मय तो आदिवासी हंव अमित कुमार गाड़ाघाट-पाण्डुका

           मय तो आदिवासी हंव



कोल भील संवरा भुंजिया, अउ हावन कंवर कमार।

बइगा हलबा मुड़िया माड़िया, भतरा अउ बिंझवार।।

किसम किसम जनजाति मन, संस्करिति हमर बचाबो।

अपन कला अउ रहन सहन ले, जग म नाव चलाबो।।


सूरवीर अउ पराक्रमी, जेन पुरखा दिस बलिदान हे।

वो पुरखा के नाव ले, मोर भुंइया के पहिचान हे।।

आदिवासी नाव होये के, हमसब ला अभिमान हे।

शिक्षित अउ संगठित होये ले, बाढ़त अब सम्मान हे।।


जल जंगल के रखवाला भुंइया के मूलनिवासी हंव।

सीधा सादा सबके हितवा, मय तो आदिवासी हंव।।

आदिवासियों को हक अधिकार की प्रेरणा देने बनाया गया वीडियो एल्बम- "जल जंगल जमीन"




अमित कुमार, गाड़ाघाट-पाण्डुका

जिला गरियाबंद (छ.ग.)

मो.न.- 9399910605

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