोती बस्तर म अपन प्राण देवइया आदिवासी मनखे मन के चीख पुकार ल कोनो राजनीतिक पार्टी ह अपन आवाज नई बना सकीस, त का बस ये मन इंहा दिखावा कर के राज करे बर आये हे अइसे का होंगे हे छत्तीसगढ़ म की इंहा के वन ल अपन देंवता मानने वाला मनखे मन ल विरोधी मान के उंखर हत्या कर दिए जाथे, अपन समाज ल बचाना अपन, संस्कृति ल बचाना अपन निवास ल बचाना, कोन सा बड़े अपराध हो गे। बस्तर के गोली कांड म कोई बस्तरिया मनखे या आदिवासी मनखे ल गोली नइ मारे हे, बस्तर म तो "एक छत्तीसगढ़िया" मनखे ल गोली मारे हे, जेखर पुकार ह राजनीतिक पार्टी के कान म घलोक नइ रेंगत हे।

ये कोनो एक बार के गोठ नइ हवय की बस्तर म अइसे कुछू होये हे येखर से पहली भी बस्तर म कई घव ये समस्या आये हे जेमा बस्तर के निवासी अउ पुलिस कर्मी मन आमने सामने आये हे। 

क्षेत्रीय विकास के लिए क्षेत्रीय पार्टी की है आवश्कता   अब छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढियावादी सरकार चाही।

बस्तर एक समृद्ध क्षेत्र हवय जहाँ के वन संपदा के संगे-संग उंहा के संस्कृरीति पूरा विश्व म परसिद्ध हे, अउ अइसे समृद्धि संस्करीति म पूरा कॉरपोरेट जगत के आँखी गड़े हे कि कब भेड़िया असन उंहा के संपदा ल अपन शिकार बना के बस्तर ल लूट लन, अउ येखरे सेती उंहा के मनखे मन ल अपन जल जंगल जमीन अउ अपन हक अउ अधिकार ल बचाये बर सड़क के लड़ाई लड़े ल लगथे। अपन अधिकार बर अपन जमीन कोनो मनखे लड़थे त वोला राज्य विरोधी नइ कहें जाए, अपन हक अधिकार बर अपन सम्मान बर लड़े ले समाज ह सुधारथे।


युवा कवि साहित्यकार, समाज सेवी
अनिल कुमार पाली, तारबाहर बिलासपुर छत्तीसगढ़





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