छत्तीसगढ़िया मन छत्तीसगढ़ी भासा म
लिखव तीज-तिहार, छट्टी-बरही, बिहाव-
नेग-जोंग के नेवता ल- अनिल कुमार
पाली
छत्तीसगढ़ म रहईया छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़िया मनखे मन ल अपन संस्करीति ल सब्बो कोती बगराना चाहि, कोनो भी तीज-तिहार के बेरा म नेवता ल अपन भासा संस्करीति म लिखे के बगराये के अवसर ल कभू नइ भुलाना चाहि, जइसे-जइसे हमन सब्बो कोती अपन बोली भासा ल लिखे बोले कि चलन ल बगराबो त पूरा प्रदेश म हमर बोली भासा ह मनखे के मुख म बसे रही, अउ मुख म बसे के संगे-संग लिखे म घलोक आसनी होही, अइसने म अभी के बेरा म छत्तीसगढ़ म सब्बो कोती बिहाव के नेंग -जोंग माढ़ही, जेमा सगा सोहरत ल अपन घर के कोनो भी कार्यक्रम म बलाए बर घर के बिहाव म बलाए बर किसिम -किसिम के कारर्ड घर के सियान लईका मन छपवाथे, जेमा सब्बो परिवार के मनखे मन के सियान मन के नाव ल लिखवाथे, अउ तो अइसने घलोक सुने ल मिलथे की सगा संबंधी मन ल नाव ल कारर्ड म नइ छपवाए ल सगा मन घलोक रिसा जाथे अउ बिहाव म नइ आए त ए सब बाहरी परंपरा ल हमर छत्तीसगढ़ म लाके लादे गे हे, त आप मन ये सब ले दुररिह रही के अपन घर म होवइया बिहाव के कारर्ड ल अपन भासा छत्तीसगढ़ी म बढ़ सुग्घर छपववो जेन ह पढ़े के संगे-संग देखे म घलोक सुग्घर लगही। अपन बोली भासा ह कोनो कोती लिखाए देखे म बने लागथे, अउ अपन बोली भासा संस्करीति ल सब्बो कोती बगराना सब्बो छत्तीसगढ़िया मन के हक अधिकार अउ सम्मान सब्बो हवय ।
त आप सब्बो संगवारी मन से निवेदन हवय की अपन घर परिवार म होवइया कोनो भी तिहार के नेवता ल छट्टी- बरही के नेवता ल सबले परमुख बिहाव के नेवता के कारर्ड ल अपन भासा छत्तीसगढ़ी म लिखव अउ छपववो, छतीसगढ़ी भासा म कुछु नेवता लिखे म भासा के बने शब्द ल जाने म अउ कोनो भी संगवारी ल छत्तीसगढ़ी म कारर्ड लिखे अउ छपवये म कोनो परेसानी होही त मोर से संपर्क करहु आप के सहयोग कर के मोला अब्बड़ खुशी होही।
युवा कवि साहित्यकार
अनिल कुमार पाली
तारबाहर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
मो.न:- 7722906664,7987766416
ई-मेल:- anilpali635@gmail.com
युवा कवि साहित्यकार
अनिल कुमार पाली
तारबाहर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
मो.न:- 7722906664,7987766416
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